वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट दस्तावेजों के साथ संसद में

Budget 2026 Updates Live: आजाद भारत के इतिहास में पहली बार रविवार को पेश होगा बजट, वित्त मंत्री आम जनता को देंगी बड़ी सौगात

“वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना नौवां बजट पेश करेंगी, जिसमें इनकम टैक्स में राहत, कैपेक्स बढ़ोतरी और सेक्टर-वाइज रिफॉर्म्स पर फोकस रहेगा। इकोनॉमिक सर्वे में GDP ग्रोथ 6.8-7.2% अनुमानित है, जबकि फिस्कल डेफिसिट दिसंबर तक 54.5% लक्ष्य पर पहुंचा। आम जनता को टैक्स स्लैब में बदलाव, हाउसिंग और एमएसएमई सपोर्ट की उम्मीद।”

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह नौवां लगातार बजट होगा, जो स्वतंत्र भारत में पहली बार रविवार को पेश किया जा रहा है। इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में भारत की GDP ग्रोथ FY27 के लिए 6.8 से 7.2 प्रतिशत अनुमानित की गई है, जबकि ग्लोबल अनिश्चितताओं जैसे US टैरिफ और रुपये की कमजोरी का जिक्र किया गया है। फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व रिकॉर्ड हाई $709.41 बिलियन पर पहुंच चुके हैं, जो RBI डेटा के अनुसार अर्थव्यवस्था की मजबूती दर्शाते हैं।

प्रमुख अपडेट्स और उम्मीदें

इनकम टैक्स रिलीफ : टैक्सपेयर्स 15 लाख रुपये तक की इनकम पर जीरो टैक्स की मांग कर रहे हैं। स्टैंडर्ड डिडक्शन को 1 लाख रुपये तक बढ़ाने की उम्मीद है। न्यू टैक्स रिजीम में NPS कंट्रीब्यूशन पर अतिरिक्त बेनिफिट्स मिल सकते हैं, जबकि ओल्ड रिजीम में सेक्शन 80C लिमिट को 2 लाख रुपये करने की चर्चा है।

कैपेक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर : सरकार कैपिटल एक्सपेंडिचर को पिछले साल के 11.11 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये करने की योजना बना रही है। रोड, रेलवे और एयरपोर्ट्स पर फोकस रहेगा, जिसमें PPP मॉडल को मजबूत किया जाएगा।

एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग : PLI स्कीम को क्लीनटेक और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में एक्सटेंड किया जा सकता है। MSME के लिए क्रेडिट सपोर्ट और GST रिफॉर्म्स की उम्मीद, जिसमें TDS सिंपलीफिकेशन शामिल है।

हेल्थकेयर और एजुकेशन : NEP 2020 के इंप्लिमेंटेशन के लिए डिजिटल इंफ्रा और टीचर हायरिंग पर 20% अधिक फंडिंग। हेल्थकेयर में मेडिकल डिवाइसेज पर टैक्स रेशनलाइजेशन और डिजिटल हेल्थ मिशन को बूस्ट।

एग्रीकल्चर और रूरल इकोनॉमी : PM Kisan स्कीम के तहत सालाना सहायता को 6,000 से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने की संभावना। एग्री-स्टार्टअप्स के लिए नई सब्सिडी और इरिगेशन प्रोजेक्ट्स पर 5 लाख करोड़ का निवेश।

डिफेंस सेक्टर : पिछले साल के 6.21 लाख करोड़ से बढ़कर 7 लाख करोड़ का आवंटन संभव, जिसमें मेक इन इंडिया पर जोर। बॉर्डर इंफ्रा और ड्रोन टेक्नोलॉजी पर फोकस।

हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट : Pradhan Mantri Awas Yojana के तहत 2 करोड़ अतिरिक्त घरों का लक्ष्य। अफोर्डेबल हाउसिंग पर टैक्स ब्रेक्स और क्रेडिट सपोर्ट, जिसमें इंदौर जैसे शहरों से कार्बन क्रेडिट मॉडल को नेशनल लेवल पर अपनाना।

क्लाइमेट एक्शन : क्लीनटेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए इंसेंटिव्स, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी पर 1 लाख करोड़ का फंड। कार्बन क्रेडिट्स से शहरों की फाइनेंशियल हेल्थ सुधारने की योजना।

