TCS और Infosys के शेयर प्राइस चार्ट दिखाते हुए भारतीय आईटी सेक्टर की गिरावट और खरीदारी का अवसर

टाटा की TCS या नारायण मूर्ति की Infosys: 40% तक गिरे भारत के टॉप आईटी शेयर, एक्सपर्ट से समझें फायदे का सौदा

“भारतीय आईटी सेक्टर में TCS और Infosys जैसे दिग्गज शेयरों में 2026 में 20-40% तक की गिरावट आई है, मुख्य रूप से AI disruption, US macro uncertainty और client spending slowdown के कारण। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन आकर्षक हो गए हैं, जहां लॉन्ग-टर्म निवेशक ‘buy the dip’ कर सकते हैं – क्योंकि सेक्टर की fundamentals मजबूत बनी हुई हैं और AI को अपनाने से नई ग्रोथ आएगी।”

टाटा की TCS या नारायण मूर्ति की Infosys: गिरावट के बीच फायदे का सौदा क्यों?

भारतीय आईटी सेक्टर में पिछले कुछ महीनों से लगातार बिकवाली का दौर जारी है। Nifty IT इंडेक्स 2026 में अब तक 23% से अधिक गिर चुका है, जबकि TCS और Infosys जैसे प्रमुख शेयरों में 20-30% तक की गिरावट दर्ज की गई है। Infosys का शेयर हाल ही में ₹1,215 के 2 साल के निचले स्तर पर पहुंचा, जबकि TCS भी ₹2,599 के आसपास ट्रेड कर रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में सेक्टर के प्रमुख नामों में 40% तक की गिरावट का जिक्र है, खासकर पीक से तुलना में।

गिरावट के मुख्य कारण

AI disruption का डर : Anthropic जैसे AI प्लेयर्स के नए टूल्स (जैसे Claude Code) ने legacy systems modernization और COBOL जैसे पुराने कोड को ऑटोमेट करने की क्षमता दिखाई है। इससे निवेशकों को चिंता है कि ट्रेडिशनल IT सर्विसेज का बिजनेस मॉडल प्रभावित होगा। Nvidia की AI चिप्स से जुड़ी $1 ट्रिलियन रेवेन्यू संभावना ने भी सेक्टर पर अतिरिक्त दबाव डाला।

US macro और Fed की नीति : US में मजबूत जॉब डेटा (जनवरी में बेरोजगारी 4.3% पर) ने Fed से जल्दी रेट कट की उम्मीद कम कर दी। इससे rate-sensitive tech stocks पर बिकवाली बढ़ी। साथ ही, geopolitical tensions और Middle East crisis से crude oil prices बढ़े, जिसने क्लाइंट बजट्स को टाइट किया।

क्लाइंट स्पेंडिंग में सुस्ती : US और Europe (जिनसे 85% रेवेन्यू आता है) में high interest rates और economic uncertainty से transformation projects delay हो रहे हैं। H-1B visa changes और tariff uncertainties ने भी sentiment खराब किया।

एक्सपर्ट्स की राय: क्यों है यह फायदे का सौदा?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गिरावट overdone है। Nifty IT इंडेक्स अब 5-वर्षीय औसत से 5% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है। लार्ज-कैप IT कंपनियां 13-15x PE पर उपलब्ध हैं, जो ग्रोथ को देखते हुए आकर्षक है।

CLSA ने TCS, Infosys, HCL Tech समेत टॉप 10 IT नामों पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है, AI रिस्क को फैक्टर करने के बाद भी 14-84% अपसाइड देखा है।

Nuvama और अन्य ब्रोकरेज ने Coforge, Infosys, TCS को टॉप पिक्स बताया है, क्योंकि वैल्यूएशन attractive हो गए हैं।

फंड मैनेजर्स जैसे Sandip Agarwal का मानना है कि large-cap IT में 5-6% रेवेन्यू ग्रोथ और 9-10% EPS ग्रोथ संभव है। AI adoption से system integrators की भूमिका बढ़ेगी, न कि कम होगी।

TCS vs Infosys: तुलनात्मक स्थिति

पैरामीटरTCSInfosys
मार्केट कैप (लगभग)₹8.5 लाख करोड़₹5.09 लाख करोड़
हालिया शेयर प्राइस₹2,390 के आसपास₹1,256 के आसपास
YTD गिरावट (2026)~18-20%~22-24%
PE रेशियो~16-17x~17-18x
मजबूती का आधारमजबूत ब्रांड, डाइवर्स क्लाइंटडिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन फोकस
एक्सपर्ट रेटिंगBuy/OutperformBuy/Hold (कुछ डाउनग्रेड)

TCS अपनी स्थिरता और क्लाइंट रिलेशनशिप के कारण कम गिरा है, जबकि Infosys AI और डिजिटल सर्विसेज में ज्यादा एक्सपोजर होने से प्रभावित हुआ। लेकिन दोनों में लॉन्ग-टर्म पोटेंशियल बरकरार है।

निवेशकों के लिए सलाह

लॉन्ग-टर्म होल्डर्स : मौजूदा स्तर पर accumulation करें, क्योंकि AI से IT सर्विसेज evolve होंगी, न कि खत्म।

शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स : volatility रहेगी, US Fed मीटिंग और Q4 रिजल्ट्स पर नजर रखें।

रिस्क : अगर US recession गहराया या AI disruption तेज हुआ, तो और गिरावट संभव। लेकिन fundamentals मजबूत कंपनियां रिकवर करेंगी।

यह गिरावट चुनौती है, लेकिन सही समय पर एंट्री से बड़ा फायदा दे सकती है।

Disclaimer: यह एक न्यूज रिपोर्ट और एक्सपर्ट ओपिनियन आधारित विश्लेषण है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। मार्केट रिस्की है।

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