Google सर्च और लोकेशन हिस्ट्री अब ऑटोमेटिक डिलीट! 2026 से पहले ऐसे करें इनेबल, प्राइवेसी न चूकें

“Google ने यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाने के लिए सर्च हिस्ट्री और लोकेशन हिस्ट्री को ऑटोमेटिक डिलीट करने की सुविधा उपलब्ध कराई है। इस फीचर से डेटा 3, 18 या 36 महीनों के बाद खुद-ब-खुद डिलीट हो जाता है। आर्टिकल में स्टेप-बाय-स्टेप गाइड, फायदे और भारतीय यूजर्स के लिए टिप्स दिए गए हैं, जिससे साइबर रिस्क कम होता है।”

Google की ऑटो-डिलीट सुविधा क्या है? Google अकाउंट में वेब एंड ऐप एक्टिविटी (जिसमें सर्च हिस्ट्री शामिल है) और लोकेशन हिस्ट्री को मैनेज करने के लिए ऑटो-डिलीट ऑप्शन दिया गया है। यह फीचर यूजर्स को अपनी जानकारी को लंबे समय तक स्टोर होने से रोकने में मदद करता है। हाल के ट्रेंड्स के अनुसार, भारत में 2025 में डेटा प्राइवेसी ब्रिच की घटनाएं 25% बढ़ी हैं, जिससे ऐसे टूल्स की जरूरत बढ़ गई है। ऑटो-डिलीट से Google सर्वर पर पुरानी डेटा खुद हट जाती है, जो पर्सनलाइज्ड एड्स या सर्च सजेशन्स को प्रभावित किए बिना प्राइवेसी मजबूत करता है।

ऑटो-डिलीट के विकल्प और उनकी अवधि यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से डेटा रिटेंशन पीरियड चुन सकते हैं। नीचे दी गई टेबल में मुख्य ऑप्शन दिए गए हैं:

विकल्पअवधिलागू होने वाली एक्टिविटीफायदा
3 महीनेडेटा 3 महीनों के बाद डिलीटसर्च हिस्ट्री, लोकेशन डेटाहाई प्राइवेसी, कम स्टोरेज रिस्क
18 महीनेडेटा 18 महीनों के बाद डिलीटवेब ब्राउजिंग, ऐप यूजबैलेंस्ड अप्रोच, पर्सनलाइजेशन बरकरार
36 महीनेडेटा 36 महीनों के बाद डिलीटसभी Google सर्विसेजलॉन्ग-टर्म यूजर्स के लिए, लेकिन रिस्क ज्यादा
मैनुअलकोई फिक्स्ड अवधि नहींचुनिंदा एक्टिविटीकस्टम कंट्रोल, लेकिन मैनेजमेंट जरूरी

ये विकल्प Google की पॉलिसी के तहत अपडेट होते रहते हैं, और कुछ डेटा जैसे IP एड्रेस या डिवाइस लोकेशन पहले से ही 30 दिनों में डिलीट हो जाते हैं।

सर्च हिस्ट्री के लिए ऑटो-डिलीट कैसे इनेबल करें सर्च हिस्ट्री में आपके Google सर्च, YouTube व्यूज और अन्य वेब एक्टिविटी शामिल होती हैं। इसे इनेबल करने के लिए फॉलो करें:

अपने कंप्यूटर या मोबाइल पर myaccount.google.com पर जाएं।

लेफ्ट साइड में ‘Data & privacy’ सेक्शन चुनें।

‘History settings’ के अंदर ‘Web & App Activity’ पर क्लिक करें।

‘Auto-delete’ ऑप्शन पर टैप करें।

3, 18 या 36 महीनों का पीरियड चुनें।

‘Confirm’ बटन दबाकर सेटिंग सेव करें।

मोबाइल ऐप में यह प्रोसेस Android के Google ऐप से भी किया जा सकता है, जहां ‘Manage your Google Account’ से एक्सेस होता है। भारतीय यूजर्स के लिए, अगर UPI या Google Pay से लिंक्ड है, तो यह फीचर फाइनेंशियल डेटा को भी प्रोटेक्ट करता है।

लोकेशन हिस्ट्री के लिए ऑटो-डिलीट कैसे इनेबल करें लोकेशन हिस्ट्री में आपके GPS डेटा, ट्रैवल रूट्स और विजिटेड प्लेसेज रिकॉर्ड होते हैं। इसे इनेबल करने के स्टेप्स:

myaccount.google.com पर लॉगिन करें।

‘Data & privacy’ में जाएं।

‘History settings’ से ‘Location History’ चुनें।

अगर ऑफ है, तो पहले ऑन करें, फिर ‘Auto-delete’ पर क्लिक।

अवधि सिलेक्ट करें (3, 18 या 36 महीने)।

‘Confirm’ से सेटिंग अप्लाई करें।

ध्यान दें, लोकेशन हिस्ट्री ऑफ करने से Maps या अन्य सर्विसेज में पर्सनलाइजेशन कम हो सकता है, लेकिन प्राइवेसी बढ़ती है। भारत में 5G नेटवर्क के साथ लोकेशन ट्रैकिंग ज्यादा एक्यूरेट हो गई है, इसलिए ऑटो-डिलीट जरूरी है।

प्राइवेसी फायदे और टिप्स

डेटा ब्रिच से बचाव : ऑटो-डिलीट से पुरानी जानकारी हैकर्स के हाथ नहीं लगती। भारत में 2025 में साइबर अटैक्स 30% बढ़े हैं, जहां लोकेशन डेटा टारगेट होता है।

पर्सनलाइजेशन कंट्रोल : Google अभी भी रियल-टाइम डेटा से सजेशन्स देता है, लेकिन पुरानी हिस्ट्री डिलीट होने से अनवांटेड एड्स कम होते हैं।

एडिशनल टिप्स :

हमेशा two-factor authentication इनेबल रखें।

Google Takeout से बैकअप लें अगर जरूरी डेटा सेव करना हो।

iOS यूजर्स iPhone की Settings से Google ऐप्स में प्राइवेसी चेक करें।

अगर फैमिली अकाउंट है, तो बच्चों की हिस्ट्री अलग से मैनेज करें।

## समस्याएं और सॉल्यूशन कभी-कभी ऑटो-डिलीट सेटिंग अपडेट नहीं होती। इसके लिए:

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