वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट दस्तावेज के साथ, जहां ग्रीन एनर्जी और एग्रीकल्चर थीम हाइलाइटेड हैं।

Budget 2026 LIVE Updates: कल खुलेगा बजट का पिटारा, वित्त मंत्री आम जनता को दे सकती हैं बड़ी सौगात; खेती-किसानी से लेकर ग्रीन एनर्जी पर फोकस

“वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल संसद में बजट 2026-27 पेश करेंगी, जहां आम जनता के लिए टैक्स राहत, रोजगार सृजन और एमएसएमई सपोर्ट की उम्मीद है। खेती-किसानी में क्रेडिट बढ़ोतरी, सिंचाई और लॉजिस्टिक्स पर जोर रहेगा, जबकि ग्रीन एनर्जी में सोलर, हाइड्रोजन और स्टोरेज के लिए इंसेंटिव बढ़ सकते हैं। कैपेक्स में इंफ्रा, डिफेंस और रूरल डेवलपमेंट को प्राथमिकता मिलेगी, साथ ही फिस्कल डेफिसिट को 4.5% तक सीमित रखने का लक्ष्य। इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, जीडीपी ग्रोथ 6.8-7.2% रह सकती है।”

बजट 2026-27 की प्रमुख अपडेट्स और उम्मीदें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी, जो उनका नौवां लगातार बजट होगा। यह बजट विकसित भारत 2047 के विजन पर आधारित होगा, जहां ग्रोथ को सपोर्ट करने के साथ फिस्कल डिसिप्लिन पर फोकस रहेगा। इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने जीडीपी ग्रोथ को 6.8-7.2% अनुमानित किया है, जिसमें एक्सपोर्ट डाइवर्सिफिकेशन और ट्रेड डेफिसिट कम करने पर जोर दिया गया।

टैक्स राहत और आम जनता के लिए सौगात

सलारिड क्लास और सीनियर्स को टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद है। न्यू टैक्स रिजीम में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जा सकता है, जबकि स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50,000 से 75,000 तक बढ़ाने की मांग है। सीनियर्स के लिए सेक्शन 80D हेल्थ इंश्योरेंस डिडक्शन को 50,000 से 1 लाख तक बढ़ाया जा सकता है। होमबायर्स के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग कैप को 45 लाख से 75 लाख तक रिवाइज करने की संभावना है, साथ ही क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम को रिवाइव किया जा सकता है। मिडिल क्लास को महंगाई से राहत देने के लिए फ्यूल और गैस सिलेंडर पर जीएसटी रेशनलाइजेशन पर विचार हो सकता है।

खेती-किसानी पर फोकस: किसानों को मजबूत सपोर्ट

एग्रीकल्चर सेक्टर में 10-15% अलोकेशन बढ़ोतरी की उम्मीद है। पीएम-किसान स्कीम की सालाना राशि को 6,000 से 9,000 तक बढ़ाया जा सकता है, साथ ही क्रॉप इंश्योरेंस और इरिगेशन के लिए अतिरिक्त फंड। कोल्ड-चेन, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स को बूस्ट देने के लिए 50,000 करोड़ का पैकेज आ सकता है, जो पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस को 20% से कम करने में मदद करेगा। क्लाइमेट-रेजिलिएंट फार्मिंग के लिए आरएंडडी फंडिंग बढ़ेगी, जिसमें ड्रोन टेक्नोलॉजी और प्रिसिजन एग्रीकल्चर शामिल। ऑयलसीड्स और पल्सेस प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव, जिससे इम्पोर्ट डिपेंडेंसी 30% कम हो सकती है।

ग्रीन एनर्जी: सस्टेनेबल ग्रोथ की दिशा में कदम

सेक्टरअपेक्षित अलोकेशन (करोड़ में)प्रमुख फोकस
एग्रीकल्चर1,50,000-1,70,000इरिगेशन, स्टोरेज, क्रेडिट एक्सेस
रूरल डेवलपमेंट2,00,000एमएनआरईजीए, हाउसिंग स्कीम्स
फूड प्रोसेसिंग20,000कोल्ड-चेन इंफ्रा, एक्सपोर्ट प्रमोशन

