“8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर पर विवाद गहराया, जहां FNPO जैसी यूनियंस 3.25 की मांग कर रही हैं, वहीं सरकार वित्तीय दबाव और देरी पर फोकस। सैलरी बढ़ोतरी के कैलकुलेशन से एंट्री लेवल पर 18,000 से 38,700 तक संभावित वृद्धि, DA 60% तक पहुंचने की उम्मीद। यूनियंस 5% वार्षिक इंक्रीमेंट की भी डिमांड कर रही हैं, जबकि सिफारिशें 15-18 महीनों में अपेक्षित।”
केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें अभी 15 से 18 महीनों दूर हैं, लेकिन फिटमेंट फैक्टर को लेकर बहस तेज हो गई है। Federation of National Postal Organisation (FNPO) ने पोस्टल कर्मचारियों के लिए मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 तक प्रस्तावित किया है, जो बेसिक सैलरी में 3.25 गुना बढ़ोतरी का मतलब देता है। यह मांग इसलिए विवादास्पद बनी क्योंकि सरकारी वित्तीय बोझ बढ़ सकता है, खासकर जब ICRA की रिपोर्ट में आयोग की सिफारिशों में देरी की बात कही गई है। National Council of Joint Consultative Machinery (NCJCM) 25 फरवरी को ड्राफ्ट कमिटी के साथ बैठक करने वाली है, जहां विभिन्न यूनियंस की सिफारिशें एकत्र की जाएंगी।
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है जो मौजूदा बेसिक पे को नई सिफारिशों के अनुसार बढ़ाता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, लेकिन अब यूनियंस 3.25 की मांग कर रही हैं ताकि महंगाई और जीवनयापन लागत को बेहतर कवर किया जा सके। विवाद की जड़ यह है कि कम फिटमेंट फैक्टर से ग्रुप डी और सी कर्मचारियों को कम फायदा मिलेगा, जबकि उच्च फैक्टर से सरकारी खजाने पर 1 लाख करोड़ से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। FNPO ने 5% वार्षिक इंक्रीमेंट की भी मांग की है, जो मौजूदा 3% से ज्यादा है, और 7वें आयोग की मैट्रिक्स सिस्टम को बनाए रखने पर जोर दिया ताकि पे प्रोग्रेशन में स्टैग्नेशन कम हो।
DA (Dearness Allowance) की बात करें तो AICPI-IW इंडेक्स के आधार पर यह 59.93% पर पहुंच चुका है, और जनवरी में यह 60% तक बढ़ सकता है। यह हाइक रिटायर्ड कर्मचारियों के पेंशन में भी सीधा असर डालेगा, जहां औसत पेंशन 30,000 से बढ़कर 45,000 तक हो सकती है यदि फिटमेंट 3.0 से ऊपर रहा। आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई हैं, और टर्म्स ऑफ रेफरेंस में सैलरी, अलाउंस और पेंशन रिव्यू शामिल है। देरी के कारण FY2028 तक ही असर दिख सकता है, लेकिन रेट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट से एरियर्स मिलेंगे।
कैलकुलेशन को समझने के लिए विभिन्न फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी बढ़ोतरी के उदाहरण देखें। लेवल 1 (ग्रुप डी एंट्री) में मौजूदा बेसिक पे 18,000 है। यदि फिटमेंट 2.15 होता है, तो नई बेसिक 38,700; 2.57 पर 46,260; 2.86 पर 51,480; और 3.25 पर 58,500 हो सकती है। इसी तरह, लेवल 13 (ग्रुप ए सीनियर) में 1,23,100 से 3.25 फैक्टर पर 4,00,075 तक पहुंच सकती है।
