रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने ऑस्ट्रेलिया की गुडनेस ग्रुप ग्लोबल में बहुमत हिस्सेदारी हासिल की है, जो हेल्दी बेवरेज ब्रांड्स नेक्सबा और पेस को संचालित करती है। यह आरसीपीएल की पहली अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहण है, जो ऑस्ट्रेलियाई बाजार में प्रवेश को मजबूत करती है और वैश्विक गुणवत्ता वाले उत्पादों को किफायती दामों पर उपलब्ध कराने की रणनीति को आगे बढ़ाती है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपनी कंपनी की FMCG शाखा रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया में बड़ा निवेश किया है। RCPL ने सिडनी स्थित गुडनेस ग्रुप ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (GGG) में बहुमत हिस्सेदारी खरीद ली है। यह सौदा RCPL की पहली अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहण है, जो कंपनी को ऑस्ट्रेलियाई उपभोक्ता बाजार में मजबूत पैठ दिलाएगा। GGG ‘बेटर-फॉर-यू’ बेवरेज सेगमेंट में सक्रिय है और इसके प्रमुख ब्रांड्स में Nexba (शुगर-फ्री ड्रिंक्स) और PACE Water (एल्कलाइन वॉटर) शामिल हैं।
यह अधिग्रहण रिलायंस की वैश्विक विस्तार रणनीति का हिस्सा है, जहां कंपनी हेल्दी और इनोवेटिव प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है। RCPL का लक्ष्य वैश्विक स्तर की गुणवत्ता को किफायती कीमतों पर उपलब्ध कराना है, जो ऑस्ट्रेलियाई बाजार में बढ़ते हेल्थ-कॉन्शस उपभोक्ताओं की मांग से मेल खाता है। GGG की स्थापना 2012 में हुई थी और यह ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सुपरमार्केट्स जैसे Coles और Woolworths में उपलब्ध है। कंपनी की वार्षिक बिक्री लगभग 50 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर है, जिसमें Nexba ब्रांड की हिस्सेदारी 70% से अधिक है।
अधिग्रहण की मुख्य विशेषताएं:
हिस्सेदारी का प्रकार: RCPL ने GGG में बहुमत हिस्सेदारी (51% से अधिक) हासिल की है, जिससे कंपनी को ऑपरेशनल कंट्रोल मिलेगा।
ब्रांड्स का पोर्टफोलियो: Nexba में शुगर-फ्री सोडा, आइस्ड टी और स्पोर्ट्स ड्रिंक्स शामिल हैं, जबकि PACE Water प्रीमियम एल्कलाइन वॉटर है जो हाइड्रेशन और वेलनेस पर फोकस करता है।
बाजार प्रभाव: ऑस्ट्रेलियाई बेवरेज मार्केट में हेल्दी ऑप्शन्स की मांग 2025 में 15% सालाना बढ़ रही है, और यह अधिग्रहण RCPL को इस ग्रोथ से लाभ दिलाएगा।
रणनीतिक महत्व: यह कदम RCPL को ऑस्ट्रेलियाई सप्लाई चेन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क तक पहुंच प्रदान करेगा, जो आगे एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में विस्तार के लिए आधार बनेगा।
| विशेषता | विवरण | प्रभाव |
|---|---|---|
| कंपनी का नाम | Goodness Group Global Pty. Ltd. | ऑस्ट्रेलियाई बाजार में RCPL का प्रवेश द्वार |
| मुख्य ब्रांड्स | Nexba, PACE Water | हेल्दी बेवरेज सेगमेंट में 20% बाजार हिस्सेदारी |
| अधिग्रहण का मूल्य | अघोषित (अनुमानित 100-150 मिलियन AUD) | रिलायंस की FMCG विस्तार रणनीति को मजबूती |
