बर्फीली सड़क पर फिसलती महिंद्रा स्कॉर्पियो और टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी का दृश्य

बिना तैयारी बर्फ में ड्राइविंग का दिखा अंजाम, कैरम की गोटियों की तरह फिसली Scorpio और Fortuner

“हिमाचल प्रदेश के मनाली में भारी बर्फबारी के बीच वायरल वीडियो में महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन और टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी एसयूवी बर्फीली सड़कों पर फिसलती नजर आईं, जहां वाहन अनियंत्रित होकर खाई के किनारे पहुंच गए; घटना से कोई हताहत नहीं, लेकिन अधिकारियों ने पर्यटकों को चेन लगाने और 4×4 वाहनों का उपयोग करने की सलाह दी।”

हिमाचल प्रदेश के मनाली क्षेत्र में हालिया भारी बर्फबारी ने पर्यटकों के लिए खतरे बढ़ा दिए हैं। एक वायरल वीडियो में महिंद्रा बोलरो एसयूवी बर्फीली ढलान पर अनियंत्रित होकर नीचे की ओर फिसलती दिखी, जो सफेद टाटा हैरियर.ईवी से टकरा गई। इसके तुरंत बाद, एक टोयोटा फॉर्च्यूनर खाई के किनारे पर लटक गई, जहां उसका पिछला दाहिना पहिया हवा में झूल रहा था। भीड़ की मदद से हैरियर.ईवी को नीचे उतारने की कोशिश की गई, लेकिन वह भी फिसलकर नीचे चली गई। पास ही एक काली महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन किसी तरह संतुलन बनाए रख पाई, लेकिन फॉर्च्यूनर जितनी खतरनाक स्थिति में नहीं पहुंची।

यह घटना कुफरी और शिमला के आसपास की सड़कों पर ब्लैक आइस की वजह से हुई, जहां बर्फ जमकर चिकनी सतह बन जाती है। वीडियो में दिखाया गया कि ड्राइवरों ने काउंटर-स्टीयरिंग की कोशिश की, लेकिन बिना तैयारी के वाहन नियंत्रण से बाहर हो गए। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि जनवरी 2026 में भारी हिमपात के कारण कई जिलों में यातायात जाम और फिसलन वाली सड़कें आम हो गई हैं। मनाली में केवल 4×4 वाहनों को अनुमति दी जा रही है, जबकि दृश्यता कम होने से अनावश्यक यात्रा पर रोक लगाई गई है।

ऐसी घटनाओं से बचने के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बर्फीली सड़कों पर ड्राइविंग से पहले वाहन में स्नो चेन लगाएं, टायर प्रेशर कम रखें और स्पीड को 20-30 किमी/घंटा से नीचे रखें। वीडियो में फिसलने वाली एसयूवी 4×2 मॉडल थीं, जो बर्फ में ट्रैक्शन नहीं बनाए रख पातीं। उत्तर भारत में उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गए हैं, जिससे वाहन फंस रहे हैं। एक अन्य वीडियो में ऑडी कार बर्फ में फंसकर वैगन-आर से टकरा गई, लेकिन ड्राइवर ने किसी तरह वाहन निकाल लिया।

बर्फीली ड्राइविंग में आम गलतियां और समाधान

गलतीकारणसमाधान
बिना स्नो चेन के ड्राइविंगट्रैक्शन की कमी से फिसलनसभी पहियों पर चेन लगाएं, खासकर ढलान पर
तेज स्पीडब्लैक आइस पर ब्रेक फेलस्पीड 20 किमी/घंटा से कम रखें, इंजन ब्रेकिंग का उपयोग करें
4×2 वाहनों का इस्तेमालबर्फ में पकड़ नहीं बनती4×4 मॉडल चुनें या टूरिस्ट बसों का सहारा लें
टायर प्रेशर ज्यादा रखनासतह पर ग्रिप कमप्रेशर 25-30 PSI तक कम करें
अचानक ब्रेक लगानावाहन अनियंत्रित हो जाता हैधीरे-धीरे ब्रेक लगाएं, ABS का फायदा उठाएं

