वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026 पेश करती हुईं।

Budget 2026 LIVE Updates: न्यू टैक्स रिजीम, होम लोन की EMI से अफोर्डेबल होम तक, बजट में ‘गुड न्यूज’ दे सकती है सरकार?

“बजट 2026 में न्यू टैक्स रिजीम को डिडक्शन के साथ आकर्षक बनाने, होम लोन इंटरेस्ट डिडक्शन को 5 लाख तक बढ़ाने और अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम्स में नए इंसेंटिव्स की उम्मीदें मजबूत हैं, जो मिडल क्लास को राहत दे सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये बदलाव कंजम्पशन बूस्ट करेंगे और रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलेगी।”

न्यू टैक्स रिजीम में बदलाव की संभावनाएं बढ़ रही हैं। वर्तमान में न्यू रिजीम में कोई डिडक्शन नहीं मिलता, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार प्रोविडेंट फंड, हेल्थ इंश्योरेंस और होम लोन जैसे चुनिंदा डिडक्शन को शामिल कर सकती है। इससे सैलरीड क्लास को पुरानी रिजीम छोड़ने का प्रोत्साहन मिलेगा। यदि 30% टैक्स स्लैब में राहत दी जाती है, तो 15 लाख से ऊपर की इनकम वाले व्यक्तियों को सालाना 10,000 से 20,000 रुपये की बचत हो सकती है।

होम लोन EMI पर फोकस बढ़ा है। क्रेडाई ने होम लोन इंटरेस्ट डिडक्शन को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने की मांग की है। इससे मेट्रो सिटीज में घर खरीदने वालों की EMI 20-30% तक कम हो सकती है। उदाहरण के लिए, 50 लाख के होम लोन पर 8% इंटरेस्ट रेट के साथ, अतिरिक्त डिडक्शन से सालाना टैक्स सेविंग 1.5 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। रियल एस्टेट लीडर्स का कहना है कि यह कदम हाउसिंग डिमांड को 15% बढ़ा सकता है, खासकर NCR और मुंबई जैसे इलाकों में।

अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर में नई स्कीम्स की उम्मीद। सरकार क्रेडिट गारंटी स्कीम ला सकती है, जो अफोर्डेबल हाउसिंग लोन्स पर 80-90% कवर देगी। इससे बैंक अधिक लोन अप्रूव करेंगे, और लोअर इनकम ग्रुप के लिए घर खरीदना आसान होगा। वर्तमान अफोर्डेबल हाउसिंग कैप 45 लाख है, लेकिन इसे 60 लाख तक बढ़ाने की मांग है। ग्रीन हाउसिंग इंसेंटिव्स के तहत, सस्टेनेबल होम्स पर एक्स्ट्रा टैक्स बेनिफिट्स मिल सकते हैं, जैसे सोलर पैनल इंस्टालेशन पर 50,000 रुपये का डिडक्शन।

की पॉइंट्स: संभावित टैक्स राहतें

न्यू टैक्स रिजीम में होम लोन इंटरेस्ट और प्रिंसिपल पर डिडक्शन शामिल।

मिडल क्लास के लिए इनकम टैक्स स्लैब में 5-10% की कटौती।

अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए PMAY स्कीम में फंडिंग 20% बढ़ोतरी।

रेंटल हाउसिंग मिशन लॉन्च, जो किराएदारों को टैक्स क्रेडिट देगा।

संभावित बदलाववर्तमान स्थितिअपेक्षित प्रभाव
न्यू टैक्स रिजीम डिडक्शनकोई नहीं25% अधिक यूजर्स शिफ्ट करेंगे, टैक्स कंप्लायंस बढ़ेगा
होम लोन इंटरेस्ट लिमिट2 लाखEMI में 15-25% राहत, हाउसिंग सेल्स 10% अप
अफोर्डेबल हाउसिंग कैप45 लाख60 लाख तक, लोअर मिडल क्लास को 20% अधिक ऑप्शन्स
क्रेडिट गारंटी स्कीम不存在बैंक लोन अप्रूवल रेट 30% बढ़ेगा

