Alt Text for featured image AI चैटबॉट ChatGPT के इंटरफेस में यूजर सवाल के जवाब के नीचे स्पॉन्सर्ड विज्ञापन दिखता हुआ

AI चैटबॉट्स में अब Ads का दौर शुरू: ChatGPT में विज्ञापन, प्राइवेसी का बड़ा खतरा

ओपनएआई ने ChatGPT के फ्री और Go टियर में विज्ञापन टेस्टिंग शुरू करने का ऐलान किया है। ये ऐड्स यूजर की मौजूदा बातचीत के आधार पर पर्सनलाइज्ड होंगे और जवाब के नीचे स्पॉन्सर्ड लेबल के साथ दिखेंगे। कंपनी का दावा है कि यूजर डेटा बेचा नहीं जाएगा और संवेदनशील टॉपिक्स पर ऐड्स नहीं दिखेंगे, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्राइवेसी लीक, मिसइनफॉर्मेशन और गलत प्रभाव का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। भारत में करोड़ों यूजर्स के लिए यह बदलाव खासा चिंताजनक हो सकता है।

ओपनएआई का नया विज्ञापन मॉडल

ओपनएआई ने हाल ही में घोषणा की कि ChatGPT के फ्री वर्जन और कम कीमत वाले Go टियर में विज्ञापन टेस्टिंग जल्द शुरू होगी। यह शुरुआत अमेरिका में लॉग्ड-इन एडल्ट यूजर्स के लिए होगी। कंपनी का उद्देश्य AI की पहुंच बढ़ाना है ताकि ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें। विज्ञापन मुख्य रूप से बातचीत के कंटेक्स्ट पर आधारित होंगे। उदाहरण के तौर पर अगर कोई यूजर ट्रिप प्लानिंग के बारे में पूछता है तो होटल या लोकल एंटरटेनमेंट से जुड़े स्पॉन्सर्ड सुझाव नीचे दिख सकते हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ऐड्स यूजर के जवाब को प्रभावित नहीं करेंगे और जवाब हमेशा मददगार बने रहेंगे।

विज्ञापन कहां और कैसे दिखेंगे

पोजिशन : ChatGPT के जवाब के ठीक नीचे स्पॉन्सर्ड सेक्शन में।

लेबलिंग : हर ऐड पर स्पष्ट रूप से “Sponsored” या समकक्ष लेबल होगा।

पर्सनलाइजेशन : मौजूदा बातचीत के आधार पर रेलेवेंट प्रोडक्ट या सर्विस दिखाई जाएगी।

कंट्रोल : यूजर्स ऐड पर्सनलाइजेशन बंद कर सकते हैं, डेटा क्लियर कर सकते हैं या प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेकर ऐड-फ्री एक्सपीरियंस चुन सकते हैं।

प्रतिबंध : 18 साल से कम उम्र के यूजर्स (बातचीत और यूज पैटर्न से अनुमानित), हेल्थ, मेंटल हेल्थ या पॉलिटिक्स जैसे संवेदनशील टॉपिक्स पर ऐड्स नहीं दिखेंगे।

प्राइवेसी पर कंपनी के दावे

ओपनएआई का कहना है कि बातचीत का डेटा एडवरटाइजर्स को नहीं बेचा जाएगा। यूजर्स को डेटा कंट्रोल के ऑप्शन दिए जाएंगे। कंपनी यूजर ट्रस्ट को प्राथमिकता दे रही है और फीडबैक के आधार पर बदलाव करेगी। प्रो, बिजनेस और एंटरप्राइज सब्सक्रिप्शन ऐड-फ्री रहेंगे।

ये खतरे क्यों ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं

AI चैटबॉट्स में विज्ञापन का इंटीग्रेशन पारंपरिक सर्च या सोशल मीडिया से अलग है क्योंकि यहां यूजर अक्सर पर्सनल, इमोशनल या संवेदनशील सवाल पूछता है। नीचे दी गई टेबल में मुख्य खतरे और उनके प्रभाव दिए गए हैं:

भारत में क्या प्रभाव पड़ सकता है

खतराविवरणसंभावित प्रभाव भारत में
प्राइवेसी लीकबातचीत से पर्सनलाइज्ड ऐड्स बनते हैं, जिससे अनजाने में पर्सनल इंफॉर्मेशन का इस्तेमाल हो सकता है।भारत में करोड़ों यूजर्स रोज ChatGPT से जॉब, हेल्थ, रिलेशनशिप सलाह लेते हैं; डेटा लीक से ब्लैकमेल या टारगेटेड स्कैम बढ़ सकते हैं।
मिसइनफॉर्मेशन का खतरास्पॉन्सर्ड कंटेंट जवाब के साथ मिक्स होने से यूजर इसे न्यूट्रल सलाह समझ सकता है।फाइनेंशियल, हेल्थ या एजुकेशन सलाह में गलत प्रोडक्ट पुश से आर्थिक नुकसान या स्वास्थ्य जोखिम।
गलत प्रभाव और मैनिपुलेशनऐड्स से ब्रांड्स यूजर के फैसले प्रभावित कर सकते हैं, खासकर युवाओं पर।भारत में हाई AI ट्रस्ट (48% यूजर्स AI कंटेंट पर भरोसा करते हैं) से फेक इनवेस्टमेंट स्कीम्स या अनहेल्दी प्रोडक्ट्स आसानी से बिक सकते हैं।
बच्चों पर असरउम्र वेरिफिकेशन बातचीत पर आधारित है, जो पूरी तरह सटीक नहीं हो सकता।भारतीय परिवारों में बच्चे भी ChatGPT इस्तेमाल करते हैं; अनुचित ऐड्स से गलत प्रभाव।
ट्रस्ट का क्षरणऐड्स से AI की निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे।पहले से AI हेलुसिनेशन की समस्या; ऐड्स से यूजर्स का भरोसा और कम हो सकता है।

भारत ChatGPT का सबसे तेज बढ़ता मार्केट है। डेली एक्टिव यूजर्स में भारी उछाल आया है। यहां यूजर्स अक्सर स्टडी, जॉब सर्च, बिजनेस आइडिया और पर्सनल प्रॉब्लम्स के लिए AI पर निर्भर हैं। ऐड्स आने से लोकल ब्रांड्स के लिए नया ऑपर्च्युनिटी तो बनेगा लेकिन यूजर एक्सपीरियंस खराब होने का डर भी है। उच्च AI एडॉप्शन रेट (41% शॉपिंग में AI टूल्स यूज) के कारण पर्सनलाइज्ड ऐड्स का असर ज्यादा गहरा होगा। साथ ही, डेटा प्रोटेक्शन नियमों की कमी से प्राइवेसी रिस्क बढ़ जाता है।

अन्य प्लेटफॉर्म्स की स्थिति

गूगल ने Gemini में फिलहाल ऐड्स नहीं डालने का रुख अपनाया है और ट्रस्ट को प्राथमिकता दे रहा है। लेकिन इंडस्ट्री में यह ट्रेंड तेजी से फैल रहा है। Perplexity जैसे कुछ प्लेटफॉर्म्स ने पहले ऐड्स टेस्ट किए लेकिन यूजर फीडबैक पर रोक लगाई।

यूजर्स के लिए सावधानियां

ऐड पर्सनलाइजेशन ऑफ करें।

संवेदनशील बातचीत में AI इस्तेमाल कम करें।

प्रीमियम सब्सक्रिप्शन पर विचार करें।

हर सलाह को क्रॉस-चेक करें।

Disclaimer यह एक समाचार रिपोर्ट है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न सार्वजनिक घोषणाओं और ट्रेंड्स पर आधारित है। कोई निवेश या व्यक्तिगत सलाह नहीं है।

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