ये गलतियां मनाली जैसे इलाकों में जानलेवा साबित हो सकती हैं, जहां सड़कें संकरी और ढलान वाली होती हैं। वीडियो में फॉर्च्यूनर का पिछला पहिया खाई में लटकना इसी का उदाहरण है। अधिकारियों ने पर्यटकों को सलाह दी है कि मौसम अपडेट चेक करें और लोकल गाइड की मदद लें। शिमला में 23 जनवरी 2026 को भारी हिमपात के दौरान स्कॉर्पियो-एन स्नो स्टॉर्म में फंस गई, जहां नॉन-स्टॉप ड्राइव से स्थिति बिगड़ी।

सुरक्षा टिप्स: बर्फ में एसयूवी चलाने के लिए

वाहन तैयारी: इंजन ऑयल को ठंडे मौसम के लिए चेंज करें, बैटरी चेक करें और एंटी-फ्रीज इस्तेमाल करें।

ड्राइविंग तकनीक: ढलान पर लो गियर में रहें, स्टीयरिंग को धीरे मोड़ें और फिसलन पर ब्रेक न लगाएं।

आपातकालीन किट: चेन, शॉवेल, टॉर्च और वार्म क्लॉथ्स साथ रखें।

ट्रैफिक नियम: लोकल प्रशासन के निर्देश मानें, जैसे मनाली में 4×4-only जोन।

वैकल्पिक विकल्प: यदि अनुभव नहीं, तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट या कैब चुनें।

इन टिप्स से ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है, जैसा कि वायरल क्लिप में दिखा जहां वाहन कैरम की गोटियों की तरह एक-दूसरे से टकराते रहे। कुफरी मार्केट में ब्लैक आइस से कई वाहन फिसले, जिसमें इनोवा भी क्षतिग्रस्त हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 की सर्दी में हिमालयी क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, क्योंकि पर्यटक बिना तैयारी पहुंच रहे हैं।

प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति

क्षेत्रमौसम स्थितिप्रभाव
मनालीभारी बर्फबारी, ब्लैक आइससड़कें बंद, वाहन फंसे, पर्यटक फंसे
कुफरीस्नो स्टॉर्म, कम दृश्यतायातायात जाम, 4×4 अनिवार्य
शिमलालगातार हिमपातराजमार्ग प्रभावित, दुर्घटनाएं बढ़ीं
उत्तराखंडबारिश के साथ बर्फराष्ट्रीय राजमार्ग बंद
जम्मू-कश्मीरठंडी लहरवाहन फिसलन, ट्रैफिक स्नार्ल

ये आंकड़े मौसम विभाग की रिपोर्ट पर आधारित हैं, जो दिखाते हैं कि उत्तर भारत में सूखे मौसम के बाद अचानक बर्फबारी से चुनौतियां बढ़ी हैं। वीडियो में दिखी फॉर्च्यूनर की स्थिति से साफ है कि हाई-एंड एसयूवी भी बर्फ में असहाय हो सकती हैं। ड्राइवरों को ट्रेनिंग की जरूरत है, जैसे काउंटर-स्टीयरिंग और रिकवरी तकनीक।

वाहनों की तुलना: बर्फ में प्रदर्शन

महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन: 4×4 वेरिएंट में बेहतर ट्रैक्शन, लेकिन 4×2 में फिसलन आसान; इंजन पावर 200hp, लेकिन बर्फ में स्पीड कंट्रोल जरूरी।

टोयोटा फॉर्च्यूनर: मजबूत बॉडी, लेकिन बिना चेन के ब्लैक आइस पर असफल; 4×4 मोड में स्थिरता, लेकिन ढलान पर खतरा।

तुलना: दोनों में ABS और ESP फीचर्स हैं, लेकिन बर्फ में स्नो टायर जरूरी; स्कॉर्पियो की ग्राउंड क्लियरेंस ज्यादा (230mm vs 225mm), लेकिन फॉर्च्यूनर की टॉर्क बेहतर (500Nm)।

ऐसी घटनाओं से सीख लेकर पर्यटक अब स्नो चेन किराए पर ले रहे हैं, जो लोकल दुकानों में 500-1000 रुपये में उपलब्ध हैं। वीडियो की लोकप्रियता से जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अभी भी कई बिना तैयारी पहुंचते हैं।

Disclaimer: यह लेख समाचार रिपोर्टों, घटनाओं और सलाह पर आधारित है; स्रोतों का उल्लेख नहीं किया गया है।

Scroll to Top