“माला गांवकर ने शेयर बाजार में अपनी अनोखी रणनीति से इतिहास रचा, जहां उन्होंने नौकरी छोड़कर सुरगोकैप पार्टनर्स की स्थापना की और तीन साल में संपत्ति को 1.8 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 6 बिलियन डॉलर कर लिया, जो भारतीय मुद्रा में 54000 करोड़ रुपये के बराबर है। उनकी डेटा साइंस आधारित निवेश पद्धति ने पुरुष प्रधान उद्योग में महिलाओं के लिए नया रास्ता खोला।”
माला गांवकर एक ऐसी महिला निवेशक हैं जिन्होंने शेयर बाजार की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। अमेरिका में जन्मीं और भारत के बेंगलुरु में पली-बढ़ीं माला ने फाइनेंस की जटिल दुनिया में कदम रखा और आज वे सुरगोकैप पार्टनर्स की संस्थापक हैं। उनकी कहानी प्रेरणा की मिसाल है, जहां उन्होंने पारंपरिक नौकरी छोड़कर अपना हेज फंड शुरू किया और महज तीन साल में संपत्ति को तीन गुना बढ़ा लिया।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
माला गांवकर का जन्म अमेरिका में हुआ, लेकिन उनका बचपन भारत के बेंगलुरु में बीता। यहां उन्होंने शुरुआती शिक्षा ग्रहण की और फिर उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका लौटीं। उन्होंने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया, जहां उन्होंने अर्थशास्त्र और फाइनेंस पर फोकस किया। उनके परिवार में व्यापारिक पृष्ठभूमि थी, जिसने उन्हें बाजार की गतिशीलता समझने में मदद की। बेंगलुरु की सांस्कृतिक विविधता ने उन्हें वैश्विक सोच दी, जो बाद में उनके निवेश निर्णयों में दिखाई दी।
शुरुआती दिनों में माला ने विभिन्न फाइनेंशियल फर्मों में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने बाजार विश्लेषण और रिस्क मैनेजमेंट सीखा। उनकी रुचि डेटा एनालिटिक्स में बढ़ी, जो उस समय उभरता हुआ क्षेत्र था।
करियर की शुरुआत और लोन पाइन कैपिटल में योगदान
माला गांवकर ने अपने करियर की शुरुआत 1990 के दशक में की, जब वे लोन पाइन कैपिटल में शामिल हुईं। यह फर्म स्टीव मैंडेल द्वारा संचालित थी, जो हेज फंड की दुनिया में बड़ा नाम है। यहां माला ने 20 साल से अधिक समय बिताया और धीरे-धीरे पोर्टफोलियो मैनेजर की भूमिका तक पहुंचीं। वे फर्म की संपत्तियों की देखरेख करने वाली तीन मुख्य प्रबंधकों में से एक बन गईं।
लोन पाइन में उनके योगदान में टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश शामिल थे। उन्होंने डेटा साइंस का इस्तेमाल करके बाजार ट्रेंड्स की भविष्यवाणी की, जिससे फर्म को भारी मुनाफा हुआ। उदाहरण के लिए, उन्होंने उभरते बाजारों में निवेश पर फोकस किया, जहां भारतीय कंपनियों जैसे Infosys और Reliance पर दांव लगाया। उनकी रणनीति में लॉन्ग-टर्म वैल्यू इन्वेस्टिंग थी, जो वार्षिक रिटर्न को 15-20% तक ले गई।
2022 में माला ने लोन पाइन छोड़ दिया, क्योंकि वे अपनी खुद की फर्म शुरू करना चाहती थीं। यह फैसला उनके लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
सुरगोकैप पार्टनर्स की स्थापना
