“केंद्र सरकार ने Wingo ऐप के साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की है। यह ऐप यूजर्स को छोटे टास्क और निवेश से तुरंत पैसे कमाने का झांसा देकर उनके फोन से फर्जी SMS भेजता था और कॉन्टैक्ट्स, गैलरी, लोकेशन जैसे संवेदनशील डेटा का गलत इस्तेमाल करता था। I4C ने इसके कमांड एंड कंट्रोल सर्वर जियो-ब्लॉक कर दिए, साथ ही 1.53 लाख यूजर्स वाले 4 टेलीग्राम चैनल और 53 से ज्यादा यूट्यूब वीडियो हटा दिए गए। अगर आपने इसे इंस्टॉल किया है, तो तुरंत अनइंस्टॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं।”
Wingo ऐप स्कैम: पूरा मामला और खतरे
Wingo ऐप एंड्रॉयड यूजर्स को निशाना बनाकर चलाया जा रहा एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क था। यह ऐप शुरुआत में छोटे-मोटे टास्क पूरे करने या मामूली निवेश पर हाई रिटर्न का वादा करता था। यूजर्स को पहले कुछ छोटी रकम मिलने से भरोसा जमता था, लेकिन जल्द ही अकाउंट ब्लॉक हो जाता या ऐप खुद गायब हो जाता।
यह रेफरल बेस्ड पोंजी स्कीम की तरह काम करता था। यूजर्स को दूसरों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था, जिससे नेटवर्क बड़ा होता जाता। पेमेंट UPI या पर्सनल वॉलेट से लिए जाते थे, जिससे ट्रांजेक्शन ट्रैक करना मुश्किल हो जाता। फर्जी कस्टमर केयर नंबर दिए जाते, लेकिन पैसा फंसने के बाद वे गायब हो जाते।
ऐप कैसे फोन को हाईजैक करता था
यूजर्स को छोटे टास्क या निवेश का लालच देकर ऐप इंस्टॉल करवाया जाता।
ऐप अनइंस्टॉल होने के बाद भी बैकग्राउंड में एक्टिव रहता।
रोजाना 80-100 फर्जी SMS यूजर के नंबर से भेजे जाते, जिनमें फिशिंग लिंक या स्कैम मैसेज होते।
यह ‘Telecom Mule as a Service’ की तरह काम करता, जहां आम यूजर्स के फोन का इस्तेमाल अपराधी कानून से बचने के लिए करते।
ऐप गायब होने के बाद यूजर्स के पैसे वापस नहीं मिलते, और डेटा चोरी से आगे की ठगी का खतरा बढ़ जाता।
डेटा दुरुपयोग के गंभीर आयाम
Wingo ऐप अनावश्यक परमिशन मांगता था, जिससे निजी जानकारी पर खतरा मंडराता था।
| परमिशन | दुरुपयोग का तरीका | संभावित खतरा |
|---|---|---|
| कॉन्टैक्ट्स | संपर्कों की लिस्ट चुराई जाती | फिशिंग SMS या कॉल से आगे की ठगी |
| गैलरी | फोटो और मीडिया एक्सेस | ब्लैकमेल या पहचान चोरी |
| लोकेशन | यूजर की लोकेशन ट्रैकिंग | टारगेटेड फ्रॉड या स्टॉकिंग |
| SMS | फोन से फर्जी मैसेज भेजना | बैंकिंग फ्रॉड या पहचान चोरी |
यह डेटा चोरी से यूजर्स की पहचान, बैंक डिटेल्स और प्राइवेसी पर लंबे समय तक असर पड़ सकता था।
सरकार की सख्त कार्रवाई
गृह मंत्रालय के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने कई शिकायतों के आधार पर जांच की। प्रमुख एक्शन:
कमांड एंड कंट्रोल सर्वर को जियो-ब्लॉक किया गया, जिससे ऐप का संचालन पूरी तरह ठप हो गया।
4 बड़े टेलीग्राम चैनल ब्लॉक, जहां कुल 1.53 लाख यूजर्स जुड़े थे।
53 से ज्यादा यूट्यूब वीडियो हटाए गए, जो ऐप का प्रचार कर रहे थे।
एंड्रॉयड यूजर्स को अलर्ट जारी कर अनजान ऐप्स से बचने की सलाह दी गई।
यह कार्रवाई भारत में बढ़ते साइबर फ्रॉड के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है, जहां ऐसे ऐप्स पहले भी बैन हो चुके हैं।
यूजर्स के लिए तत्काल कदम
अगर आपके फोन में Wingo या ऐसा कोई संदिग्ध ऐप है:
तुरंत अनइंस्टॉल करें।
बैंक/UPI से संदिग्ध ट्रांजेक्शन ब्लॉक कराएं।
साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
फोन स्कैन करें और अनावश्यक परमिशन रिवोक करें।
बचाव के टिप्स: आगे से ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें
गारंटीड या डेली प्रॉफिट का वादा करने वाले ऐप्स से दूर रहें।
ऐप डाउनलोड से पहले रिव्यू, डेवलपर और परमिशन चेक करें।
UPI/वॉलेट से अज्ञात QR या ID पर पेमेंट न करें।
OTP या बैंक डिटेल्स कभी शेयर न करें।
संदिग्ध ऐप मिले तो तुरंत रिपोर्ट करें।
यह ऐप लाखों यूजर्स को प्रभावित कर सकता था, लेकिन समय पर कार्रवाई से बड़ा नुकसान बचा। फिर भी सतर्कता जरूरी है, क्योंकि ऐसे फ्रॉड नेटवर्क लगातार नए तरीके अपना रहे हैं।
Disclaimer: यह एक समाचार रिपोर्ट है। साइबर अपराध की शिकायत 1930 पर करें या cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं।


