Tesla Model S और Model X EVs की इमेज, प्रोडक्शन बंद होने की खबर के साथ

Tesla Model S या Model X खरीदनी है तो न चूकें! Q2 2026 में बंद हो जाएगी प्रोडक्शन, तुरंत करें ऑर्डर

“Tesla ने Q4 2025 अर्निंग्स कॉल में Model S और Model X की प्रोडक्शन Q2 2026 के अंत तक बंद करने का ऐलान किया है। Fremont फैक्ट्री को Optimus humanoid robots बनाने के लिए कन्वर्ट किया जाएगा, जो कंपनी की autonomy और AI पर फोकस दर्शाता है। भारतीय ग्राहकों के लिए आयात विकल्प सीमित समय तक उपलब्ध रहेंगे।”

Tesla के CEO Elon Musk ने हालिया निवेशक कॉल में Model S सेडान और Model X SUV की प्रोडक्शन को Q2 2026 के अंत तक पूरी तरह बंद करने की पुष्टि की। यह फैसला कंपनी की रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत है, जहां EV उत्पादन से हटकर humanoid robots और AI पर जोर दिया जा रहा है। Fremont, California स्थित फैक्ट्री, जहां वर्तमान में ये मॉडल्स बनाए जाते हैं, को Optimus robots के मास प्रोडक्शन के लिए रीटूल किया जाएगा। Musk ने इसे “honorable discharge” बताते हुए कहा कि ये मॉडल्स अब कंपनी के भविष्य के autonomy-आधारित विजन से मेल नहीं खाते।

Model S, जो Tesla की पहली मास-मार्केट EV थी, ने 2012 में लॉन्च होकर EV इंडस्ट्री को नया आयाम दिया। इसकी रेंज 652 किलोमीटर तक है, जबकि टॉप स्पीड 322 किमी/घंटा। इसी तरह Model X, 2015 में पेश की गई, falcon-wing doors और 560 किलोमीटर रेंज के साथ लग्जरी SUV सेगमेंट में लोकप्रिय रही। लेकिन हाल के वर्षों में इनकी सेल्स में गिरावट आई, क्योंकि Model 3 और Model Y जैसे अफोर्डेबल ऑप्शन्स ने मार्केट कैप्चर कर लिया। Q4 2025 में Tesla की कुल डिलीवरी 1.8 मिलियन यूनिट्स रही, लेकिन Model S और X की हिस्सेदारी मात्र 5% के आसपास थी।

यह बंदी Tesla की ग्लोबल स्ट्रैटजी का हिस्सा है, जहां कंपनी अब Cybertruck, Semi ट्रक और रोबोटैक्सी जैसे प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है। Optimus robots का तीसरा जनरेशन जल्द अनवील होने वाला है, जिसकी सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी 1 मिलियन यूनिट्स तक पहुंचाने का लक्ष्य है। ये रोबोट्स फैक्ट्री वर्क, होम असिस्टेंस और लॉजिस्टिक्स में इस्तेमाल होंगे, जो Tesla को EV से आगे AI लीडर बनाने में मदद करेंगे।

भारतीय बाजार के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि Tesla ने हाल ही में भारत में एंट्री की प्लानिंग तेज की है। Model S और X वर्तमान में आयात के जरिए उपलब्ध हैं, लेकिन प्रोडक्शन बंद होने से इनकी उपलब्धता सीमित हो जाएगी। वर्तमान में Model S की भारत में एक्स-शोरूम कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये है, जबकि Model X की 1.8 करोड़। आयात ड्यूटी और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट के कारण ये मॉडल्स हाई-एंड सेगमेंट में ही पॉपुलर हैं। बंदी के बाद इस्तेमाल किए गए मॉडल्स या स्टॉक क्लियरेंस पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

Model S और Model X की प्रमुख स्पेसिफिकेशन्स (तुलना टेबल):

विशेषताModel S (Plaid)Model X (Plaid)
रेंज (EPA)652 km560 km
एक्सेलरेशन (0-100 km/h)2.1 सेकंड्स2.6 सेकंड्स
टॉप स्पीड322 km/h262 km/h
बैटरी कैपेसिटी100 kWh100 kWh
सीटिंग कैपेसिटी57 (ऑप्शनल)
कीमत (भारत में अनुमानित)1.5 करोड़ रुपये1.8 करोड़ रुपये
फीचर्सAutopilot, FSD हार्डवेयरFalcon doors, Towing capacity

यह टेबल दर्शाती है कि दोनों मॉडल्स हाई-परफॉर्मेंस EV हैं, लेकिन Model X फैमिली यूज के लिए ज्यादा सूटेबल है।

क्यों हो रही है बंदी? प्रमुख कारण:

सेल्स में गिरावट: Tesla की कुल सेल्स में Model S/X की हिस्सेदारी घटकर 5% रह गई, जबकि Model Y अकेले 50% से ज्यादा योगदान दे रही है।

फैक्ट्री ऑप्टिमाइजेशन: Fremont प्लांट को Optimus प्रोडक्शन के लिए इस्तेमाल करने से कंपनी की AI कैपेबिलिटी बढ़ेगी, जो 2027 तक कमर्शियल सेल्स शुरू करने का प्लान है।

मार्केट शिफ्ट: EV मार्केट अब अफोर्डेबल मॉडल्स की ओर जा रहा है। Tesla की नई रोबोटैक्सी और $25,000 EV पर फोकस इसी ट्रेंड को फॉलो करता है।

कॉस्ट कटिंग: पुराने मॉडल्स की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट हाई है, जबकि नए प्रोजेक्ट्स से रेवेन्यू ग्रोथ 50% सालाना अनुमानित है।

भारतीय इंप्लिकेशन्स: भारत में EV एडॉप्शन 10% तक पहुंच चुका है, लेकिन हाई-एंड मॉडल्स की डिमांड सीमित। बंदी से Mercedes EQS या Audi e-tron जैसे कॉम्पिटिटर्स को फायदा हो सकता है।

ग्राहकों के लिए सलाह: अगर Model S या X खरीदने का प्लान है, तो Tesla की ऑफिशियल वेबसाइट या अधिकृत डीलर्स से तुरंत ऑर्डर प्लेस करें। प्रोडक्शन बंद होने से पहले बैकलॉग क्लियर करने के लिए डिस्काउंट्स मिल सकते हैं। इस्तेमाल किए गए मॉडल्स की सेकंड-हैंड मार्केट में कीमतें बढ़ सकती हैं, लेकिन वॉरंटी और सर्विस सपोर्ट जारी रहेगा।

अल्टरनेटिव ऑप्शन्स:

Tesla Model Y: ज्यादा अफोर्डेबल, 500 km रेंज, भारत में जल्द लॉन्च संभावित।

Cybertruck: ऑफ-रोड कैपेबिलिटी के साथ, लेकिन भारत में रेगुलेटरी हर्डल्स।

कॉम्पिटिटर्स: BMW i7 (रेंज 625 km, कीमत 1.9 करोड़) या Porsche Taycan (एक्सेलरेशन 2.8 सेकंड्स) जैसे मॉडल्स विचार करें।

भारतीय EV: Tata Nexon EV या MG ZS EV जैसे लोकल ऑप्शन्स, जो बजट-फ्रेंडली हैं।

यह बदलाव Tesla को EV से AI डोमिनेंट कंपनी बनाने की दिशा में ले जा रहा है, जहां Optimus robots इंडस्ट्री को रीडिफाइन कर सकते हैं।

Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट वर्तमान ट्रेंड्स और रिपोर्ट्स पर आधारित है।

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