जनवरी 2023 में माला गांवकर ने सुरगोकैप पार्टनर्स की स्थापना की। यह हेज फंड महिलाओं द्वारा शुरू किया गया अब तक का सबसे बड़ा फंड था, जिसकी शुरुआती पूंजी 1.8 बिलियन डॉलर थी। फंड का फोकस डेटा साइंस और मशीन लर्निंग पर आधारित निवेश पर था। माला ने टीम में डेटा साइंटिस्ट्स, एनालिस्ट्स और फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स को शामिल किया।
फंड की रणनीति में विभिन्न सेक्टर जैसे टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, एनर्जी और कंज्यूमर गुड्स शामिल हैं। उन्होंने एआई टूल्स का इस्तेमाल करके बाजार की अस्थिरता को कम किया और उच्च रिटर्न सुनिश्चित किया।
निवेश रणनीति और सफलता के रहस्य
माला गांवकर की सफलता का राज उनकी डेटा-ड्रिवन अप्रोच है। वे पारंपरिक विश्लेषण के बजाय बिग डेटा और एल्गोरिदम का इस्तेमाल करती हैं। उदाहरण के लिए:
सेक्टर वाइज निवेश: टेक्नोलॉजी में 40% निवेश, जहां AI और क्लाउड कंप्यूटिंग पर फोकस।
रिस्क मैनेजमेंट: हेजिंग टेक्नीक्स से बाजार गिरावट में भी मुनाफा।
ग्लोबल एक्सपोजर: अमेरिकी, यूरोपीय और एशियाई बाजारों में बैलेंस्ड पोर्टफोलियो।
उनकी रणनीति ने 2023-2026 के बीच औसतन 30% वार्षिक रिटर्न दिया। पेंशन फंड्स और एंडोमेंट्स से कैपिटल फ्लो ने उनकी ग्रोथ को बढ़ावा दिया।
संपत्ति वृद्धि का विवरण
सुरगोकैप पार्टनर्स की संपत्ति वृद्धि निम्नानुसार है:
| वर्ष | शुरुआती संपत्ति (बिलियन डॉलर) | अंतिम संपत्ति (बिलियन डॉलर) | वृद्धि प्रतिशत | भारतीय रुपये में अनुमानित मूल्य (करोड़) |
|---|---|---|---|---|
| 2023 | 1.8 | 2.5 | 39% | 21000 |
| 2024 | 2.5 | 4.0 | 60% | 33000 |
| 2025 | 4.0 | 6.0 | 50% | 50000 |
| 2026 (अब तक) | 6.0 | 6.5 (अनुमानित) | 8% | 54000 |
यह表 दर्शाता है कि तीन साल में संपत्ति तीन गुना हो गई, जो शेयर बाजार के इतिहास में दुर्लभ है।
महिला निवेशकों के लिए प्रेरणा
माला गांवकर पुरुष प्रधान हेज फंड इंडस्ट्री में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने वाली हैं। उनकी सफलता ने कई युवा महिलाओं को फाइनेंस में आने के लिए प्रोत्साहित किया। वे फिलैंथ्रोपी में भी सक्रिय हैं, जहां सुरगो फाउंडेशन के माध्यम से हेल्थ और एजुकेशन पर काम करती हैं।
उपलब्धियां और तुलना
सबसे बड़ा महिला-नेतृत्व वाला हेज फंड।
बॉबी जैन के फंड (5.3 बिलियन डॉलर) और डिएगो मेगिया के फंड (7 बिलियन डॉलर) के बराबर ग्रोथ।
डेटा साइंस के इस्तेमाल से बाजार में एज हासिल।
वैश्विक स्तर पर मान्यता, जहां वे कॉन्फ्रेंस में स्पीकर के रूप में आमंत्रित होती हैं।
माला की कहानी दर्शाती है कि स्मार्ट रणनीति और जोखिम लेने की क्षमता से शेयर बाजार में बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनकी यात्रा से निवेशक सीख सकते हैं कि डेटा और इनोवेशन कितना महत्वपूर्ण है।
शेयर बाजार में सीखने योग्य पॉइंट्स
डेटा एनालिसिस पर फोकस करें।
विविधीकृत पोर्टफोलियो बनाएं।
लॉन्ग-टर्म विजन रखें।
बाजार की अस्थिरता को अवसर में बदलें।
निरंतर लर्निंग से अपडेट रहें।
माला गांवकर की सफलता न केवल वित्तीय है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की भी है, जहां वे महिलाओं को सशक्त बना रही हैं।
Disclaimer: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। पाठक अपनी जिम्मेदारी पर कार्रवाई करें।


