“अगर आपकी गाड़ी की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) खो गई है, फट गई है या नष्ट हो गई है, तो अब बिना RTO ऑफिस के चक्कर लगाए ऑनलाइन आवेदन कर डुप्लिकेट RC प्राप्त कर सकते हैं। Parivahan पोर्टल पर वाहन नंबर और चेसिस नंबर के आखिरी 5 अंक देकर प्रक्रिया पूरी करें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और फीस जमा कर घर पर ही RC डाउनलोड या प्राप्त करने की सुविधा मिलती है। यह प्रक्रिया तेज, सरल और पूरी तरह डिजिटल है, जिससे समय और मेहनत दोनों बचती है।”
भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संचालित Parivahan Sewa पोर्टल ने वाहन मालिकों के लिए डुप्लिकेट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब RC खोने, फटने या नष्ट होने पर RTO ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ती। सिर्फ वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के अंतिम 5 अंक देकर आवेदन किया जा सकता है। यह सुविधा पूरे भारत में उपलब्ध है और लाखों वाहन मालिक पहले ही इसका लाभ उठा चुके हैं।
प्रक्रिया शुरू करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातें ध्यान रखें। यदि RC खो गई है या चोरी हो गई है, तो सबसे पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं या लॉस्ट रिपोर्ट बनवाएं। पुलिस रिपोर्ट या FIR की कॉपी आवेदन में अपलोड करनी होगी। यदि RC फट गई या खराब हो गई है, तो मूल RC (यदि उपलब्ध हो) की कॉपी या मूल दस्तावेज संलग्न करें।
ऑनलाइन आवेदन के चरण-दर-चरण तरीका
आधिकारिक वेबसाइट https://parivahan.gov.in या https://vahan.parivahan.gov.in/vahanservice/vahan/ पर जाएं।
होमपेज पर ‘Online Services’ चुनें और फिर ‘Vehicle Related Services’ पर क्लिक करें।
अपना राज्य चुनें और जहां वाहन रजिस्टर्ड है, उस RTO का चयन करें।
वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें और ‘Proceed’ बटन दबाएं। स्क्रीन पर वाहन की बेसिक जानकारी दिखेगी, जैसे मालिक का नाम, वाहन प्रकार आदि। सभी डिटेल्स की जांच कर लें।
सेवाओं की लिस्ट में ‘Duplicate Registration Certificate’ या ‘Issue of Duplicate RC’ विकल्प चुनें।
अब वाहन के चेसिस नंबर के आखिरी 5 अंक दर्ज करें। यह सत्यापन के लिए जरूरी है।
आवेदन फॉर्म खुलेगा। Form 26 के अनुसार सभी आवश्यक जानकारी भरें, जैसे मालिक का नाम, पता, संपर्क नंबर आदि।
जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें। मुख्य दस्तावेज इस प्रकार हैं:
पुलिस रिपोर्ट या FIR की कॉपी (खोने/चोरी के मामले में)
एड्रेस प्रूफ (आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि)
वैलिड इंश्योरेंस सर्टिफिकेट
PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट
पैन कार्ड या आईडी प्रूफ की कॉपी
यदि हाइपोथेकेशन है तो फाइनेंसर से NOC
एफिडेविट (नोटरी से सत्यापित, खोने की घोषणा वाला)
पासपोर्ट साइज फोटो (कुछ मामलों में)
फॉर्म भरने के बाद फीस का भुगतान करें। फीस राज्य के अनुसार अलग-अलग होती है, लेकिन सामान्यतः ₹200 से ₹500 तक (लाइट वाहनों के लिए) और ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए अधिक हो सकती है। ऑनलाइन पेमेंट UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से संभव है।
आवेदन सबमिट करने पर एक एप्लीकेशन नंबर मिलेगा। इसे नोट कर लें। स्टेटस चेक करने के लिए इसी नंबर का इस्तेमाल करें।
प्रोसेसिंग टाइम और डिलीवरी
आवेदन सबमिट होने के बाद RTO द्वारा वेरिफिकेशन किया जाता है। सामान्यतः 7 से 15 दिनों में डुप्लिकेट RC अप्रूव हो जाती है। कई राज्यों में डिजिटल RC डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध है, जिसे mParivahan ऐप से भी एक्सेस कर सकते हैं। यदि फिजिकल कॉपी चाहिए तो RTO से कलेक्ट करें या पोस्ट से घर भेजी जा सकती है।
जरूरी टिप्स और सावधानियां
आवेदन से पहले DigiLocker में RC लिंक करें, क्योंकि कई मामलों में डिजिटल RC वैलिड मानी जाती है।
फीस और दस्तावेज राज्य अनुसार बदल सकते हैं, इसलिए पोर्टल पर लेटेस्ट जानकारी चेक करें।
यदि वाहन हाइपोथेकेटेड है, तो बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से NOC जरूर लें।
गलत जानकारी देने पर आवेदन रिजेक्ट हो सकता है, इसलिए डिटेल्स दोबारा जांचें।
पुलिस रिपोर्ट न होने पर आवेदन में देरी हो सकती है, खासकर खोने के मामलों में।
यह प्रक्रिया अपनाकर आप बिना किसी एजेंट या ऑफिस विजिट के आसानी से नई RC प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल इंडिया के तहत यह सुविधा वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। यदि कोई समस्या आए तो Parivahan हेल्पलाइन या ईमेल से संपर्क करें।


