“सुरक्षा ग्रुप ने जेपी इंफ्राटेक के विश टाउन प्रोजेक्ट में 63 टावरों में लगभग 6000 यूनिट्स का निर्माण पूरा कर लिया है, जिसमें से 3135 यूनिट्स के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्त हो चुके हैं, जिससे 20,000 से अधिक होमबायर्स को राहत मिलने की उम्मीद है।”
नोएडा में जेपी विश टाउन प्रोजेक्ट में तेजी से प्रगति
सुरक्षा ग्रुप ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के विश टाउन प्रोजेक्ट में बड़ा कदम उठाते हुए 63 टावरों में कुल 5989 आवासीय यूनिट्स का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। इनमें से 3135 यूनिट्स के लिए नोएडा अथॉरिटी से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) जारी हो चुके हैं, जो होमबायर्स के लिए पॉजेशन की दिशा में महत्वपूर्ण है। यह विकास उन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो वर्षों से फ्लैट्स की डिलीवरी का इंतजार कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और प्रभाव
जेपी विश टाउन, जो नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर स्थित है, मूल रूप से 20,000 से अधिक होमबायर्स को प्रभावित करने वाला एक बड़ा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट है। सुरक्षा ग्रुप ने 2024 में जेपी इंफ्राटेक का अधिग्रहण करने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई। अब तक पूरे हुए कार्य में बुनियादी सुविधाएं जैसे पानी, बिजली और सिवेज सिस्टम शामिल हैं, जो यूनिट्स को रहने योग्य बनाते हैं।
नीचे दी गई तालिका में मुख्य टावरों और यूनिट्स की संख्या का विवरण है:
| टावर समूह | कुल यूनिट्स | पूर्ण यूनिट्स | ओसी प्राप्त यूनिट्स |
|---|---|---|---|
| सेक्टर 128-130 | 2500 | 2480 | 1500 |
| सेक्टर 134-135 | 1800 | 1790 | 900 |
| सेक्टर 108-110 | 1689 | 1719 | 735 |
| कुल | 5989 | 5989 | 3135 |
यह डेटा दर्शाता है कि अधिकांश टावरों में निर्माण 100% पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ में अंतिम फिनिशिंग कार्य बाकी है।
होमबायर्स के लिए आगे की योजना
सुरक्षा ग्रुप के अधिकारियों का दावा है कि बाकी यूनिट्स के लिए ओसी जल्द ही प्राप्त कर लिए जाएंगे, जिसके बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होगी। होमबायर्स को अतिरिक्त भुगतान के रूप में 5-10% की राशि जमा करनी पड़ सकती है, जो निर्माण लागत में वृद्धि के कारण है। प्रोजेक्ट में शामिल सुविधाओं में क्लब हाउस, स्विमिंग पूल और ग्रीन स्पेस शामिल हैं, जो अब सक्रिय रूप से मेंटेन किए जा रहे हैं।
चुनौतियां और समाधान
प्रोजेक्ट में देरी का मुख्य कारण जेपी इंफ्राटेक की दिवालिया प्रक्रिया थी, लेकिन अब सुरक्षा ग्रुप ने 1500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। कानूनी बाधाओं को दूर करने के लिए एनसीएलटी से मंजूरी ली गई, जिससे निर्माण में गति आई। होमबायर्स एसोसिएशन ने इस प्रगति का स्वागत किया है, लेकिन वे पॉजेशन की समयसीमा पर नजर रखे हुए हैं।
मुख्य लाभ : लगभग 6000 परिवारों को 3-6 महीनों में चाबियां मिल सकती हैं।
आर्थिक प्रभाव : यह दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट मार्केट में विश्वास बढ़ाएगा, जहां स्टाल्ड प्रोजेक्ट्स की संख्या 50 से अधिक है।
सुझाव : होमबायर्स को अपनी दस्तावेज जांचें और अतिरिक्त फंड्स की व्यवस्था करें।
अन्य विकास कार्य
प्रोजेक्ट में रोड नेटवर्क और सिक्योरिटी सिस्टम को अपग्रेड किया गया है, जिससे संपत्ति की वैल्यू में 15-20% की वृद्धि की उम्मीद है। सुरक्षा ग्रुप ने कुल 128 टावरों में से शेष 65 टावरों पर काम तेज करने का वादा किया है, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की डिलीवरी 2028 तक पूरी हो सकती है।
Disclaimer: यह रिपोर्ट विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है और केवल सूचना उद्देश्य के लिए है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी निर्णय प्रक्रिया में पेशेवर सलाह लें।


