भारतीय झंडा लहराते हुए कार्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड।

गणतंत्र दिवस पर कविताओं से लैस बेहतरीन भाषण, सुनकर सभी हो जाएंगे मुरीद.

“गणतंत्र दिवस 2026 की थीम ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्षों को केंद्र में रखते हुए यह भाषण देशभक्ति कविताओं से सजा है, जो एकता, प्रगति और यूरोपीय संघ के प्रमुख मेहमानों के साथ भारत की साझेदारी पर जोर देता है। इसमें सरल संरचना, भावुक अपील और प्रेरक संदेश शामिल हैं, जो श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देंगे।”

कार्तव्य पथ पर 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह भाषण ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित है, जिसमें सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और राज्यों के टेबलॉ प्रदर्शित होंगे। भाषण की शुरुआत राष्ट्रीय गान से करें, फिर कविताओं के माध्यम से आगे बढ़ें।

भाषण की मुख्य संरचना

आरंभ भाग : श्रोताओं को संबोधित करें और थीम पर फोकस।

मुख्य भाग : कविताओं से देश की एकता, प्रगति और वैश्विक साझेदारी को उजागर करें।

समापन भाग : प्रेरक नारे और जयकारे।

आरंभ भाग का नमूना

माननीय मुख्य अतिथि, सम्मानित अतिथिगण, साथी देशवासियों और युवा मित्रों,

आज हम भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर एकत्र हुए हैं, जहां ‘वंदे मातरम्’ की धुन हमें अपनी मातृभूमि की याद दिलाती है। इस वर्ष की थीम हमें 150 वर्ष पुरानी उस भावना से जोड़ती है, जो स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज की प्रगति तक हमें प्रेरित करती है।

कविता से शुरू करें: “वंदे मातरम्, सुजलां सुफलां, मलयज शीतलां, शस्य श्यामलां, मातरम्! शुभ्र ज्योत्स्ना पुलकित यामिनीं, पुल्ल स्प्रित गंध, सुंदर वर पुलिनं।”

यह कविता बैंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की है, जो आज भी हमें देश की प्राकृतिक सुंदरता और शक्ति की याद दिलाती है।

मुख्य भाग: देशभक्ति और प्रगति पर फोकस

भारत की एकता को मजबूत करने के लिए, हमारी विविधता हमारी ताकत है। उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम तक, सभी राज्य ‘वंदे मातरम्’ की भावना में एकजुट हैं। इस वर्ष के परेड में छह राज्यों के टेबलॉ ‘वंदे मातरम्’ थीम पर आधारित होंगे, जो सांस्कृतिक धरोहर को दिखाएंगे।

कविता सम्मिलित करें: “एक भारत, श्रेष्ठ भारत, जहां हर दिल में देशभक्ति का जज्बा, गंगा-यमुना की धारा जैसी पवित्र, हमारी एकता है अमर, अटूट। यूरोपीय संघ के साथ साझेदारी, नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी।”

यह कविता भारत की आर्थिक प्रगति पर केंद्रित है, जहां जीडीपी ग्रोथ 7% से ऊपर रहने की उम्मीद है, और यूरोपीय संघ के साथ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप व्यापार को बढ़ावा देगी।

प्रमुख बिंदु तालिका: भाषण में शामिल करने योग्य तथ्य

समापन भाग: प्रेरक अपील

अंत में, सभी को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान करें।

बिंदुविवरणकविता स्निपेट
सैन्य शक्तिभारतीय सेना की 90 मिनट की परेड में मिसाइल सिस्टम और फाइटर जेट्स का प्रदर्शन।“वीरों की भूमि, शौर्य की कहानी, वंदे मातरम् की जयजयकार।”
सांस्कृतिक विविधता30 टेबलॉ में राज्यों की कला और परंपराएं।“रंग-बिरंगे संस्कृति के फूल, एक माला में गूंथे हुए।”
वैश्विक संबंधमुख्य अतिथियों के साथ भारत-ईयू समिट 27 जनवरी को।“दुनिया के साथ कदम से कदम, भारत की नई उड़ान।”
युवा प्रेरणास्टार्टअप इंडिया से 1 लाख से अधिक स्टार्टअप्स।“युवा शक्ति, नई क्रांति, वंदे मातरम् का नया स्वर।”

कविता से समाप्त करें: “जय हिंद, जय भारत, वंदे मातरम् की पुकार, हर दिल में बसती है यह धुन, हमारा देश अमर रहेगा सदा।”

यह भाषण 10-15 मिनट का रखें, जिसमें कविताएं भावुकता बढ़ाएं और श्रोता मुग्ध हो जाएं।

Disclaimer: यह रिपोर्ट सूत्रों पर आधारित है।

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