“पश्चिम एशिया संकट के बीच कमर्शियल LPG की भारी कमी से जूझ रहे ढाबा, होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को केंद्र सरकार की ओर से बड़ी राहत मिली है। सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे होटल-रेस्टोरेंट की औसत मासिक जरूरत का करीब 20% कोटा हर महीने उपलब्ध कराएं। यह फैसला घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने के साथ-साथ व्यावसायिक क्षेत्र को भी कुछ राहत देने के लिए लिया गया है, जिससे हजारों छोटे-बड़े कारोबार बंद होने से बच सकते हैं।”
ढाबा और होटल कारोबारी को बड़ी राहत, सरकार ने LPG सिलेंडर के लिए 20% बढ़ाई सप्लाई
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हालिया पश्चिम एशिया संघर्ष से उपजे वैश्विक LPG सप्लाई संकट के मद्देनजर कमर्शियल उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इस संकट में ईरान-इजरायल तनाव के कारण आयातित LPG की उपलब्धता बुरी तरह प्रभावित हुई, जिससे भारत में कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग ठप हो गई थी। मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में होटल-रेस्टोरेंट एसोसिएशनों ने चेतावनी दी थी कि यदि सप्लाई नहीं बढ़ी तो 20-50% तक प्रतिष्ठान बंद हो सकते हैं। कई जगहों पर छोटे ढाबे और रेस्टोरेंट ने 1-2 दिनों के स्टॉक के साथ काम चलाया, जबकि कुछ ने पारंपरिक चूल्हों का सहारा लिया।
सरकार ने पहले घरेलू LPG को प्राथमिकता देते हुए रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के आदेश दिए, जिससे घरेलू उत्पादन में 25-40% तक की वृद्धि दर्ज की गई। साथ ही घरेलू सिलेंडर बुकिंग की न्यूनतम अवधि 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई ताकि जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकी जा सके। कमर्शियल सेक्टर के लिए शुरू में सप्लाई रोक दी गई थी, लेकिन अब औसत मासिक खपत का 20% कोटा आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।
यह 20% आवंटन ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) जैसे IOC, BPCL और HPCL राज्य सरकारों के समन्वय से लागू कर रही हैं। प्राथमिकता वाले सेक्टर जैसे अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और आवश्यक सेवाओं के बाद अब होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और फूड सर्विस यूनिट्स को यह लाभ मिल रहा है।
उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, छोटे ढाबे और मध्यम आकार के होटल प्रतिदिन 2-4 सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, जबकि बड़े होटल 10-20 सिलेंडर तक की जरूरत रखते हैं। इस 20% कोटे से कई कारोबारी अपनी रसोई को आंशिक रूप से चला सकेंगे, हालांकि पूर्ण क्षमता पर संचालन के लिए वैकल्पिक ईंधन जैसे PNG, बायोमास या कोयल का सहारा लेना पड़ सकता है।
सरकार ने PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की ओर तेजी से शिफ्ट करने की सलाह दी है। उन राज्यों को अतिरिक्त 10% कमर्शियल LPG आवंटन का प्रस्ताव दिया गया है जो PNG कनेक्शन तेजी से बढ़ाते हैं। इससे लंबे समय में LPG पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
कमर्शियल LPG कीमतों में भी हालिया महीनों में बढ़ोतरी देखी गई है। 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹115 तक की वृद्धि हुई, जिससे कारोबारियों की लागत पहले ही बढ़ चुकी थी। इस संकट में ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें आईं, जिसके खिलाफ राज्य सरकारें छापेमारी बढ़ा रही हैं।
यह कदम न केवल ढाबा-होटल उद्योग को तत्काल राहत देगा बल्कि लाखों रोजगारों को भी बचाने में मददगार साबित होगा। उद्योग एसोसिएशनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन मांग की है कि कोटा जल्दी से ग्राउंड लेवल पर पहुंचे और वितरण पारदर्शी हो।
मुख्य बिंदु:
कमर्शियल LPG कोटा: औसत मासिक जरूरत का 20%
प्राथमिकता: घरेलू > अस्पताल/स्कूल > होटल/ढाबा/रेस्टोरेंट
उत्पादन वृद्धि: घरेलू LPG में 25-40% बढ़ोतरी
बुकिंग नियम: घरेलू के लिए 25 दिन इंटर-बुकिंग पीरियड
वैकल्पिक: PNG शिफ्ट पर अतिरिक्त 10% कोटा संभावित
प्रभावित शहर: मुंबई (20% बंद), बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली आदि
Disclaimer: यह खबर विभिन्न सार्वजनिक रिपोर्ट्स और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। कीमतें और उपलब्धता स्थानीय स्तर पर भिन्न हो सकती है।


