“भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का IPO पहले दिन ही 8 गुना सब्सक्राइब हो गया, GMP ₹10-11.5 के आसपास स्थिर है जो 43-50% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। लेकिन ग्रे मार्केट प्रीमियम की अस्थिरता, प्योर OFS होने और सेक्टर रिस्क्स को देखते हुए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।”
भारत कोकिंग कोल IPO: मुख्य हाइलाइट्स और निवेश से जुड़ी सावधानियां
Bharat Coking Coal Limited (BCCL), Coal India की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी और भारत की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी, का ₹1,071 करोड़ का IPO 9 जनवरी 2026 से खुला है। यह 2026 का पहला मुख्य बोर्ड IPO है, जो पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है। इसका मतलब कंपनी को कोई नया फंड नहीं मिलेगा, सारे पैसे प्रमोटर Coal India को जाएंगे।
मुख्य डिटेल्स:
प्राइस बैंड — ₹21 से ₹23 प्रति शेयर
लॉट साइज — 600 शेयर (रिटेल निवेशक के लिए न्यूनतम ₹13,800)
ओपन डेट — 9 जनवरी 2026
क्लोज डेट — 13 जनवरी 2026
अलॉटमेंट — 14 जनवरी 2026 (संभावित)
लिस्टिंग — 16 जनवरी 2026 (BSE और NSE पर)
सब्सक्रिप्शन स्टेटस (पहले दिन का): पहले दिन ही IPO 8 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो गया। NII कैटेगरी में सबसे ज्यादा डिमांड रही, जबकि रिटेल और शेयरहोल्डर कोटा भी मजबूत दिखा। QIB हिस्सा अभी कमजोर है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP): आज के अपडेट के अनुसार GMP ₹10 से ₹11.5 के बीच है। ऊपरी प्राइस बैंड ₹23 पर लिस्टिंग प्राइस ₹33-34.5 तक जा सकती है, यानी 43-50% प्रीमियम। लेकिन GMP अनऑफिशियल और बहुत वोलेटाइल होता है — मार्केट सेंटिमेंट बदलने पर यह तेजी से गिर भी सकता है। पिछले दिनों यह ₹16 तक पहुंचा था, फिर गिरकर स्थिर हुआ।
निवेश से पहले जान लें ये अहम बातें और रिस्क:
प्योर OFS होने का मतलब — कंपनी को कोई फंड नहीं मिलेगा, इसलिए ग्रोथ या एक्सपैंशन के लिए नया कैपिटल नहीं आएगा। यह सिर्फ Coal India का डिवेस्टमेंट है।
वैल्यूएशन — FY25 के आधार पर P/E ~8.6x और EV/EBITDA ~5.5x पर आंका गया है। ब्रोकरेज इसे फेयर मानते हैं, लेकिन लॉन्ग-टर्म री-रेटिंग की संभावना सीमित।
फाइनेंशियल ट्रेंड — FY23-25 में सेल्स CAGR 5% और PAT CAGR 37% रहा। FY25 में रेवेन्यू ₹13,803 करोड़, PAT ₹1,240 करोड़। लेकिन EBITDA मार्जिन 12.7% और RoCE 18.2% है — सेक्टर में मजबूत, लेकिन पिछले साल से गिरावट आई।
मार्केट पोजीशन — भारत के कुल घरेलू कोकिंग कोल प्रोडक्शन का 58.5% हिस्सा। 7.9 बिलियन टन रिजर्व्स। स्टील इंडस्ट्री के लिए स्ट्रैटेजिक महत्व।
रिस्क फैक्टर्स —
कोल रिजर्व्स की डिप्लीशन का खतरा।
टॉप 10 क्लाइंट्स से 80%+ रेवेन्यू — कस्टमर कंसंट्रेशन रिस्क।
रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती हिस्सेदारी से लॉन्ग-टर्म कोल डिमांड प्रभावित हो सकती है।
एनवायरनमेंटल और क्लाइमेट रिस्क्स।
लिस्टिंग गेन vs लॉन्ग-टर्म — ज्यादातर ब्रोकरेज लिस्टिंग गेन के लिए सब्सक्राइब की सलाह दे रहे हैं। लॉन्ग-टर्म के लिए मजबूत फंडामेंटल्स हैं, लेकिन सेक्टर ट्रांसिशन का रिस्क है।
Coal India शेयरहोल्डर्स के लिए स्पेशल — 10% रिजर्वेशन। 1 जनवरी 2026 तक Coal India के शेयर होल्ड करने वाले अप्लाई कर सकते हैं।
एंकर इन्वेस्टर्स — ₹273 करोड़ से ज्यादा रेज, मजबूत इंस्टीट्यूशनल इंटरेस्ट दिखाता है।
निष्कर्ष में सलाह: GMP का लालच बहुत है, लेकिन यह गारंटीड नहीं। पहले दिन की मजबूत सब्सक्रिप्शन से लिस्टिंग मजबूत दिख रही है, लेकिन मार्केट कंडीशंस, सेक्टर रिस्क्स और वोलेटाइल GMP को देखते हुए सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए अप्लाई करें। लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स, सेक्टर ट्रेंड और अपनी रिस्क टॉलरेंस जरूर जांचें।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट और मार्केट ट्रेंड्स पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी जांच-पड़ताल और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।


