पीएम मोदी छात्रों के साथ परीक्षा पे चर्चा में अनोखे अंदाज में बातचीत करते हुए।

परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी का नया avatar, छात्रों को तनाव मुक्त परीक्षा के ये 7 गुर – न चूकें!

परीक्षा पे चर्चा 2026 के नौवें संस्करण में पीएम मोदी ने पहली बार पांच शहरों से एक साथ छात्रों से बात की, जहां रिकॉर्ड 6.76 करोड़ भागीदारी दर्ज हुई; उन्होंने आत्मविश्वास, लेखन अभ्यास और संतुलित दिनचर्या पर जोर देते हुए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को व्यावहारिक सलाह दी, साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान जैसे विषयों पर चर्चा की।

परीक्षा पे चर्चा में छात्रों से नए अंदाज में पीएम मोदी की बातचीत

इस बार परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम ने एक नया रूप धारण किया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों से छात्रों से सीधे संवाद किया। यह पहली बार था जब कार्यक्रम पांच अलग-अलग स्थानों पर एक साथ आयोजित हुआ, जो भारत की विविधता को दर्शाता है। देवमोगरा (गुजरात), कोयंबटूर (तमिलनाडु), रायपुर (छत्तीसगढ़), गुवाहाटी (असम) और दिल्ली के 7 लोक कल्याण मार्ग से जुड़े छात्रों ने पीएम से परीक्षा संबंधी चुनौतियों पर खुलकर बात की। इस नई व्यवस्था से कार्यक्रम अधिक समावेशी बना, जिसमें उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और मध्य भारत के छात्रों की आवाजें शामिल हुईं।

कार्यक्रम में भागीदारी ने नए कीर्तिमान स्थापित किए। कुल 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए, जिसमें 4.19 करोड़ छात्र, 24.84 लाख शिक्षक और 6.15 लाख अभिभावक शामिल थे। इससे जुड़ी गतिविधियों को मिलाकर कुल भागीदारी 6.76 करोड़ से ऊपर पहुंच गई, जो पिछले वर्ष के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को पार करती है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कार्यक्रम अब एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है, जो छात्रों की मानसिक सेहत पर केंद्रित है।

नीचे दी गई तालिका में भागीदारी के प्रमुख आंकड़े दिए गए हैं:

श्रेणीसंख्याप्रतिशत (कुल पंजीकरण का)
छात्र4,19,14,05693%
शिक्षक24,84,2595.5%
अभिभावक6,15,0641.5%
कुल पंजीकरण4,50,13,379100%
कुल भागीदारी (गतिविधियों सहित)6,76,00,000+

पीएम मोदी ने छात्रों से बातचीत में परीक्षा को एक उत्सव की तरह मनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन शांत मन और सकारात्मक दृष्टिकोण उससे भी ज्यादा जरूरी है। छात्रों को सलाह देते हुए उन्होंने आत्मविश्वास बढ़ाने, चुनौतियों का सामना करने और संतुलित दिनचर्या अपनाने के तरीके बताए। विशेष रूप से, लेखन अभ्यास पर बल दिया गया, क्योंकि लिखी हुई चीजें बेहतर याद रहती हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि हर व्यक्ति कुछ न कुछ जानता है, इसलिए अपने पैटर्न पर विश्वास रखें।

छात्रों के लिए प्रमुख सलाह बिंदु इस प्रकार हैं:

आत्मविश्वास विकसित करें : परीक्षा को जीवन का हिस्सा मानें, न कि पूरी जिंदगी। छोटी-छोटी आदतें अपनाकर सपनों की ओर बढ़ें।

तनाव प्रबंधन : विश्राम और आत्म-चिंतन से तनाव कम करें। छात्र अकेले नहीं हैं, लाखों साथी एक ही स्थिति से गुजर रहे हैं।

अनुशासन vs मोटिवेशन : अनुशासन को प्राथमिकता दें, क्योंकि मोटिवेशन अस्थायी होता है।

टेक्नोलॉजी का संतुलित उपयोग : समय प्रबंधन में तकनीक मददगार है, लेकिन अतिरिक्त उपयोग से बचें।

लेखन अभ्यास : परीक्षा की तैयारी में लिखकर याद करने की आदत डालें, जो रिटेंशन बढ़ाती है।

समग्र विकास : परीक्षा से परे, स्वयं-विश्वास और जिम्मेदार निर्णयों पर फोकस करें।

पर्यावरण और स्वतंत्रता सेनानी : परीक्षा थीम में पर्यावरण संरक्षण और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को शामिल करें, जो छात्रों को प्रेरित करता है।

अभिभावकों और शिक्षकों के लिए पीएम की सलाह भी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चों के रिपोर्ट कार्ड को अपनी विजिटिंग कार्ड न बनाएं। इसके बजाय, बच्चों की मानसिक सेहत पर ध्यान दें और उन्हें सपोर्ट करें। शिक्षकों को छात्रों की अनोखी व्यक्तिगतता को प्रोत्साहित करने की बात कही गई। कार्यक्रम में अभिभावक और शिक्षक भी सक्रिय रूप से शामिल हुए, जिससे यह एक समग्र चर्चा बनी।

बातचीत के दौरान कई अनोखे पल सामने आए। एक विशेष रूप से सक्षम छात्र ने गीत गाकर पीएम को प्रभावित किया, जो वायरल हो गया। छात्रों ने पीएम से व्यक्तिगत सवाल पूछे, जैसे छोटी आदतें कैसे सपनों को साकार करें या तनाव कैसे हैंडल करें। पीएम ने छात्रों की उत्साहपूर्ण और खुली प्रतिक्रियाओं को प्रेरणादायक बताया। क्षेत्रीय वीडियो में दिखाया गया कि कैसे विभिन्न सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के छात्रों ने अपनी चिंताओं को साझा किया, जैसे परीक्षा भय पर काबू पाना या तैयारी रणनीतियां।

कार्यक्रम के थीम इस बार और व्यापक थे, जिसमें परीक्षा को उत्सव बनाने, पर्यावरण बचाने और क्लीन इंडिया जैसी बातें शामिल थीं। पीएम ने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे कठिनाइयों से लड़ें और आगे बढ़ें। इस चर्चा से छात्रों में नई ऊर्जा आई, जो परीक्षा सीजन में उन्हें मदद करेगी। कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने का माध्यम बना।

Disclaimer: यह लेख समाचार रिपोर्टों, टिप्स और स्रोतों पर आधारित है। समय और तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है।

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