Anthropic AI jobs exposure list 2026 with top professions at risk from automation

सावधान! Anthropic की नई रिपोर्ट में टॉप 10 जॉब्स लिस्ट, क्या आपकी नौकरी भी AI के खतरे में है?

“Anthropic ने अपनी लेटेस्ट रिसर्च में ‘observed exposure’ मेट्रिक से 10 ऐसे प्रोफेशंस की लिस्ट जारी की है, जहां AI टास्क्स का 47% से 75% तक ऑटोमेट कर सकता है। कंप्यूटर प्रोग्रामर्स टॉप पर हैं, जबकि कस्टमर सर्विस और डेटा एंट्री जैसे रोल्स भी हाई रिस्क में। भारत में IT और BPO सेक्टर पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है, लेकिन अभी बड़े पैमाने पर जॉब लॉस नहीं हुआ है।”

Anthropic की रिपोर्ट: AI से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली नौकरियां

Anthropic ने मार्च 2026 में अपनी नई रिसर्च रिपोर्ट जारी की, जिसमें AI के लेबर मार्केट पर असर को मापने के लिए एक नया मेट्रिक ‘observed exposure’ पेश किया गया है। यह मेट्रिक थियोरेटिकल AI कैपेबिलिटी और रियल-वर्ल्ड यूजेज डेटा (Claude मॉडल के API ट्रैफिक से) को मिलाकर बनाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI अभी ज्यादातर व्हाइट-कॉलर जॉब्स में टास्क ऑटोमेशन कर रहा है, लेकिन बड़े पैमाने पर एम्प्लॉयमेंट लॉस नहीं हुआ है। हाई एक्सपोजर वाली जॉब्स में ग्रोथ रेट कम होने की संभावना है।

टॉप 10 सबसे ज्यादा एक्सपोज्ड प्रोफेशंस (observed exposure % के साथ)

कंप्यूटर प्रोग्रामर्स – 75% AI टूल्स जैसे Claude कोडिंग, सॉफ्टवेयर अपडेट और मेंटेनेंस में भारी इस्तेमाल हो रहा है।

कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव्स – 70% चैटबॉट्स और API के जरिए ऑटोमेटेड सपोर्ट बढ़ रहा है।

डेटा एंट्री कीयर्स – 67% सोर्स डॉक्यूमेंट्स पढ़कर डेटा इनपुट का काम AI आसानी से कर लेता है।

मेडिकल रिकॉर्ड स्पेशलिस्ट्स – 67% हेल्थ रिकॉर्ड्स प्रोसेसिंग में AI तेजी से घुस रहा है।

मार्केट रिसर्च एनालिस्ट्स और मार्केटिंग स्पेशलिस्ट्स – 65% डेटा एनालिसिस और रिपोर्ट जनरेशन ऑटोमेट हो रहा है।

सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स – 63% लीड जनरेशन और बेसिक सेल्स टास्क्स AI हैंडल कर सकता है।

फाइनेंशियल और इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट्स – 57% फाइनेंशियल डेटा एनालिसिस और रिपोर्टिंग में AI का यूज बढ़ा है।

सॉफ्टवेयर क्वालिटी एश्योरेंस एनालिस्ट्स – 52% टेस्टिंग और बग डिटेक्शन में AI टूल्स प्रभावी साबित हो रहे हैं।

इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी एनालिस्ट्स – 49% बेसिक सिक्योरिटी मॉनिटरिंग ऑटोमेट हो सकती है।

कंप्यूटर यूजर सपोर्ट स्पेशलिस्ट्स – 47% टेक्निकल सपोर्ट क्वेरीज में AI चैट इंटरफेस यूज हो रहा है।

भारत में AI का असर: IT और BPO सेक्टर सबसे ज्यादा जोखिम में

भारत दुनिया का सबसे बड़ा IT और आउटसोर्सिंग हब है, जहां 50 लाख से ज्यादा लोग IT सर्विसेज में काम करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रोग्रामिंग, कस्टमर सपोर्ट और डेटा प्रोसेसिंग जैसे टास्क्स भारत में सबसे ज्यादा आउटसोर्स होते हैं। AI के बढ़ते यूज से एंट्री-लेवल व्हाइट-कॉलर जॉब्स पर दबाव बढ़ सकता है। इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में भी चेतावनी दी गई है कि जनरेटिव AI से रूटीन कॉग्निटिव वर्क आउटसोर्सिंग का मॉडल प्रभावित हो सकता है।

हालांकि, रिपोर्ट कहती है कि अभी AI से बड़े पैमाने पर बेरोजगारी नहीं बढ़ी है। हाई एक्सपोजर वाली जॉब्स में युवा हायरिंग (22-25 साल) थोड़ी कम हुई है, जो ‘घोस्ट रिसेशन’ जैसी स्थिति दिखाती है – जहां फायरिंग कम लेकिन हायरिंग स्लो है। भारत में IT कंपनियां AI स्किल्ड वर्कर्स की तरफ शिफ्ट हो रही हैं, जिससे ट्रेडिशनल रोल्स में ग्रोथ कम हो सकती है।

किन जॉब्स पर अभी कम खतरा?

फिजिकल टास्क्स वाली जॉब्स जैसे कुक, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, बारटेंडर और कंस्ट्रक्शन वर्कर में AI का एक्सपोजर लगभग जीरो है। भारत में एल्डर केयर, नर्सिंग, कुकरी आर्ट्स और स्पेशल एजुकेशन जैसे फील्ड्स AI-प्रूफ माने जा रहे हैं।

क्या करें? स्किल अपग्रेडेशन जरूरी

AI टूल्स को इस्तेमाल करना सीखें, न कि उनसे डरें।

कोडिंग में AI असिस्टेंट यूज करके प्रोडक्टिविटी बढ़ाएं।

हाई-लेवल डिसीजन मेकिंग, क्रिएटिविटी और ह्यूमन जजमेंट वाली स्किल्स पर फोकस करें।

भारत में AI स्किल्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है – AI इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट्स और एथिक्स एक्सपर्ट्स की जरूरत है।

रिपोर्ट बताती है कि AI अभी जॉब्स को रिप्लेस नहीं कर रहा, बल्कि ट्रांसफॉर्म कर रहा है। जो वर्कर्स एडाप्ट होंगे, वे आगे रहेंगे।

Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट आधारित है और सूचना के उद्देश्य से है। कोई निवेश या करियर फैसला इससे पहले एक्सपर्ट सलाह लें।

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