मार्केट इम्पैक्ट : BSE और NSE रविवार को स्पेशल ट्रेडिंग सेशन आयोजित करेंगे। FPI आउटफ्लो $19 बिलियन रहा है, लेकिन बजट से मार्केट रिकवरी की उम्मीद। रुपये की कमजोरी पर RBI इंटरवेंशन जारी।

सेक्टर-वाइज आवंटन की तुलना (पिछले साल vs उम्मीदें)

की पॉइंट्स फ्रॉम इकोनॉमिक सर्वे

GDP ग्रोथ: 6.8-7.2% अनुमान, लेकिन ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस का 10-20% रिस्क।

इन्फ्लेशन: लो लेवल पर स्थिर, कंजम्प्शन स्ट्रॉन्ग।

फिस्कल डेफिसिट: दिसंबर तक 8.55 लाख करोड़, जो टारगेट का 54.5% है।

सेक्टरFY26 आवंटन (लाख करोड़)FY27 उम्मीद (लाख करोड़)प्रमुख बदलाव
डिफेंस6.217.00मेक इन इंडिया बूस्ट
एग्रीकल्चर1.521.80PM Kisan बढ़ोतरी
हेल्थकेयर0.901.10डिजिटल हेल्थ फोकस
एजुकेशन1.201.50NEP इंप्लिमेंटेशन
इंफ्रा11.1112.00PPP मॉडल
एमएसएमई0.220.30PLI एक्सटेंशन

एक्सपोर्ट्स: लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स पर US टैरिफ का असर, लेकिन EU ट्रेड डील से ऑप्टिमिज्म।

जॉब क्रिएशन: स्किल डेवलपमेंट पर फोकस, जिसमें 7 लाख करोड़ का निवेश।

क्लीन एनर्जी: सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता, Viksit Bharat 2047 के लिए 25 साल क्रूशियल।

बैंकिंग: ग्रॉस NPA 2.2% पर गिरा, शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक मजबूत।

फॉरेन इनवेस्टमेंट: M&A वॉल्यूम H1 2025 में $61.3 बिलियन, लेकिन टैक्स लिटिगेशन में 5.4 लाख पेंडिंग अपील्स।

इंडस्ट्री की मांगें और एक्सपर्ट व्यूज

इंडिया इंक कैपिटल गेंस टैक्स में सिंपलीफिकेशन चाहता है, जबकि जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर ड्यूटी और GST रिलीफ की उम्मीद कर रहा है। हेल्थकेयर सेक्टर मेडिकल डिवाइसेज पर टैक्स रेशनलाइजेशन मांग रहा है। इमार्टिकस लर्निंग के फाउंडर का कहना है कि बजट में टीचर हायरिंग और डिजिटल इंफ्रा पर फोकस से लर्निंग आउटकम्स सुधरेंगे। क्लाइमेट एक्शन में इंदौर से सीखते हुए कार्बन क्रेडिट्स से शहरों की फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स सॉल्व हो सकती हैं।

आम जनता के लिए सौगात

वित्त मंत्री आम आदमी को बड़ी राहत देने की तैयारी में हैं। सैलरीड क्लास के लिए TDS सिंपलीफिकेशन, सीनियर सिटिजंस के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर हाई डिडक्शन, और होमबायर्स के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग लोन पर इंटरेस्ट सब्सिडी। सेवर्स को NPS और FD पर बेहतर टैक्स बेनिफिट्स मिल सकते हैं। रूरल एरियाज में जॉब क्रिएशन के लिए स्किल प्रोग्राम्स और स्टार्टअप इंसेंटिव्स। डिफेंस और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स से लाखों जॉब्स क्रिएट होंगे।

ग्लोबल कनेक्ट और रिस्क्स

बजट में EU ट्रेड डील को बूस्ट देने के लिए एक्सपोर्ट इंसेंटिव्स। लेकिन US टैरिफ से लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स प्रभावित। रुपये को सपोर्ट करने के लिए RBI इंटरवेंशन जारी, जबकि FPI आउटफ्लो से मार्केट प्रेशर। क्लीनटेक हब बनने से ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी।

बजट का इम्पैक्ट ऑन मार्केट्स

रविवार को बजट पेश होने से BSE और NSE स्पेशल सेशन चलाएंगे, ताकि इनवेस्टर्स रीयल-टाइम रिएक्ट कर सकें। पिछले महीने FPI विड्रॉल $4 बिलियन रहा, लेकिन बजट से रिकवरी की उम्मीद। गोल्ड और सिल्वर प्राइसेज पर भी असर, जिसमें GST रिलीफ संभव।

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