“सोने की कीमतों ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ा, स्पॉट प्राइस 4,950 USD प्रति औंस पर पहुंचा जो 5,000 USD के बेहद करीब है; भारत में 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड 1,62,548 रुपये पर ट्रेड हो रहा; तेजी के 5 प्रमुख कारण: ब्याज दरों में कमी की उम्मीदें, सेंट्रल बैंकों की खरीदारी, भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर अमेरिकी डॉलर और निवेशकों की सुरक्षित आश्रय मांग; Goldman Sachs ने 2026 अंत तक 5,400 USD का लक्ष्य तय किया।”
सोने की कीमतों में हालिया उछाल ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है, जहां स्पॉट प्राइस 4,950 USD प्रति ट्रॉय औंस पर ट्रेड हो रहा है, जो 5,000 USD के ऐतिहासिक स्तर से महज कुछ डॉलर दूर है। इस स्तर पर पहुंचने से पहले, जनवरी 2026 की शुरुआत में ही सोना 4,300 USD से ऊपर ट्रेड हो रहा था, लेकिन पिछले हफ्ते में 11% की वृद्धि दर्ज की गई। भारत में, जहां सोना निवेश और सांस्कृतिक महत्व दोनों रखता है, 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,62,548 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि 22 कैरेट 1,49,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। दिल्ली में यह 1,62,548 रुपये, मुंबई में 1,60,705 रुपये और चेन्नई में 1,60,777 रुपये पर उपलब्ध है।
यह उछाल 2025 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ रहा है, जब सोना 4,000 USD के पार गया था। वैश्विक स्तर पर, गोल्ड फ्यूचर्स 4,832 USD पर बंद हुए, जबकि सिल्वर भी 98 USD प्रति औंस पर पहुंचकर साथ दे रहा है। निवेशक अब सोने को मुद्रास्फीति और आर्थिक अनिश्चितता के खिलाफ हेज के रूप में देख रहे हैं।
सोने की कीमतों का हालिया ट्रेंड
नीचे दी गई तालिका में सोने की कीमतों का 2026 में अब तक का प्रदर्शन दिखाया गया है (USD प्रति औंस और INR प्रति 10 ग्राम):
| समयावधि | USD प्रति औंस | INR प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) | प्रतिशत बदलाव |
|---|---|---|---|
| जनवरी शुरुआत | 4,300 | 1,40,000 | – |
| 1 सप्ताह पहले | 4,700 | 1,52,000 | +9.3% |
| वर्तमान | 4,950 | 1,62,548 | +5.3% (साप्ताहिक) |
| 2025 अंत | 4,000 | 1,30,000 | +23.75% (वार्षिक) |
यह डेटा KITCO और APMEX जैसे प्लेटफॉर्म से लिया गया है, जहां रीयल-टाइम ट्रैकिंग दिखाती है कि सोना अब Goldman Sachs के 5,400 USD के 2026 लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। भारत में, USD-INR एक्सचेंज रेट 91.52 पर होने से कीमतें और ऊंची हो गई हैं।
तेजी की 5 प्रमुख वजहें
1. ब्याज दरों में कमी की उम्मीदें
अमेरिकी Federal Reserve की नीतियां सोने की कीमतों को सीधे प्रभावित कर रही हैं। 2026 में ब्याज दरों को 2.5% तक घटाने की संभावना से निवेशक सोने की ओर मुड़ रहे हैं, क्योंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता लेकिन कम दरों में इसका आकर्षण बढ़ता है। J.P. Morgan के अनुसार, गिरती दरें सोने को US Treasuries का विकल्प बनाती हैं। इससे ETF में इनफ्लो 500 मिलियन USD से अधिक हो गया है। भारत में, RBI की समान नीतियां स्थानीय बाजार को सपोर्ट कर रही हैं।
2. सेंट्रल बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी
चीन और भारत जैसे देशों के सेंट्रल बैंक सोने को USD से विविधीकरण के लिए खरीद रहे हैं। World Gold Council के डेटा से पता चलता है कि 2026 में अब तक 1,200 टन सोना खरीदा गया, जो 2025 के 1,000 टन से अधिक है। Reserve Bank of India ने 100 टन जोड़ा, जबकि People’s Bank of China 300 टन पर है। यह संरचनात्मक मांग सोने को स्थिर रखती है, खासकर जब वैश्विक कर्ज स्तर 300 ट्रिलियन USD पार कर चुके हैं।
3. भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार विवाद
अमेरिका-यूरोप के बीच Greenland पर विवाद और मध्य पूर्व में जारी संघर्ष सोने को सुरक्षित आश्रय बना रहे हैं। US President के टैरिफ थ्रेट्स से वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है, जिससे निवेशक स्टॉक मार्केट से सोने में शिफ्ट हो रहे हैं। Ukraine युद्ध की निरंतरता और AI निवेश जोखिमों से अनिश्चितता बढ़ी है। Barron’s रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये फैक्टर सोने को 5,000 USD की ओर धकेल रहे हैं। भारत में, ऐसे तनाव आयात शुल्क बढ़ा सकते हैं, लेकिन मांग मजबूत बनी हुई है।
4. कमजोर अमेरिकी डॉलर
USD इंडेक्स 90 के नीचे गिरा है, जो सोने के लिए सकारात्मक है क्योंकि सोना USD में मूल्यांकित होता है। कमजोर डॉलर से उभरते बाजारों में सोना सस्ता लगता है, जिससे मांग बढ़ी। Economic Times के अनुसार, US-EU व्यापार विवादों से डॉलर 2% गिरा, जिसने सोने में 5% उछाल लाया। भारत में, INR की मजबूती (91.52 प्रति USD) से स्थानीय कीमतें प्रभावित हो रही हैं, लेकिन वैश्विक ट्रेंड मजबूत है।
5. निवेशकों की बढ़ती मांग और हेजिंग
निवेशक सोने को मुद्रास्फीति, कर्ज और नीति अनिश्चितता के खिलाफ हेज मान रहे हैं। GLD ETF में रिकॉर्ड इनफ्लो देखा गया, जहां होल्डिंग्स 1,500 टन पार कर गईं। WSJ के अनुसार, स्टॉक मार्केट की ओवरवैल्यूएशन (S&P 500 पर 25x P/E) से निवेशक सोने में आ रहे हैं। भारत में, MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स वॉल्यूम 20% बढ़ा, जहां रिटेल निवेशक डिजिटल गोल्ड ऐप्स जैसे Groww और Paytm Money के जरिए खरीद रहे हैं।
ये वजहें मिलकर सोने को 2026 में और ऊंचाई दे सकती हैं, जहां विशेषज्ञ 5,400 USD का अनुमान लगा रहे हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन लंबी अवधि में सोना मजबूत दिख रहा है।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट है, निवेश सलाह नहीं। स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित।