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को 500 जीडब्ल्यू टारगेट के लिए बूस्ट मिलेगा। ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर और बैटरी स्टोरेज के लिए फिस्कल इंसेंटिव बढ़ सकते हैं, जिसमें 50,000 करोड़ का फंड शामिल। ग्रिड मॉडर्नाइजेशन और ईवी चार्जिंग इंफ्रा के लिए 30,000 करोड़ का पैकेज, साथ ही FAME-III स्कीम के तहत ईवी सब्सिडी। इंडस्ट्रियल डीकार्बोनाइजेशन के लिए टैक्स क्रेडिट, जो कार्बन एमिशन को 20% कम करने में मदद करेगा। रिन्यूएबल मैन्युफैक्चरिंग को पीएलआई स्कीम के तहत एक्सटेंशन, जिससे डोमेस्टिक प्रोडक्शन 40% बढ़ सकता है।

सोलर एनर्जी: रूफटॉप सोलर इंसेंटिव को दोगुना, 10 मिलियन घरों को टारगेट।

ग्रीन हाइड्रोजन: एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए 15,000 करोड़ का इन्वेस्टमेंट।

ईवी सेक्टर: बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए कस्टम ड्यूटी रिडक्शन।

रोजगार सृजन और एमएसएमई सपोर्ट

जॉब्स क्रिएशन पर जोर, जहां अप्रेंटिसशिप और स्किलिंग के लिए 20,000 करोड़ अतिरिक्त फंड। एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम को 2 लाख करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है, साथ ही कोलेटरल-फ्री लोन। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लेबर-इंटेंसिव एक्सपोर्ट को बूस्ट देने के लिए इंसेंटिव, जो 10 मिलियन जॉब्स क्रिएट कर सकता है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए एआई और टेक स्टार्टअप्स को क्लियर रेगुलेशंस, साथ ही रिसर्च फंडिंग।

डिफेंस और इंफ्रा: कैपेक्स में बढ़ोतरी

कैपेक्स को 11 लाख करोड़ तक बढ़ाने की उम्मीद, जिसमें रोड्स, रेलवे और पोर्ट्स शामिल। डिफेंस बजट को 6 लाख करोड़, जिसमें 70% लोकल प्रोक्योरमेंट पर फोकस। मेक इन इंडिया को बूस्ट देने के लिए कस्टम ड्यूटी ट्वीक्स और एक्सपोर्ट इंसेंटिव। अर्बन इंफ्रा के लिए 1 लाख करोड़, जिसमें डिजिटल हाइवे मैपिंग शामिल।

फिस्कल डिसिप्लिन और इकोनॉमिक आउटलुक

प्रमुख क्षेत्रअपेक्षित बढ़ोतरी (%)प्रभाव
डिफेंस10-15लोकल मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट
इंफ्रा8-10रोड/रेल नेटवर्क एक्सपैंशन
एमएसएमई20क्रेडिट और एक्सपोर्ट सपोर्ट

फिस्कल डेफिसिट को 4.5% तक सीमित रखने का लक्ष्य, जहां रेवेन्यू एक्सपेंडिचर को कंट्रोल किया जाएगा। सब्सिडीज रेशनलाइजेशन के साथ कैपिटल स्पेंडिंग को प्राथमिकता। ट्रेड वॉर के बीच एक्सपोर्ट डाइवर्सिफिकेशन, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस और केमिकल्स पर फोकस। बॉन्ड मार्केट को डीपन करने के लिए टैक्स रेशनलाइजेशन, जो लॉन्ग-टर्म फाइनेंसिंग को आसान बनाएगा।

सेक्टर-वाइज प्रमुख अपडेट्स

हेल्थकेयर: यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस और प्राइमरी केयर के लिए 1 लाख करोड़, साथ ही मेडिसिन प्राइस रिडक्शन।

एजुकेशन: स्किलिंग प्रोग्राम्स को 15,000 करोड़, जिसमें एआई और टेक कोर्स शामिल।

टेलीकॉम: लाइसेंस फी को 3% से घटाकर 1%, साथ ही 5जी कैपेक्स के लिए जीएसटी राहत।

रियल एस्टेट: जीएसटी रेशनलाइजेशन और होमबायर्स इंसेंटिव, जो सेक्टर को 20% ग्रोथ दे सकता है।

यह बजट ग्लोबल अनसर्टेन्टी के बीच इंडिया की ग्रोथ को सस्टेन करने पर फोकस करेगा, जहां ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से निपटने के लिए डोमेस्टिक सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। स्टार्टअप्स को एआई रेगुलेशंस और ग्रीन फाइनेंसिंग से बूस्ट मिलेगा।

Disclaimer: This is based on news reports and tips from sources.

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