| स्थापना वर्ष | 2012 | 10+ वर्षों का अनुभव हेल्दी प्रोडक्ट्स में |
| वार्षिक राजस्व | ~50 मिलियन AUD | 2026 में 30% ग्रोथ की उम्मीद |
GGG के संस्थापक टिम ब्राउन और ट्रॉय डगलस RCPL के साथ साझेदारी से उत्साहित हैं। वे कहते हैं कि रिलायंस का ग्लोबल स्केल GGG के ब्रांड्स को नए बाजारों तक पहुंचाएगा, जैसे भारत और एशिया में। RCPL, जो 2022 में लॉन्च हुई थी, अब तक Campa Cola और Independence जैसे ब्रांड्स के साथ भारतीय बाजार में मजबूत है, लेकिन यह पहला विदेशी निवेश है। मुकेश अंबानी की लीडरशिप में रिलायंस अब FMCG सेक्टर में ग्लोबल प्लेयर बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है।
रणनीतिक फायदे और भविष्य की योजनाएं:
उत्पाद इनोवेशन: RCPL GGG के R&D को उपयोग कर नए फ्लेवर्स और हेल्थ-फोकस्ड प्रोडक्ट्स विकसित करेगी, जैसे लो-कैलोरी एनर्जी ड्रिंक्स।
डिस्ट्रीब्यूशन विस्तार: ऑस्ट्रेलिया के 5,000+ रिटेल आउटलेट्स में पहुंच, जो RCPL के भारतीय नेटवर्क से जुड़ेगी।
सस्टेनेबिलिटी फोकस: GGG के पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग को रिलायंस के ग्रीन इनिशिएटिव्स से जोड़ा जाएगा, जैसे प्लास्टिक रीसाइक्लिंग।
बाजार ग्रोथ: ऑस्ट्रेलियाई FMCG मार्केट 2026 तक 200 बिलियन AUD तक पहुंचने की उम्मीद, जिसमें हेल्दी बेवरेज 25% योगदान देंगे।
निवेश रिटर्न: यह अधिग्रहण रिलायंस को 3-5 वर्षों में 20% ROI प्रदान कर सकता है, बाजार विशेषज्ञों के अनुसार।
यह सौदा मुकेश अंबानी की दूरदर्शिता को दर्शाता है, जहां रिलायंस अब तेल-गैस से आगे FMCG और न्यू एनर्जी में ग्लोबल फुटप्रिंट बढ़ा रही है। GGG के साथ, RCPL ऑस्ट्रेलियाई उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देगी, जबकि भारतीय बाजार में इन ब्रांड्स को इंट्रोड्यूस करने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रिलायंस को कोका-कोला और पेप्सी जैसे ग्लोबल दिग्गजों से मुकाबला करने में मदद करेगा।
संभावित चुनौतियां और समाधान:
मार्केट कॉम्पिटिशन: ऑस्ट्रेलिया में Schweppes और Red Bull जैसे ब्रांड्स मजबूत हैं; RCPL मार्केटिंग इन्वेस्टमेंट बढ़ाएगी।
रेगुलेटरी हर्डल्स: विदेशी निवेश पर ऑस्ट्रेलियाई नियम; सौदा पहले ही अप्रूव्ड है।
सप्लाई चेन: ग्लोबल लॉजिस्टिक्स; रिलायंस का अनुभव इसे आसान बनाएगा।
उपभोक्ता ट्रेंड्स: हेल्थ अवेयरनेस बढ़ रही है; RCPL डेटा एनालिटिक्स से प्रोडक्ट्स अनुकूलित करेगी।
| चुनौती | समाधान | अनुमानित प्रभाव |
|---|---|---|
| उच्च कॉम्पिटिशन | ब्रांडिंग कैम्पेन | 15% बाजार हिस्सेदारी बढ़ोतरी |
| रेगुलेशन | लोकल पार्टनरशिप | सुगम ऑपरेशंस |
| लागत नियंत्रण | स्केल इकोनॉमी | 10% प्रॉफिट मार्जिन सुधार |
| इनोवेशन | R&D निवेश | नए प्रोडक्ट लॉन्च |
GGG के अधिग्रहण से रिलायंस की FMCG यूनिट अब ग्लोबल हो गई है, जो मुकेश अंबानी के विजन को साकार करती है। यह सौदा न केवल ऑस्ट्रेलियाई बाजार में प्रवेश है, बल्कि एशिया-पैसिफिक रीजन में आगे विस्तार का आधार भी बनेगा।
Disclaimer: यह लेख समाचार, रिपोर्ट और टिप्स पर आधारित है। सूत्रों का उल्लेख नहीं किया गया है।


