“एमपीपीएससी राज्य सेवा, वन सेवा और अभियांत्रिकी सेवा परीक्षाओं के लिए पदों में वृद्धि पर विचार कर रहा है। मौजूदा 155 पदों वाली राज्य सेवा में 45 अतिरिक्त, 36 पदों वाली वन सेवा में 20 और अभियांत्रिकी सेवा में 30 पद बढ़ाने की संभावना। प्रीलिम्स से पहले संशोधित अधिसूचना जारी होगी, जो उम्मीदवारों को नए अवसर प्रदान करेगी।”
एमपीपीएससी ने राज्य सेवा परीक्षा (SSE), राज्य वन सेवा परीक्षा (SFSE) और राज्य अभियांत्रिकी सेवा परीक्षा (SESE) के लिए पदों में वृद्धि की संभावना जताई है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार के साथ समन्वय में इन परीक्षाओं के लिए उपलब्ध पदों को बढ़ाने पर चर्चा हो रही है, ताकि अधिक योग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों में जगह मिल सके। राज्य सेवा में वर्तमान 155 पदों को 200 तक पहुंचाने का प्रस्ताव है, जिसमें डिप्टी कलेक्टर जैसे पदों पर फोकस होगा।
वन सेवा परीक्षा में 36 पदों को 56 तक बढ़ाने की योजना है, जो पर्यावरण संरक्षण से जुड़े roles को मजबूत करेगी। अभियांत्रिकी सेवा में 50 पदों को 80 तक ले जाने पर विचार हो रहा है, विशेष रूप से सिविल और मैकेनिकल ब्रांच में। यह वृद्धि राज्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर की जा रही है।
पद वृद्धि के प्रस्ताव के बाद, एमपीपीएससी को प्रीलिम्स परीक्षा से पहले रिवाइज्ड नोटिफिकेशन जारी करना होगा। राज्य सेवा की प्रीलिम्स अप्रैल में होने वाली है, इसलिए संशोधित अधिसूचना फरवरी के अंत तक आने की उम्मीद है। इससे उम्मीदवारों को आवेदन में बदलाव करने का मौका मिलेगा, जैसे अतिरिक्त पदों के लिए प्राथमिकता चुनना।
पद वृद्धि का प्रभाव
राज्य सेवा: डिप्टी कलेक्टर (17 से 25), डिप्टी एसपी (18 से 25), कमर्शियल टैक्स ऑफिसर (3 से 5) जैसे पदों में बढ़ोतरी से प्रशासनिक सेवाओं में अधिक विविधता आएगी।
वन सेवा: असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट जैसे पदों में वृद्धि से वन्यजीव संरक्षण प्रोजेक्ट्स तेज होंगे।
अभियांत्रिकी सेवा: असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) में 20 अतिरिक्त पद राज्य की रोड और ब्रिज कंस्ट्रक्शन योजनाओं को सपोर्ट करेंगे।
यह फैसला राज्य में बेरोजगारी कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जहां सरकारी नौकरियां युवाओं की पहली पसंद हैं। पद बढ़ाने से कटऑफ स्कोर में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन कॉम्पिटिशन और सख्त रहेगा।
संभावित बदलावों की सूची
| परीक्षा का नाम | मौजूदा पद | प्रस्तावित वृद्धि | कुल संभावित पद | प्रमुख पदों में बदलाव |
|---|---|---|---|---|
| राज्य सेवा (SSE) | 155 | 45 | 200 | डिप्टी कलेक्टर: 17 से 25, डिप्टी एसपी: 18 से 25 |
| वन सेवा (SFSE) | 36 | 20 | 56 | असिस्टेंट कंजर्वेटर: 10 से 15, रेंज ऑफिसर: 15 से 20 |
| अभियांत्रिकी सेवा (SESE) | 50 | 30 | 80 | असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल): 20 से 30, मैकेनिकल: 15 से 20 |
एमपीपीएससी के अधिकारियों का कहना है कि पद वृद्धि से राज्य की विकास योजनाओं को बल मिलेगा, जैसे कि इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण क्षेत्र में। यदि रिवाइज्ड नोटिफिकेशन जारी होता है, तो उम्मीदवारों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेटेड फॉर्म भरना होगा, जिसमें नई कैटेगरी विकल्प शामिल होंगे।
उम्मीदवारों के लिए टिप्स
आवेदन की अंतिम तिथि से पहले आधिकारिक वेबसाइट चेक करें, क्योंकि रिवाइज्ड नोटिफिकेशन में लेट फीस स्ट्रक्चर बदल सकता है।
प्रीलिम्स पैटर्न में नेगेटिव मार्किंग लागू है, इसलिए पद वृद्धि के बावजूद प्रैक्टिस टेस्ट पर फोकस करें।
कैटेगरी-वाइज रिजर्वेशन में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन अतिरिक्त पदों से जनरल कैटेगरी को फायदा मिल सकता है।
सिलेबस में कोई संशोधन नहीं, लेकिन पद वृद्धि से मेन एग्जाम में अधिक इंटरव्यू स्लॉट उपलब्ध होंगे।
पद बढ़ाने का यह विचार राज्य सरकार की नई भर्ती नीति से जुड़ा है, जहां समान पदों के लिए एकल परीक्षा सिस्टम अपनाया जा रहा है। इससे एमपीपीएससी की सालाना परीक्षाओं की संख्या घटकर नौ रह जाएगी, जो उम्मीदवारों के लिए कम तनावपूर्ण होगा।
रिवाइज्ड नोटिफिकेशन की प्रक्रिया
एमपीपीएससी रिवाइज्ड नोटिफिकेशन जारी करने से पहले राज्य सरकार से अंतिम मंजूरी लेगा। इसमें पदों की नई ब्रेकडाउन, आयु सीमा (21-40 वर्ष, रिलैक्सेशन सहित) और योग्यता मानदंड शामिल होंगे। उम्मीदवारों को ईमेल या एसएमएस अलर्ट के माध्यम से सूचित किया जाएगा।
अगर पद वृद्धि लागू होती है, तो राज्य सेवा में फाइनेंस सर्विस पदों में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी से अर्थव्यवस्था से जुड़े roles मजबूत होंगे। वन सेवा में अतिरिक्त पद क्लाइमेट चेंज प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट करेंगे, जबकि अभियांत्रिकी सेवा में वृद्धि से जल संरक्षण योजनाएं तेज होंगी।
चुनौतियां और समाधान
पद बढ़ाने से परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ानी पड़ेगी, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में। एमपीपीएससी इस पर काम कर रहा है, ताकि पंधुरना जैसे जिलों में भी सुविधा हो। नेगेटिव मार्किंग के साथ, उम्मीदवारों को स्ट्रेटेजिक तैयारी की सलाह दी जा रही है, जैसे कि 100 प्रश्नों में 75 प्रतिशत अटेम्प्ट पर फोकस।
यह विकास एमपी के युवाओं के लिए बड़ा अवसर है, जहां सरकारी जॉब्स की डिमांड हाई है। पद वृद्धि से कटऑफ में 2-3 प्रतिशत की कमी आ सकती है, लेकिन योग्यता पर कोई समझौता नहीं होगा।
Disclaimer: This news report is based on available sources and provides tips for aspirants.


