“एमसीएक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जहां चांदी 16% से ज्यादा टूटकर 3.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंची, जबकि सोना 5% गिरकर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। वैश्विक कारकों और प्रॉफिट बुकिंग ने बाजार को प्रभावित किया, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी।”
एमसीएक्स पर आज चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई, जहां दिन की शुरुआत में ही 4% की गिरावट के साथ ओपनिंग हुई और शाम तक कुल 16.41% की गिरावट दर्ज की गई। चांदी का भाव 3,99,893 रुपये से गिरकर 3,34,285 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ, जो दिन भर में 65,608 रुपये की गिरावट दर्शाता है। यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक बाजारों में प्रॉफिट बुकिंग और डॉलर की मजबूती से प्रभावित हुई, जहां यूएस कॉमेक्स पर सिल्वर 16.20% गिरकर 98.52 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। भारतीय बाजार में चांदी के आयात पर बढ़ते दबाव ने भी इस गिरावट को तेज किया, क्योंकि इंडस्ट्रियल डिमांड में कमी आई है।
सोने की बात करें तो एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स 5.37% गिरकर 1,60,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जो दिन की शुरुआत में 1,67,899 रुपये से नीचे आया। कुल गिरावट 9,103 रुपये रही, जो हाल के हफ्तों के रैली के बाद प्रॉफिट टेकिंग को दर्शाती है। वैश्विक स्तर पर गोल्ड 7.38% गिरकर 5,036.49 डॉलर प्रति औंस पर है, जो ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीतियों और यूएस फेड की ब्याज दरों में बदलाव की आशंकाओं से जुड़ा है। भारतीय निवेशकों के लिए यह गिरावट ईटीएफ और फिजिकल गोल्ड की होल्डिंग्स पर दबाव डाल रही है, जहां कई लोग अब बेचने की स्थिति में आ गए हैं।
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
प्रॉफिट बुकिंग का दौर: हाल ही में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल आया था, जहां चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का पीक छुआ। निवेशकों ने इस ऊंचाई पर मुनाफा वसूलना शुरू किया, जिससे बाजार में सेलिंग प्रेशर बढ़ा।
वैश्विक आर्थिक कारक: डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने कमोडिटी मार्केट को प्रभावित किया, क्योंकि मजबूत डॉलर महंगी धातुओं की मांग कम करता है। इसके अलावा, यूएस में ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से इंडस्ट्रियल मेटल्स पर असर पड़ा।
इंडियन फैक्टर्स: भारत में आयात शुल्क और जीएसटी नियमों में बदलाव की अफवाहों ने ट्रेडर्स को सतर्क किया। साथ ही, ज्वेलरी डिमांड में मौसमी कमी ने कीमतों को नीचे धकेला।
तकनीकी विश्लेषण: आरएसआई इंडिकेटर ओवरबॉट जोन से बाहर आया, जो आगे गिरावट की संभावना दर्शाता है। सपोर्ट लेवल चांदी के लिए 3,27,913 रुपये और सोने के लिए 1,54,157 रुपये पर है।
एमसीएक्स पर आज की कीमतों का तुलनात्मक चार्ट
| धातु | ओपनिंग प्राइस (रुपये) | क्लोजिंग प्राइस (रुपये) | गिरावट (रुपये) | गिरावट (%) | हाई (रुपये) | लो (रुपये) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सोना (10 ग्राम) | 1,67,899 | 1,60,300 | 9,103 | 5.37 | 1,68,000 | 1,54,157 |
| चांदी (1 किलोग्राम) | 3,83,898 | 3,34,285 | 65,608 | 16.41 | 3,89,986 | 3,27,913 |
यह टेबल दर्शाती है कि चांदी की गिरावट सोने से कहीं ज्यादा तेज रही, जो इंडस्ट्रियल यूज के कारण अधिक वोलेटाइल है।
निवेशकों पर असर और सलाह
शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स: गिरावट के बीच शॉर्ट पोजीशन लेने का अवसर है, लेकिन वोलेटिलिटी हाई होने से स्टॉप-लॉस जरूरी। अगर कीमतें 3,30,000 रुपये से नीचे जाती हैं, तो आगे बिकवाली बढ़ सकती है।
लॉन्ग-टर्म निवेशक: यह डिप खरीदारी का मौका हो सकता है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताओं में गोल्ड और सिल्वर सेफ हेवन बने रहते हैं। हालांकि, 2026 के बजट से पहले सतर्क रहें।
ज्वेलरी बायर्स: शादी के सीजन में यह गिरावट राहत दे सकती है, लेकिन स्टोरेज और सिक्योरिटी पर ध्यान दें। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे Tanishq या Kalyan Jewellers पर डिस्काउंट चेक करें।
ईटीएफ प्रभाव: गोल्ड ईटीएफ जैसे HDFC Gold ETF में 5% की गिरावट आई, जबकि सिल्वर ईटीएफ में 16% का नुकसान। निवेशकों को पोर्टफोलियो रीबैलेंस करने की जरूरत।
वैश्विक बाजारों से तुलना यूएस कॉमेक्स पर गोल्ड 5,036.49 डॉलर पर है, जो भारतीय कीमतों से सिंक में है। सिल्वर 98.52 डॉलर पर गिरा, जो इंडस्ट्रियल डिमांड में कमी से जुड़ा है, जैसे सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में स्लोडाउन। यूरोपियन मार्केट्स में भी इसी ट्रेंड की झलक मिली, जहां प्लेटिनम 12.82% गिरकर 2,307.66 डॉलर पर पहुंचा। भारतीय रुपये में डॉलर की मजबूती (80 रुपये के पार) ने आयातित कीमतों को और नीचे धकेला।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है, लेकिन अगर यूएस फेड ब्याज दरें बढ़ाती है, तो आगे दबाव बनेगा। एक ब्रोकरेज रिपोर्ट में कहा गया कि चांदी का टारगेट 3,00,000 रुपये तक गिर सकता है अगर ग्लोबल रिसेशन की आशंकाएं बढ़ीं। वहीं, सोने के लिए 1,50,000 रुपये का सपोर्ट मजबूत है। ट्रेडर्स को वॉल्यूम मॉनिटर करना चाहिए, जहां आज एमसीएक्स पर गोल्ड का वॉल्यूम 2,649 लॉट्स रहा।
हाल के ट्रेंड्स का विश्लेषण पिछले हफ्ते चांदी ने 4,00,000 रुपये का स्तर पार किया था, लेकिन आज की गिरावट ने उस रैली को पलट दिया। सोने में भी 1,80,000 रुपये का पीक देखा गया, जो अब 11% नीचे है। यह ट्रेंड चीन की इकोनॉमिक स्लोडाउन से जुड़ा है, जहां सिल्वर की बड़ी खपत होती है। भारत में, आरबीआई की गोल्ड रिजर्व पॉलिसी ने बाजार को सपोर्ट दिया, लेकिन प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में कमी आई।
संभावित रिकवरी पॉइंट्स
अगर डॉलर इंडेक्स 105 से नीचे आता है, तो रिकवरी संभव।
इंडियन बजट में अगर गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी घटाई जाती है, तो डिमांड बढ़ेगी।
ग्लोबल जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने पर सेफ हेवन बायिंग शुरू हो सकती है।
कीमतों का घंटावार ब्रेकडाउन
| समय (IST) | सोना (रुपये/10 ग्राम) | चांदी (रुपये/किलोग्राम) | बदलाव (सोना %) | बदलाव (चांदी %) |
|---|---|---|---|---|
| सुबह 9:00 | 1,67,899 | 3,83,898 | – | – |
| दोपहर 12:00 | 1,65,000 | 3,70,000 | -1.67 | -3.58 |
| दोपहर 3:00 | 1,62,500 | 3,51,906 | -1.52 | -5.00 |
| शाम 7:00 | 1,60,300 | 3,34,285 | -1.35 | -5.03 |
यह ब्रेकडाउन दर्शाता है कि शाम 7 बजे के आसपास गिरावट सबसे तेज रही, जो टाइटल से मेल खाता है।
इंडस्ट्री इंपैक्ट ज्वेलरी सेक्टर में यह गिरावट उत्पादन लागत कम कर सकती है, लेकिन एक्सपोर्टर्स को नुकसान। माइनिंग कंपनियां जैसे Hindustan Zinc पर दबाव बढ़ा, जहां स्टॉक 5% गिरा। वहीं, बैंक लोन पर गोल्ड कोलैटरल वैल्यू घटने से क्रेडिट रिस्क बढ़ा।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट स्रोतों से प्राप्त जानकारी और टिप्स पर आधारित है।


