“सोने-चांदी की कीमतों में पिछले दिनों भारी गिरावट के बाद अचानक मजबूत रिकवरी देखी गई है। वैश्विक स्तर पर डॉलर में कमजोरी और तेल कीमतों में नरमी से प्रेशर कम हुआ, जिससे MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स में 2-3% तक उछाल आया। चांदी में भी 5% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की नीतियां कीमतों को प्रभावित करेंगी।”
सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के बाद अचानक रिकवरी: क्या अब कीमतें फिर उछलेंगी?
हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई थी, लेकिन अब बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिल रही है। MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स (अप्रैल 2026 एक्सपायरी) में हालिया सेशन में 3-4% तक की तेजी दर्ज हुई, जबकि चांदी फ्यूचर्स में 5-6% का उछाल आया। यह रिकवरी वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में आई नरमी, तेल कीमतों में स्थिरता और कुछ भू-राजनीतिक संकेतों से ट्रिगर हुई है।
पिछले हफ्ते सोने की कीमतें 10% से ज्यादा गिरी थीं, जहां MCX गोल्ड 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई से करीब 1.29-1.37 लाख के स्तर तक फिसल गया था। चांदी में गिरावट और भी तेज थी, जहां कीमतें 11-17% तक लुढ़कीं और 2 लाख से नीचे चली गईं। यह गिरावट मुख्य रूप से मजबूत अमेरिकी डॉलर, उच्च ब्याज दरों की उम्मीद और वैश्विक इक्विटी बाजारों में बिकवाली से आई थी।
लेकिन अब स्थिति पलट रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $4,400 के आसपास स्थिर हुआ है, जबकि पहले यह $4,099 तक गिर गया था। भारत में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत अब ₹13,500-14,500 प्रति ग्राम के बीच है, जबकि 22 कैरेट ₹12,400-13,000 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। चांदी ₹230-250 प्रति ग्राम पर पहुंची है, जो पिछले क्रैश से रिकवर कर रही है।
वर्तमान कीमतें (23 मार्च 2026 के अनुसार प्रमुख शहरों में)
दिल्ली: 24K सोना ₹14,017 प्रति ग्राम (10 ग्राम ≈ ₹1,40,170), 22K ≈ ₹12,850
मुंबई/चेन्नई/बेंगलुरु: समान स्तर पर, मामूली अंतर ₹100-200 का
चांदी: ₹230-250 प्रति ग्राम (1 किलो ≈ ₹2,30,000-2,45,000)
MCX पर लाइव ट्रेंड MCX गोल्ड अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट: ₹1,39,000-1,40,000 के आसपास, दिन में +2-4% तेजी MCX सिल्वर: ₹2,27,000-2,30,000 प्रति किलो, हालिया सेशन में +5% से ज्यादा
रिकवरी के प्रमुख कारण
डॉलर में कमजोरी: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट से कीमती धातुओं को सपोर्ट मिला।
तेल कीमतों में नरमी: क्रूड ऑयल $100 के नीचे आने से इन्फ्लेशन फियर कम हुआ, जिससे सेफ-हेवन डिमांड बनी रही।
भू-राजनीतिक संकेत: मिडिल ईस्ट और अन्य क्षेत्रों में तनाव कम होने के बाद भी कुछ निवेशक रिस्क ऑफ ले रहे हैं।
भारतीय बाजार में डिमांड: शादी-विवाह सीजन और त्योहारों के कारण फिजिकल खरीदारी बढ़ी, जिसने गिरावट को सीमित किया।
आगे क्या होगा? विशेषज्ञों की राय
शॉर्ट टर्म: कीमतें ₹1,40,000-1,45,000 (10 ग्राम) तक रिकवर कर सकती हैं अगर डॉलर कमजोर रहता है।
मीडियम टर्म: अगर अमेरिकी फेड रेट कट करता है तो गोल्ड $4,500+ जा सकता है, भारत में ₹1,50,000+ संभव।
रिस्क: मजबूत डॉलर या इक्विटी रैली से फिर गिरावट आ सकती है।
निवेश टिप: SIP या डिजिटल गोल्ड में छोटी मात्रा से निवेश जारी रखें, लेकिन बड़े निवेश से पहले स्टेबिलिटी का इंतजार करें।
कीमतों की तुलना (हालिया क्रैश vs रिकवरी)
| धातु | हाई (जनवरी 2026) | लो (मार्च क्रैश) | वर्तमान (23 मार्च) | रिकवरी % |
|---|---|---|---|---|
| गोल्ड (10g) | ₹1,93,000 | ₹1,29,000 | ₹1,39,000-1,40,000 | +8-10% |
| चांदी (1kg) | ₹4,20,000 | ₹2,00,000 | ₹2,27,000-2,30,000 | +12-15% |
यह रिकवरी बाजार में नए सिरे से खरीदारी का संकेत दे रही है, लेकिन अस्थिरता बनी हुई है। निवेशक वैश्विक संकेतों पर नजर रखें।
Disclaimer: यह न्यूज और मार्केट अपडेट आधारित रिपोर्ट है। कीमतें बाजार के अनुसार बदल सकती हैं। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।