रियल एस्टेट सेक्टर में तेज अप्रूवल्स की मांग। बजट में इंडस्ट्री स्टेटस देने से फाइनेंसिंग आसान होगी, और GST रेट्स में कटौती से प्रॉपर्टी प्राइसेज 5-7% कम हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम कंजम्पशन को बूस्ट देगा, क्योंकि घर खरीदना इनकम का बड़ा हिस्सा होता है। यदि बजट में ये घोषणाएं होती हैं, तो GDP ग्रोथ में 0.5-1% का योगदान मिल सकता है।

एक्सपर्ट व्यूज: क्या कहते हैं लीडर्स

रियल्टी फर्म्स का मानना है कि अफोर्डेबल हाउसिंग को रिवाइव करने के लिए टैक्स इंसेंटिव्स जरूरी, वरना डिमांड स्टग्नेंट रहेगी।

फाइनेंशियल एडवाइजर्स सुझाव देते हैं कि न्यू रिजीम में डिडक्शन जोड़ने से सैलरीड एम्प्लॉयी की सेविंग्स 15% बढ़ेंगी।

इकोनॉमिस्ट्स का अनुमान है कि होम लोन राहत से रियल एस्टेट में 2 लाख करोड़ का अतिरिक्त निवेश आएगा।

अफोर्डेबल हाउसिंग में ग्रीन इनिशिएटिव्स। बजट में सस्टेनेबल होम्स के लिए स्पेशल फंड्स ऐलोकेट हो सकते हैं, जैसे EV चार्जिंग स्टेशन्स वाले घरों पर सब्सिडी। इससे पर्यावरण फ्रेंडली डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा, और कार्बन एमिशन में 10% की कमी आएगी। क्रेडाई की रिपोर्ट के आधार पर, रेंटल हाउसिंग मिशन से शहरी माइग्रेंट्स को राहत मिलेगी, जहां टैक्स क्रेडिट से किराया 20% सस्ता पड़ सकता है।

संभावित गुड न्यूज: मिडल क्लास फोकस

इनकम टैक्स में रिलीफ से डिस्पोजेबल इनकम बढ़ेगी, जो रिटेल स्पेंडिंग को 12% बूस्ट देगी।

होम लोन स्कीम्स में महिला बायर्स के लिए एक्स्ट्रा डिस्काउंट, जैसे 0.5% कम इंटरेस्ट रेट।

अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में PPP मॉडल से डेवलपमेंट स्पीड 25% तेज।

बजट में एक्सपोर्ट पुश के साथ टैक्स चेंजेस। कस्टम्स ड्यूटी में कटौती से इंपोर्टेड गुड्स सस्ते होंगे, जो होम अप्लायंसेज और कंस्ट्रक्शन मटेरियल्स को प्रभावित करेगा। इससे अफोर्डेबल होम्स की कॉस्ट 8-10% कम हो सकती है। यदि न्यू टैक्स रिजीम को अपडेट किया जाता है, तो FY 2026-27 में टैक्स कलेक्शन 15% बढ़ सकता है, क्योंकि अधिक लोग कंप्लायंट होंगे।

रियल एस्टेट में जॉब क्रिएशन। बजट यदि अफोर्डेबल हाउसिंग को प्राथमिकता देता है, तो 5 मिलियन नए जॉब्स क्रिएट हो सकते हैं, खासकर कंस्ट्रक्शन और फाइनेंस सेक्टर्स में। विशेषज्ञों का कहना है कि होम लोन डिफॉल्ट रेट्स कम करने के लिए गारंटी स्कीम प्रभावी होगी, जो बैंकिंग सेक्टर को स्टेबलाइज करेगी।

टेबल: अपेक्षित टैक्स स्लैब्स (न्यू रिजीम)

इनकम रेंज (रुपये)वर्तमान टैक्स रेटअपेक्षित रेट
0-3 लाख0%0%
3-7 लाख5%5%
7-10 लाख10%8%
10-12 लाख15%12%
12-15 लाख20%18%
15 लाख से ऊपर30%25-28%

यह बदलाव यदि लागू होते हैं, तो मिडल क्लास की परचेजिंग पावर बढ़ेगी, और इकोनॉमी में पॉजिटिव सर्कल क्रिएट होगा। अफोर्डेबल हाउसिंग में नए प्रोजेक्ट्स से अर्बन डेवलपमेंट को गति मिलेगी, जहां Tier-2 सिटीज में फोकस बढ़ेगा।

Disclaimer: This is a news report based on available sources. Tips provided are for informational purposes only.

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