“यह लेख बताता है कि आधार कार्ड की ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री कैसे चेक करें, जहां पिछले छह महीनों की 50 रिकॉर्ड्स तक की डिटेल्स मिलती हैं, जिसमें इस्तेमाल की तारीख, समय, टाइप और रिक्वेस्टिंग एंटिटी शामिल होती है। ऑनलाइन पोर्टल या mAadhaar ऐप के जरिए OTP वेरिफिकेशन से एक्सेस करें, और अनऑथराइज्ड यूज को स्पॉट कर सिक्योरिटी बढ़ाएं।”
आधार कार्ड का इस्तेमाल विभिन्न सेवाओं में होता है, जैसे बैंकिंग ट्रांजैक्शन, मोबाइल सिम एक्टिवेशन, सरकारी सब्सिडी क्लेम, ई-केवाईसी प्रोसेस और ऑनलाइन वेरिफिकेशन। UIDAI की ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री से पता चलता है कि किन-किन जगहों पर आपका आधार नंबर यूज किया गया। यह सर्विस पिछले छह महीनों की डिटेल्स प्रदान करती है, जिसमें अधिकतम 50 रिकॉर्ड्स दिखाई देते हैं। हर रिकॉर्ड में ऑथेंटिकेशन की तारीख, समय, मोड (जैसे बायोमेट्रिक, OTP या डेमोग्राफिक) और रिक्वेस्टिंग एजेंसी का कोड शामिल होता है, जो अनऑथराइज्ड एक्टिविटी को आईडेंटिफाई करने में मदद करता है।
यदि कोई अनजान एंटिटी दिखे, तो UIDAI हेल्पलाइन 1947 पर रिपोर्ट करें या लॉक बायोमेट्रिक्स फीचर एक्टिवेट करें। आधार का दुरुपयोग फाइनेंशियल फ्रॉड या आईडेंटिटी थेफ्ट का कारण बन सकता है, इसलिए रेगुलर चेकिंग जरूरी है। भारत में रोजाना करोड़ों आधार ऑथेंटिकेशन होते हैं, जो डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव को सपोर्ट करते हैं, लेकिन प्राइवेसी रिस्क भी बढ़ाते हैं।
ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री क्या दिखाती है?
ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री में स्पेसिफिक डिटेल्स मिलती हैं, जो यूजर को ट्रांसपेरेंसी प्रदान करती हैं। यहां प्रमुख कंपोनेंट्स की लिस्ट है:
तारीख और समय : हर यूज का एक्जैक्ट टाइमस्टैंप, जो पैटर्न एनालिसिस में मदद करता है।
ऑथेंटिकेशन टाइप : बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या आईरिस), OTP-बेस्ड, डेमोग्राफिक (नाम, पता) या ई-केवाईसी।
रिक्वेस्टिंग एंटिटी : एजेंसी का यूनिक कोड, जैसे बैंक, टेलीकॉम कंपनी या सरकारी डिपार्टमेंट, लेकिन फुल नेम नहीं दिखता।
सक्सेस/फेलियर स्टेटस : क्या ऑथेंटिकेशन सक्सेसफुल था या रिजेक्ट हुआ, जो संदिग्ध एक्टिविटी को हाइलाइट करता है।
IP एड्रेस या लोकेशन : कभी-कभी जियो-टैगिंग, लेकिन प्राइवेसी के लिए लिमिटेड।
यह डेटा यूजर को अलर्ट करता है अगर कोई अनएक्सपेक्टेड यूज हो, जैसे मध्यरात्रि में बैंक ट्रांजैक्शन।
ऑनलाइन पोर्टल से चेक करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट से हिस्ट्री चेक करना सिंपल है। फॉलो करें ये स्टेप्स:
ब्राउजर में https://resident.uidai.gov.in/aadhaar-auth-history ओपन करें।
अपना 12-डिजिट आधार नंबर या 16-डिजिट वर्चुअल ID (VID) एंटर करें।
स्क्रीन पर दिखाए गए सिक्योरिटी कोड (कैप्चा) टाइप करें।
‘Send OTP’ पर क्लिक करें; रजिस्टर्ड मोबाइल पर OTP आएगा।
OTP एंटर करें और ‘Submit’ क्लिक करें।
डैशबोर्ड पर पिछले छह महीनों की ऑथेंटिकेशन लिस्ट दिखेगी।
फिल्टर ऑप्शन से स्पेसिफिक डेट रेंज या टाइप सर्च करें।
अगर जरूरी हो, तो PDF फॉर्मेट में डाउनलोड करें।
यह प्रोसेस फ्री है और मोबाइल या डेस्कटॉप दोनों से काम करता है। अगर OTP नहीं आता, तो रजिस्टर्ड मोबाइल चेक करें या UIDAI पोर्टल से अपडेट करें।
mAadhaar ऐप से चेक करने का तरीका
