आधुनिक कनेक्टेड कार का डैशबोर्ड जिसमें प्राइवेसी सेटिंग्स और माइक्रोफोन आइकन दिख रहा है, डेटा प्राइवेसी कॉन्सर्न को दर्शाता हुआ

क्या आपकी कार भी चोरी-छिपे सुन रही है आपकी बातें? प्राइवेसी बचाने के लिए अभी बदलें ये 5 जरूरी सेटिंग्स

“आजकल की कनेक्टेड कारें सिर्फ ड्राइव नहीं करातीं, बल्कि आपकी लोकेशन, बातचीत और आदतें भी रिकॉर्ड करती हैं। भारत में बढ़ती EV और स्मार्ट कारों के साथ प्राइवेसी रिस्क बढ़ गया है—इन 5 सेटिंग्स को तुरंत बदलें, वरना आपका डेटा कंपनियों या थर्ड पार्टी के हाथों में जा सकता है।”

क्या आपकी कार भी चोरी-छिपे सुन रही है आपकी बातें? प्राइवेसी बचाने के लिए अभी बदलें ये 5 सेटिंग्स

भारत में 2026 तक कनेक्टेड व्हीकल्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जहां टाटा, MG, BYD और टेस्ला जैसी कंपनियां EV और स्मार्ट फीचर्स के साथ आ रही हैं। लेकिन ये कारें माइक्रोफोन, कैमरा, GPS और सेंसर से लगातार डेटा इकट्ठा करती हैं—लोकेशन, स्पीड, ब्रेकिंग पैटर्न से लेकर इन-कैबिन बातचीत तक। कई मामलों में वॉइस कमांड के लिए माइक्रोफोन हमेशा ऑन रहता है, जो बातों को कैप्चर कर सकता है और क्लाउड पर अपलोड हो जाता है। भारत सरकार ने MeitY के ड्राफ्ट गाइडलाइंस और MoRTH के AIS-190 स्टैंडर्ड से डेटा लोकलाइजेशन और कंसेंट को अनिवार्य बनाने की कोशिश की है, लेकिन ज्यादातर कार मालिकों को पता नहीं कि उनकी प्राइवेसी कैसे लीक हो रही है।

यहां 5 सबसे महत्वपूर्ण सेटिंग्स हैं जिन्हें तुरंत चेक और बदलें:

वॉइस रिकग्निशन और माइक्रोफोन एक्सेस बंद करें ज्यादातर कनेक्टेड कारों में वॉइस असिस्टेंट (जैसे “Hey Toyota”, “Hey Mercedes” या कार के बिल्ट-इन AI) के लिए माइक्रोफोन हमेशा लिसन मोड में रहता है। इन्फोटेनमेंट सिस्टम में जाकर Settings > Voice & Speech > Wake Word या Always-On Listening को ऑफ करें। अगर कार ऐप से कनेक्टेड है, तो मोबाइल ऐप में भी Privacy > Voice Data Sharing को डिसेबल करें। इससे अनचाही बातचीत रिकॉर्ड होने का खतरा कम होता है, खासकर फैमिली डिस्कशन या प्राइवेट कॉल के दौरान।

डेटा शेयरिंग और कनेक्टेड सर्विसेज ऑप्ट-आउट करें कार के इन्फोटेनमेंट स्क्रीन पर Privacy Settings या Connected Services मेन्यू में जाएं। “Share Vehicle Data”, “Data Usage with Manufacturer” या “Third-Party Sharing” जैसे ऑप्शन ढूंढें और इन्हें ऑफ कर दें। कई ब्रांड्स (जैसे टाटा नेक्सन EV या MG Hector में) ऐप से Master Data Consent को रिवोक करने का ऑप्शन देते हैं। इससे लोकेशन, ड्राइविंग बिहेवियर और टेलीमैटिक्स डेटा कंपनियों तक नहीं पहुंचता, जो इंश्योरेंस कंपनियों को बेचा जा सकता है।

लोकेशन ट्रैकिंग और GPS शेयरिंग लिमिट करें Navigation और Connected Navigation फीचर्स में Location Sharing को सिर्फ जरूरत पर रखें। Settings > Location Services > Share Location with Manufacturer या App को ऑफ करें। अगर कार में इन-बिल्ट eCall या SOS फीचर है, तो उसे छोड़कर बाकी लोकेशन-बेस्ड सर्विसेज डिसेबल करें। भारत में डेटा लोकलाइजेशन नियमों के बावजूद, कई विदेशी ब्रांड्स डेटा क्लाउड पर भेजते हैं—यह सेटिंग बदलने से आपका रियल-टाइम लोकेशन सुरक्षित रहता है।

इन-कैबिन कैमरा और ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम बंद करें कई EV और प्रीमियम कारों में ड्राइवर अटेंशन मॉनिटरिंग के लिए इन-कैबिन कैमरा होता है, जो फेस, आई मूवमेंट और इमोशंस ट्रैक करता है। Privacy मेन्यू में Driver Monitoring System (DMS) या Cabin Camera को डिसेबल करें। अगर ऑप्शन नहीं है, तो फिजिकल कवर यूज करें या कार ऐप से कैमरा एक्सेस रिवोक करें। इससे आपकी प्राइवेट बातें या एक्सप्रेशंस रिकॉर्ड नहीं होते।

मोबाइल ऐप और ब्लूटूथ/USB डेटा सिंक को कंट्रोल करें कार का मोबाइल ऐप (जैसे MyTata, MG iSMART, BYD ऐप) डाउनलोड करके Privacy Portal या Data Privacy सेक्शन में जाएं। Trip Recording, Call Logs, Contacts Sync और Media Analytics को ऑफ करें। ब्लूटूथ कनेक्ट करते समय Contacts और Messages शेयर न करने का ऑप्शन चुनें। अगर कार में Wi-Fi या OTA अपडेट्स हैं, तो सिर्फ जरूरी अपडेट्स पर रखें और बैकग्राउंड डेटा ट्रांसफर लिमिट करें।

ये बदलाव करने से आपकी कार की जासूसी काफी हद तक रुक सकती है, लेकिन याद रखें कि कुछ बेसिक सेफ्टी फीचर्स (जैसे एयरबैग डेटा या इमरजेंसी कॉल) हमेशा ऑन रहते हैं। अगर आप पूरी तरह कनेक्टिविटी बंद करना चाहते हैं, तो डीलर से TCU (Telematics Control Unit) डिसेबल करवाएं, हालांकि इससे कुछ फीचर्स काम नहीं करेंगे।

डिस्क्लेमर: यह न्यूज और प्राइवेसी टिप्स पर आधारित जानकारी है। व्यक्तिगत सलाह के लिए कार मैनुअल या अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करें।

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