“दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली पुलिस (नियुक्ति एवं भर्ती) नियम, 1980 के नियम-9 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब पुरुष कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण लागू होगा, साथ ही शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से पूरी छूट और ऊपरी आयु सीमा में 3 वर्ष की राहत मिलेगी। यह फैसला सेना से 4 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हजारों युवाओं के लिए पुलिस में स्थायी करियर का नया रास्ता खोलेगा, जिससे उनकी अनुभवपूर्ण क्षमता का बेहतर उपयोग होगा।”
दिल्ली पुलिस में पूर्व अग्निवीरों के लिए विशेष आरक्षण लागू
दिल्ली पुलिस में पुरुष कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली पुलिस (नियुक्ति एवं भर्ती) नियम, 1980 के नियम-9 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की है। इस संशोधन के तहत पूर्व अग्निवीरों (Ex-Agniveers) को पुरुष कांस्टेबल पदों पर सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
यह आरक्षण कुल स्वीकृत पदों पर लागू होगा, जहां दिल्ली पुलिस में पुरुष कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) के लगभग 42,451 पद स्वीकृत हैं। नए प्रावधान से इनमें से 20 प्रतिशत यानी करीब 8,490 पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित हो जाएंगे। यह व्यवस्था अग्निपथ योजना के तहत 4 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले युवाओं को प्राथमिकता प्रदान करेगी।
आरक्षण के साथ मिलने वाली अन्य प्रमुख छूटें
पूर्व अग्निवीरों को केवल आरक्षण ही नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में कई राहतें भी दी गई हैं:
शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से पूर्ण छूट — सामान्य अभ्यर्थियों को दौड़, लंबी कूद आदि में प्रदर्शन करना पड़ता है, लेकिन पूर्व अग्निवीरों को इस परीक्षा से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। उनकी सेना में पहले से सिद्ध शारीरिक फिटनेस को मान्यता दी गई है।
आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट — सामान्यतः पुरुष कांस्टेबल भर्ती में ऊपरी आयु सीमा 18-25 वर्ष होती है। पूर्व अग्निवीरों के लिए यह 28 वर्ष तक बढ़ाई जाएगी, जिससे सेवा के बाद भर्ती का पर्याप्त समय मिलेगा।
पहले बैच को विशेष रियायत — अग्निपथ योजना के शुरुआती बैचों के पूर्व अग्निवीरों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है, क्योंकि उनकी सेवा अवधि और अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले युवा केवल 4 वर्ष की सेवा के बाद सिविलियन जीवन में लौटते हैं। केंद्र सरकार ने CAPFs जैसे BSF में 50 प्रतिशत तक कोटा बढ़ाया है, जबकि कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा में भी 20 प्रतिशत या इससे कम आरक्षण लागू किया गया है। दिल्ली पुलिस का यह कदम राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ पूर्व सैनिकों के पुनर्वास को बढ़ावा देगा।
पूर्व अग्निवीरों की सेना में प्राप्त ट्रेनिंग, अनुशासन और अनुभव दिल्ली पुलिस जैसे बल के लिए उपयोगी साबित होगा। वे पहले से ही हथियार हैंडलिंग, भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति प्रबंधन में निपुण होते हैं, जिससे प्रशिक्षण अवधि कम हो सकती है और तैनाती तेज हो सकती है।
भर्ती प्रक्रिया में क्या बदलाव आएंगे?
नए नियम लागू होने के बाद भर्ती दो चरणों में हो सकती है। पहले चरण में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत पद भरे जाएंगे, जहां लिखित परीक्षा और अन्य योग्यता मानदंड लागू रहेंगे, लेकिन PET से छूट रहेगी। शेष पदों पर सामान्य भर्ती प्रक्रिया चलेगी।
दिल्ली पुलिस ने पहले से ही भर्ती नियमों में ऐसे प्रावधानों की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग से आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन का विशेष प्रबंध किया जाएगा, जिसमें सेना से जारी डिस्चार्ज सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा।
अन्य बलों से तुलना
BSF में पूर्व अग्निवीरों के लिए कोटा 50 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है।
CISF और अन्य CAPFs में 10-50 प्रतिशत के बीच व्यवस्था।
उत्तर प्रदेश पुलिस में भी 20 प्रतिशत आरक्षण लागू।
दिल्ली पुलिस का यह फैसला स्थानीय स्तर पर अग्निवीरों के लिए सबसे बड़ा अवसर प्रदान करेगा।
यह संशोधन दिल्ली पुलिस को अधिक अनुशासित और प्रशिक्षित बल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, साथ ही पूर्व अग्निवीरों के लिए सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करेगा।
Disclaimer: यह खबर विभिन्न सार्वजनिक सूत्रों पर आधारित है और सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। भर्ती संबंधी अंतिम नियम और अधिसूचना के लिए आधिकारिक दिल्ली पुलिस वेबसाइट या संबंधित विभाग से संपर्क करें।


