“ओपनएआई ने अमेरिका में ChatGPT के फ्री और Go यूजर्स के लिए ऐड टेस्टिंग शुरू कर दी है, जिससे फ्री एक्सेस को सपोर्ट करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन Anthropic ने इसे AI चैट में ऐड्स का गलत कदम बताते हुए Super Bowl ऐड्स के जरिए तंज कसा है, जिससे यूजर ट्रस्ट पर सवाल उठ रहे हैं।”
ओपनएआई-Google ने शुरू की Ad मॉडल की टेस्टिंग, Anthropic ने माना गलत
ओपनएआई ने 9 फरवरी 2026 से अमेरिका में ChatGPT के अंदर स्पॉन्सर्ड ऐड्स की टेस्टिंग शुरू कर दी है। यह टेस्ट केवल लॉग्ड-इन एडल्ट यूजर्स के लिए है जो फ्री टियर या नए $8 प्रति माह वाले Go सब्सक्रिप्शन पर हैं। Plus, Pro, Business, Enterprise और Education टियर्स वाले यूजर्स को कोई ऐड नहीं दिखेगा।
ऐड्स चैटGPT के जवाबों के नीचे अलग सेक्शन में दिखाई देते हैं, स्पष्ट रूप से ‘Sponsored’ लेबल के साथ और विजुअली अलग रखे जाते हैं। कंपनी का कहना है कि ये ऐड्स ChatGPT के जवाबों को प्रभावित नहीं करते और यूजर की बातचीत को प्राइवेट रखा जाता है, यानी ऐडवरटाइजर्स को कन्वर्सेशन नहीं दिखाया जाता। ऐड्स को यूजर की मौजूदा बातचीत, पिछले चैट्स और ऐड इंटरैक्शंस के आधार पर मैच किया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई रेसिपी सर्च कर रहा है तो मील किट या ग्रॉसरी डिलीवरी के ऐड्स दिख सकते हैं।
ओपनएआई का उद्देश्य इन ऐड्स से रेवेन्यू जेनरेट करना है ताकि फ्री एक्सेस को ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके और ज्यादा पावरफुल फीचर्स उपलब्ध कराए जा सकें। कंपनी ने पहले जनवरी 2026 में ऐलान किया था कि ऐड्स टेस्टिंग जल्द शुरू होगी, और अब यह लाइव हो चुकी है। शुरुआत में संवेदनशील टॉपिक्स जैसे मेंटल हेल्थ या पॉलिटिक्स पर ऐड्स नहीं दिखेंगे, लेकिन भविष्य में जिम्मेदारी से इन पर भी विस्तार की योजना है।
Adobe जैसी कंपनियां इस पायलट प्रोग्राम में पार्टनर बनकर शामिल हुई हैं, जहां वे ब्रांड विजिबिलिटी और कस्टमर एंगेजमेंट के लिए ओपनएआई के साथ काम कर रही हैं। टेस्टिंग के दौरान यूजर्स को ऐड्स पर फीडबैक देने और उन्हें डिसमिस करने का ऑप्शन मिलेगा। अगर कोई ऐड्स नहीं देखना चाहता तो फ्री टियर में कुछ लिमिट्स के साथ ऑप्ट-आउट कर सकता है या Plus/Pro पर अपग्रेड कर सकता है।
दूसरी तरफ, Anthropic ने ओपनएआई के इस कदम को गलत ठहराया है। Anthropic के Claude चैटबॉट को ऐड-फ्री रखने का वादा करते हुए कंपनी ने Super Bowl LX के दौरान मिलियंस डॉलर खर्च कर ऐड कैंपेन चलाया, जिसमें ChatGPT में ऐड्स को ‘बेट्रेयल’ बताते हुए दिखाया गया कि AI कन्वर्सेशन में ऐड्स कैसे यूजर एक्सपीरियंस खराब कर सकते हैं। एक ऐड में यूजर फिटनेस पूछता है और AI बीच में ऐड डाल देता है, जबकि Anthropic का टैगलाइन था – “Ads are coming to AI. But not to Claude.”
इस कैंपेन के बाद Anthropic के डेली एक्टिव यूजर्स में 11% की बढ़ोतरी हुई और Claude ऐप Apple App Store के टॉप 10 फ्री ऐप्स में पहुंच गया। ओपनएआई के CEO Sam Altman ने Anthropic के ऐड्स को “funny” लेकिन “clearly dishonest” और “deceptive” बताया। उन्होंने कहा कि ओपनएआई कभी भी ऐड्स को Anthropic के दिखाए तरीके से नहीं चलाएगा और फ्री एक्सेस को बिलियंस लोगों तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है, जबकि Anthropic महंगे प्रोडक्ट्स रिच लोगों को बेचता है।
Anthropic के चीफ कमर्शियल ऑफिसर Gary Smith ने जवाब में कहा कि Claude में ऐड्स न रखना उनकी कांशस डिसीजन है क्योंकि ऐड्स मॉडल क्वालिटी और एफिकेसी से ध्यान भटकाते हैं। वे बिजनेस पर फोकस करते हैं, न कि ऐड रेवेन्यू पर।
यह विवाद AI इंडस्ट्री में बिजनेस मॉडल्स की लड़ाई को उजागर करता है। ओपनएआई ऐड्स से फ्री एक्सेस बढ़ाना चाहता है, जबकि Anthropic ऐड-फ्री रहकर ट्रस्ट और क्वालिटी पर जोर दे रहा है। Google के Gemini में भी 2026 में ऐड्स की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अभी कोई कन्फर्मेशन नहीं।
यह टेस्टिंग AI चैटबॉट्स के फ्यूचर को प्रभावित कर सकती है, जहां रेवेन्यू और यूजर ट्रस्ट के बीच बैलेंस सबसे बड़ी चुनौती बनेगा।
Disclaimer: यह एक न्यूज रिपोर्ट है। जानकारी उपलब्ध डेटा पर आधारित है और बदल सकती है।


