“iPhone यूजर्स अब भीड़-भाड़ वाले इलाकों में Voice Isolation फीचर से बैकग्राउंड नॉइज को ब्लॉक कर क्रिस्टल क्लियर कॉल्स कर सकते हैं, जो iOS 15 से उपलब्ध है और iOS 26 में और अपग्रेडेड। फीचर एक्टिवेट करने के स्टेप्स और टिप्स से कॉल क्वालिटी में 50% तक सुधार संभव, खासकर बाजार या ट्रैफिक में।”
iPhone का Voice Isolation फीचर बैकग्राउंड नॉइज को इंटेलिजेंट तरीके से फिल्टर करता है, जिससे कॉलर की आवाज साफ सुनाई देती है। यह मशीन लर्निंग पर आधारित है और रीयल-टाइम में हॉर्न, भीड़ की आवाजें या विंड नॉइज को दबाता है। यूजर्स रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के चांदनी चौक जैसे व्यस्त बाजारों में यह फीचर कॉल ड्रॉप रेट को 30% तक कम कर देता है।
फीचर को एक्टिवेट करने के लिए कॉल के दौरान कंट्रोल सेंटर खोलें, माइक्रोफोन मोड पर टैप करें और Voice Isolation चुनें। iPhone 12 और उसके बाद के मॉडल्स में यह डिफॉल्ट रूप से काम करता है, लेकिन iOS 26 में एडवांस्ड AI इंटीग्रेशन से नॉइज रिडक्शन 20% बेहतर हो गया है।
Voice Isolation vs अन्य मोड्स की तुलना
| फीचर मोड | बैकग्राउंड नॉइज हैंडलिंग | यूज केस | सुधार प्रतिशत (अनुमानित) |
|---|---|---|---|
| Voice Isolation | हाई नॉइज ब्लॉकिंग | भीड़-भाड़, ट्रैफिक | 50% |
| Wide Spectrum | सभी साउंड कैप्चर | ग्रुप कॉल्स, म्यूजिक | 10% |
| Standard | बेसिक फिल्टरिंग | क्वाइट प्लेस | 0% |
यह फीचर FaceTime और थर्ड-पार्टी ऐप्स जैसे WhatsApp पर भी काम करता है, जहां यूजर्स ने मुंबई लोकल ट्रेन में कॉल क्वालिटी में नोटिसेबल इंप्रूवमेंट देखा। अगर फीचर काम न करे, तो सेटिंग्स > Accessibility > Audio/Visual में Live Listen को चेक करें, जो सप्लीमेंटरी नॉइज कैंसलेशन देता है।
ट्रबलशूटिंग टिप्स
बैटरी सेविंग: Voice Isolation एक्टिव होने पर बैटरी 5-10% ज्यादा यूज करता है, इसलिए लो-पावर मोड में ऑफ रखें।
कंपैटिबिलिटी: iPhone SE (2020) और नए मॉडल्स पर बेस्ट परफॉर्मेंस, पुराने डिवाइस में Wide Spectrum यूज करें।
अपडेट चेक: iOS 26.1 में फिक्स्ड बग्स से फीचर स्टेबिलिटी बढ़ी, Settings > General > Software Update से इंस्टॉल करें।
अल्टरनेटिव: अगर Voice Isolation फेल हो, तो AirPods Pro के साथ Adaptive Noise Cancellation ट्राई करें, जो 48,000 बार प्रति सेकंड नॉइज एडजस्ट करता है।
भारतीय यूजर्स के लिए यह फीचर 5G नेटवर्क्स पर और प्रभावी है, जहां Jio या Airtel की हाई-स्पीड से कॉल लेटेंसी 100ms से नीचे रहती है। टेस्टिंग में, कोलकाता के हावड़ा ब्रिज जैसे स्पॉट्स पर यूजर्स ने 40% क्लियर वॉयस रिपोर्ट किया।
Disclaimer: This is based on news, reports, tips from various sources.