नीचे टेबल में विभिन्न पे लेवल्स पर फिटमेंट फैक्टर के आधार पर अनुमानित नई बेसिक सैलरी दिखाई गई है (DA और HRA अलग से जोड़े जाएंगे):
| पे लेवल | मौजूदा बेसिक पे (रुपये) | फिटमेंट 2.15 (नई बेसिक) | फिटमेंट 2.57 (नई बेसिक) | फिटमेंट 2.86 (नई बेसिक) | फिटमेंट 3.25 (नई बेसिक) |
|---|---|---|---|---|---|
| लेवल 1 (ग्रुप डी) | 18,000 | 38,700 | 46,260 | 51,480 | 58,500 |
| लेवल 2 (ग्रुप सी) | 19,900 | 42,785 | 51,143 | 56,914 | 64,675 |
| लेवल 5 (ग्रुप बी) | 29,200 | 62,780 | 75,044 | 83,512 | 94,900 |
| लेवल 10 (ग्रुप ए) | 56,100 | 1,20,615 | 1,44,177 | 1,60,446 | 1,82,325 |
| लेवल 13 (सीनियर ग्रुप ए) | 1,23,100 | 2,64,665 | 3,16,307 | 3,52,066 | 4,00,075 |
| लेवल 18 (कैबिनेट सेक्रेटरी) | 2,50,000 | 5,37,500 | 6,42,500 | 7,15,000 | 8,12,500 |
यह कैलकुलेशन अनुमानित है, जहां नई बेसिक = मौजूदा बेसिक × फिटमेंट फैक्टर। वास्तविक बढ़ोतरी में DA मर्ज हो सकता है, जो 60% तक पहुंचने पर बेसिक में शामिल किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि DA 60% है और फिटमेंट 3.25, तो एंट्री लेवल कर्मचारी की टोटल सैलरी (HRA 27% मानकर) 1,00,000 से ऊपर जा सकती है।
यूनियंस की मांगों में पेंशन रिव्यू भी शामिल है, जहां ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली पर जोर है। FNPO ने मैट्रिक्स सिस्टम को बनाए रखने की सिफारिश की ताकि प्रोमोशन में पे जंप बेहतर हो। सरकारी पक्ष से देरी का कारण बजट बैलेंसिंग है, क्योंकि आयोग की सिफारिशें लागू होने पर 1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनधारकों को प्रभावित करेंगी। NCJCM की बैठक के बाद अंतिम सिफारिशें आयोग को भेजी जाएंगी, जो 18 महीनों में रिपोर्ट सबमिट करेगा।
कुंजी पॉइंट्स:
फिटमेंट फैक्टर विवाद : 3.25 की मांग से सरकारी खर्च में 20-30% वृद्धि संभव, लेकिन यूनियंस का तर्क है कि महंगाई दर 6% से ऊपर है, इसलिए जरूरी।
वार्षिक इंक्रीमेंट : 5% की डिमांड से लंबे समय में स्टैग्नेशन कम होगा, खासकर ग्रुप बी और सी में।
DA हाइक : 60% DA से जनवरी में सैलरी में 2-3% अतिरिक्त बढ़ोतरी, जो पेंशन में भी लागू।
देरी का असर : सिफारिशें FY2028 तक प्रभावी, लेकिन एरियर्स से कर्मचारियों को बैकडेटेड फायदा।
ग्रुप-वाइज प्रभाव : ग्रुप डी को सबसे ज्यादा प्रतिशत बढ़ोतरी, जबकि ग्रुप ए को एब्सोल्यूट वैल्यू में ज्यादा।
पेंशन कैलकुलेशन : मौजूदा पेंशन × फिटमेंट + DA, उदाहरण- 20,000 पेंशन पर 3.25 फैक्टर से 65,000 आधार, प्लस 60% DA से टोटल 1,04,000।
यदि फिटमेंट 3.25 अपनाया गया, तो औसत कर्मचारी की सैलरी 30-40% बढ़ सकती है, लेकिन सरकारी रिपोर्ट्स में 2.86 तक सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है। आयोग की टर्म्स में अलाउंस रिव्यू भी शामिल है, जैसे HRA को शहरों के आधार पर 30% तक बढ़ाना। कुल मिलाकर, कैलकुलेशन में DA मर्जिंग ключीय है, जो बेसिक को स्थायी रूप से बढ़ाएगा।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट है और इसमें दिए गए टिप्स सलाहकारी हैं। स्रोतों का उल्लेख नहीं किया गया है।


