सीबीएसई ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिका जांचते हुए

सीबीएसई ने प्रिंसिपल्स को सौंपी शिक्षकों की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रैक्टिस की जिम्मेदारी, 2026 से 12वीं की कॉपियां होंगी पूरी तरह डिजिटल जांच

“सीबीएसई ने 2026 बोर्ड परीक्षाओं से कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से शुरू किया है। प्रिंसिपल्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे कक्षा 11 और 12 के सभी शिक्षकों को OSM पोर्टल पर लॉगिन कराकर अनिवार्य अभ्यास (प्रैक्टिस रन) पूरा करवाएं। यह बदलाव कुलिंग एरर्स खत्म करने, मूल्यांकन तेज करने, पारदर्शिता बढ़ाने और शिक्षकों को स्कूल में रहकर ही जांच करने की सुविधा देगा। परिणामों के बाद मार्क्स वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं रहेगी।”

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026: कक्षा 12 की कॉपियां अब डिजिटल स्क्रीन पर जांचेंगी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक बड़ा सुधार लागू किया है। 2026 से सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑन-स्क्रीन मार्किंग (On-Screen Marking – OSM) सिस्टम के माध्यम से होगा। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया जाएगा और उन्हें सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म (जैसे cbse.onmark.co.in) पर अपलोड कर दिया जाएगा। शिक्षक अपने स्कूलों में ही कंप्यूटर स्क्रीन पर बैठकर प्रश्न-वार अंक दे सकेंगे।

इस बदलाव की जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसिपल्स पर डाली गई है। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों के प्रिंसिपल्स को सर्कुलर जारी कर निर्देश दिया है कि वे कक्षा 11 और 12 के शिक्षकों के OASIS पोर्टल पर रजिस्टर्ड ईमेल आईडी के माध्यम से OSM पोर्टल का यूआरएल, लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें। प्रिंसिपल्स को सुनिश्चित करना होगा कि सभी योग्य शिक्षक पोर्टल पर लॉगिन करें और अनिवार्य ड्राई रन (प्रैक्टिस सेशन) पूरा करें। यह अभ्यास वास्तविक मूल्यांकन से पहले शिक्षकों को सिस्टम से परिचित कराने के लिए है।

OSM सिस्टम के प्रमुख लाभ

टोटलिंग एरर्स का पूर्ण उन्मूलन : ऑटोमेटेड सिस्टम से अंकों का जोड़ अपने आप हो जाएगा, जिससे मैनुअल गलतियां खत्म होंगी।

तेज मूल्यांकन : पहले 12 दिनों में पूरा होने वाला काम अब 9 दिनों में संभव होगा, क्योंकि शिक्षक घर या स्कूल से ही भाग ले सकेंगे।

व्यापक शिक्षक भागीदारी : भारत और विदेशों में स्थित सभी संबद्ध स्कूलों के शिक्षक शामिल हो सकेंगे, जिससे मानव संसाधन की कमी दूर होगी।

लॉजिस्टिक्स और लागत में बचत : उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन केंद्र भेजने-लाने की जरूरत नहीं रहेगी, जिससे परिवहन खर्च और समय बचेगा।

पर्यावरण अनुकूल : कागज आधारित प्रक्रिया कम होने से कागज की बचत होगी।

पोस्ट-रिजल्ट वेरिफिकेशन समाप्त : डिजिटल सिस्टम से अंकों की सटीकता बढ़ने के कारण रिजल्ट के बाद मार्क्स वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

शिक्षकों के लिए आवश्यक तैयारी और इंफ्रास्ट्रक्चर

स्कूलों को कंप्यूटर लैब तैयार रखना होगा जिसमें:

Windows OS 8 या उससे ऊपर वाला सिस्टम (कम से कम 4 GB RAM)

अपडेटेड ब्राउजर और Adobe Reader

न्यूनतम 2 Mbps की स्थिर इंटरनेट स्पीड

पब्लिक स्टेटिक आईपी

अनइंटरप्टेड पावर सप्लाई (UPS)

CBSE ने OSM ट्रांजिशन के लिए कई कदम उठाए हैं:

शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए गए।

इंस्ट्रक्शनल वीडियो जारी किए गए।

कॉल सेंटर सुविधा उपलब्ध कराई गई ताकि तकनीकी समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके।

मल्टीपल ड्राई रन आयोजित किए जा रहे हैं।

छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?

यह बदलाव छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा क्योंकि:

मूल्यांकन अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी होगा।

रिजल्ट जल्दी घोषित हो सकेंगे।

मानवीय त्रुटियां कम होने से अंक अधिक सटीक मिलेंगे।

परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव नहीं है; परीक्षा अभी भी पेन-पेपर मोड में होगी।

CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्कूल प्रिंसिपल्स को भेजे पत्र में कहा है कि यह सुधार दक्षता, पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने के लिए है। बोर्ड ने सभी स्कूलों से सहयोग मांगा है ताकि 2026 बोर्ड परीक्षाएं सुचारू रूप से संपन्न हों।

Disclaimer: यह खबर आधिकारिक सूचनाओं और हालिया अपडेट्स पर आधारित है।

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