mAadhaar ऐप Android और iOS पर अवेलेबल है, जो मोबाइल-फ्रेंडली ऑप्शन प्रदान करता है। यहां डिटेल्ड प्रोसेस:
Google Play Store या Apple App Store से mAadhaar ऐप डाउनलोड करें।
ऐप ओपन करें और भाषा सेलेक्ट करें (हिंदी उपलब्ध)।
‘Register My Aadhaar’ पर क्लिक करें अगर पहली बार यूज कर रहे हैं।
आधार नंबर एंटर करें, कैप्चा सॉल्व करें और OTP वेरिफाई करें।
ऐप में ‘Authentication History’ सेक्शन पर जाएं।
डेट रेंज सेलेक्ट करें (मैक्सिमम छह महीने)।
लिस्ट में हर एंट्री की डिटेल्स देखें, जैसे टाइप और स्टेटस।
अगर संदिग्ध एक्टिविटी मिले, तो ऐप से ही रिपोर्ट फाइल करें।
ऐप का एडवांटेज है कि ऑफलाइन मोड में भी कुछ फीचर्स काम करते हैं, लेकिन हिस्ट्री चेक के लिए इंटरनेट जरूरी। ऐप में बायोमेट्रिक लॉक फीचर भी है, जो एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लेयर ऐड करता है।
आधार के कॉमन यूज एरिया और रिस्क
आधार का इस्तेमाल विभिन्न सेक्टर्स में होता है। यहां एक टेबल में प्रमुख कैटेगरी और उदाहरण:
| सेक्टर | कॉमन यूज | पॉसिबल रिस्क |
|---|---|---|
| बैंकिंग | अकाउंट ओपनिंग, लोन अप्रूवल, UPI ट्रांजैक्शन | फ्रॉडुलेंट विदड्रॉल अगर अनऑथराइज्ड एक्सेस हो |
| टेलीकॉम | नई सिम एक्टिवेशन, पोर्टिंग | अनजान नंबर से कॉल्स या मैसेज अगर दुरुपयोग हो |
| सरकारी स्कीम्स | PDS राशन, LPG सब्सिडी, पेंशन क्लेम | बेनिफिट्स का गलत डायवर्जन |
| ई-कॉमर्स | ऑनलाइन शॉपिंग वेरिफिकेशन, डिलीवरी KYC | प्राइवेसी ब्रिच से पर्सनल डेटा लीक |
| हेल्थकेयर | हॉस्पिटल रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस क्लेम | मेडिकल रिकॉर्ड्स का अनऑथराइज्ड एक्सेस |
| ट्रांसपोर्ट | ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल, ट्रेन टिकट बुकिंग | ट्रैवल डेटा का मिसयूज |
इनमें से किसी में अनएक्सपेक्टेड एंट्री मिले, तो तुरंत आधार लॉक करें। UIDAI के अनुसार, 2026 में आधार-लिंक्ड ट्रांजैक्शन 20% बढ़े हैं, जो डिजिटल इकोनॉमी को बूस्ट दे रहा है।
सिक्योरिटी टिप्स आधार यूजर्स के लिए
रेगुलर हिस्ट्री चेक करें, महीने में कम से कम एक बार।
अगर अनजान रिक्वेस्ट दिखे, तो आधार बायोमेट्रिक्स लॉक करें (myAadhaar पोर्टल से)।
VID यूज करें रियल आधार नंबर की जगह, जो टेम्पररी और सिक्योर है।
रजिस्टर्ड मोबाइल हमेशा अपडेट रखें, क्योंकि OTP इसी पर आता है।
थर्ड-पार्टी ऐप्स से आधार शेयर न करें; केवल ऑफिशियल चैनल्स यूज करें।
अगर फ्रॉड संदेह हो, तो पुलिस में FIR दर्ज करें और UIDAI को सूचित करें।
आधार लिंकिंग केवल जरूरी सेवाओं के लिए करें, जैसे PAN या बैंक अकाउंट।
ये टिप्स दुरुपयोग को 80% तक कम कर सकते हैं, जैसा कि साइबर सिक्योरिटी रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है।
एडवांस्ड फीचर्स और अपडेट्स
UIDAI ने 2026 में कुछ अपडेट्स इंट्रोड्यूस किए, जैसे एनहांस्ड फिल्टरिंग ऑप्शन हिस्ट्री में, जहां यूजर टाइप-वाइज सॉर्ट कर सकता है। अगर हिस्ट्री में एरर दिखे, तो ‘Refresh’ ऑप्शन यूज करें। मल्टीपल डिवाइस से एक्सेस करने पर, हर बार OTP वेरिफिकेशन जरूरी होता है, जो सिक्योरिटी बढ़ाता है। अगर आधार लॉस्ट हो, तो पहले री-इश्यू करवाएं फिर हिस्ट्री चेक करें।
Disclaimer: यह सामग्री सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और आधिकारिक सलाह नहीं मानी जाती। रिपोर्ट्स, टिप्स और स्रोतों पर आधारित, लेकिन व्यक्तिगत सलाह के लिए संबंधित अथॉरिटी से संपर्क करें।


