भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स पर दिग्गज कंपनियों के अरबों डॉलर निवेश का ग्राफिक इलस्ट्रेशन

भारत ग्लोबल AI पावरहाउस बनेगा: दिग्गज कंपनियों ने खोला पिटारा, अरबों डॉलर का निवेश!

“भारत अब AI का वैश्विक केंद्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में Google, Microsoft, Nvidia, Adani Group जैसी कंपनियों ने भारी-भरकम निवेश की घोषणाएं की हैं, जिसमें कुल $200 बिलियन से अधिक की राशि AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स और स्किलिंग में लगाई जाएगी। यह निवेश भारत को संप्रभु AI प्लेटफॉर्म के साथ ग्लोबल लीडर बनाने में मदद करेगा, जहां रिन्यूएबल एनर्जी से पावर्ड हाइपरस्केल कंप्यूटिंग और लोकल इनोवेशन पर फोकस रहेगा।”

भारत ग्लोबल AI पावरहाउस बनेगा: दिग्गज कंपनियों ने खोला पिटारा; अरबों डॉलर करेंगी निवेश

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भारत ने AI क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति साबित की है। वैश्विक टेक दिग्गजों ने देश को AI इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने के लिए बड़े निवेश की घोषणा की। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में डेटा सेंटर्स में $200 बिलियन से अधिक का निवेश आकर्षित करना है, जो क्लाउड, सेमीकंडक्टर और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा।

प्रमुख निवेश घोषणाएं इस प्रकार हैं:

Adani Group : $100 बिलियन का निवेश 2035 तक रिन्यूएबल एनर्जी से पावर्ड AI-रेडी हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स बनाने में। यह 5 गीगावाट का इंटीग्रेटेड एनर्जी-कंप्यूट इकोसिस्टम बनेगा, जो भारत की संप्रभु AI क्रांति को एंकर करेगा। खावड़ा रिन्यूएबल्स से 30 GW पावर (जिसमें 10 GW ऑपरेशनल) और अतिरिक्त $55 बिलियन क्लीन एनर्जी पर फोकस।

Microsoft : दशक के अंत तक $50 बिलियन निवेश ग्लोबल साउथ में AI विस्तार के लिए, जिसमें भारत प्रमुख गंतव्य। कंपनी 2030 तक 2 करोड़ भारतीयों को AI ट्रेनिंग देगी, 20 लाख शिक्षकों को सपोर्ट करेगी और ‘Elevate for Educators’ प्रोग्राम लॉन्च किया। पिछले वित्त वर्ष में ग्लोबल साउथ डेटा सेंटर्स पर $8 बिलियन से अधिक खर्च।

Google : $15 बिलियन का निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर में, जिसमें विशाखापत्तनम में फुल-स्टैक AI हब, 1 GW कंप्यूट फैसिलिटी और इंटरनेशनल सब-सी केबल गेटवे शामिल। रिलायंस जियो के साथ क्लाउड क्लस्टर्स और राजस्थान में 50 MW रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट।

Amazon : $35 बिलियन तक 2030 तक AI-ड्रिवन डिजिटाइजेशन, एक्सपोर्ट ग्रोथ और जॉब क्रिएशन में।

Nvidia : Yotta के साथ $2 बिलियन से अधिक का डील, जिसमें 20,000 Blackwell Ultra GPUs अगस्त तक डिप्लॉय। L&T के साथ गीगावाट-स्केल AI फैक्ट्री, E2E Networks के साथ क्लस्टर। क्वालकॉम ने ₹1,360 करोड़ (लगभग $150 मिलियन) भारतीय AI स्टार्टअप्स (रोबोटिक्स, ऑटोमोटिव) में निवेश।

ये निवेश भारत के AI इकोसिस्टम को मजबूत करेंगे। 2025 में 113 AI स्टार्टअप्स ने $1.313 बिलियन फंडिंग हासिल की। कुल मिलाकर 966 डील्स में $12 बिलियन का निवेश हो चुका है। सरकार का IndiaAI मिशन $1.2 बिलियन से अधिक का है, जिसमें 27 AI डेटा लैब्स और स्वदेशी मॉडल्स शामिल।

मुख्य प्रभाव और अवसर

इंफ्रास्ट्रक्चर बूम : डेटा सेंटर्स में GW-स्केल क्षमता, जो GPUs की संख्या को 33 गुना बढ़ा सकती है। Neysa जैसी स्टार्टअप्स $1.2 बिलियन फंडिंग से GPU क्लस्टर्स बना रही हैं।

स्किलिंग और जॉब्स : Microsoft अकेले 2 करोड़ युवाओं को ट्रेन करेगी। TCS दुनिया का सबसे बड़ा AI डेटा सेंटर प्लान कर रही है।

संप्रभु AI फोकस : Adani का प्लेटफॉर्म एनर्जी, कंप्यूट और क्लाउड पर आधारित, जो भारत को इंपोर्ट पर निर्भरता से मुक्त करेगा।

ग्लोबल पार्टनरशिप्स : Reliance $110 बिलियन (10 ट्रिलियन रुपये) AI इंफ्रास्ट्रक्चर में, OpenAI के साथ Tata पार्टनरशिप।

ये कदम भारत को US और China के साथ AI रेस में मजबूत खिलाड़ी बनाएंगे। रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन से सस्टेनेबल ग्रोथ सुनिश्चित होगी, जबकि लोकल स्टार्टअप्स और एंटरप्राइजेज को ग्लोबल मार्केट एक्सेस मिलेगा।

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