2026 में सोने की कीमत 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना, एक्सपर्ट भविष्यवाणी

सोना 1,40,000 तक पहुंचेगा? 2026 में क्या है एक्सपर्ट्स की बड़ी भविष्यवाणी, अभी खरीदें या इंतजार करें

“सोने की कीमतें 2026 में 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास या उससे ऊपर जा सकती हैं। वैश्विक अनिश्चितताएं, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और कमजोर रुपये के कारण तेजी बनी रह सकती है, लेकिन हालिया गिरावट के बीच खरीदारी का समय सावधानी से चुनना होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि में सोना मजबूत रहेगा, हालांकि अल्पावधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।”

सोना 1,40,000 पहुंच जाएगा? 2026 में क्या है एक्सपर्ट्स की बड़ी भविष्यवाणी

वर्तमान में भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम के आसपास 1,50,000 से 1,57,000 रुपये के बीच चल रही है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,37,000 से 1,46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। मार्च 2026 में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जहां MCX पर सोने के फ्यूचर्स में हालिया गिरावट आई है, लेकिन साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद अब स्थिरता की तलाश है।

एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के लक्ष्य को पार कर सकता है, खासकर अगर वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ते हैं। गोल्डमैन सैक्स जैसे बड़े संस्थानों ने 2026 के अंत तक ग्लोबल स्तर पर सोने को 5,400 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है, जो भारतीय बाजार में रुपये की कमजोरी को देखते हुए 1.7 लाख से 1.9 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक की संभावना दिखाता है। जेपी मॉर्गन और अन्य ब्रोकरेज हाउस भी 5,000-6,300 डॉलर प्रति औंस के बीच लक्ष्य दे रहे हैं, जिससे भारत में 1.5 लाख से ऊपर का स्तर संभव दिख रहा है।

हालांकि, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है या ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होती है, तो सोने में सुधार आ सकता है। लेकिन केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी, भारत और चीन जैसे देशों में निवेश मांग और मुद्रास्फीति के खिलाफ सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की भूमिका इसे मजबूत बनाए रखेगी।

वर्तमान बाजार स्थिति और कारक

वैश्विक प्रभाव : ईरान-इजराइल तनाव और अमेरिकी नीतियों से सोने की सुरक्षित मांग बढ़ी है। केंद्रीय बैंकों ने 2025-26 में रिकॉर्ड खरीदारी की, जो 2026 में भी जारी रह सकती है।

रुपये का प्रभाव : डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी (वर्तमान में 93 के आसपास) सोने को महंगा बनाती है। अगर रुपये और कमजोर होता है, तो घरेलू कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

भारतीय मांग : त्योहारों, शादियों और निवेश के लिए सोने की मांग मजबूत बनी हुई है। ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड में भी निवेश बढ़ा है।

हालिया ट्रेंड : 2026 की शुरुआत में सोना 1.8 लाख तक पहुंचा था, लेकिन मार्च में गिरावट आई है। MCX पर हालिया सत्रों में 5,000-7,000 रुपये की गिरावट देखी गई।

खरीदने का सही समय क्या है?

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि गिरावट के दौरान डिप्स में खरीदारी बेहतर हो सकती है। अगर आप लंबी अवधि (3-5 साल) के लिए निवेश कर रहे हैं, तो वर्तमान स्तर पर खरीदना फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि अधिकांश पूर्वानुमान 2026 के अंत तक 1,40,000 से ऊपर का लक्ष्य दिखाते हैं। लेकिन अल्पावधि ट्रेडर्स को प्रतिरोध स्तर (1,65,000-1,72,000) पर नजर रखनी चाहिए।

निवेश विकल्प

फिजिकल गोल्ड : ज्वेलरी या सिक्के, लेकिन मेकिंग चार्जेस ध्यान दें।

गोल्ड ईटीएफ/सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड : कम लागत, टैक्स लाभ (एसजीबी पर 2.5% ब्याज)।

डिजिटल गोल्ड : आसान खरीद-बिक्री, स्टोरेज की चिंता नहीं।

संभावित जोखिम

अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था मजबूत होती है या युद्ध जैसी स्थितियां कम होती हैं, तो सोने में 10-15% तक गिरावट संभव है। इसलिए पोर्टफोलियो में 10-15% से ज्यादा सोने का आवंटन न करें।

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