“निफ्टी 50 ने जनवरी की शुरुआत में 26,340 की रिकॉर्ड ऊंचाई छुई, लेकिन अमेरिकी टैरिफ धमकी से फिसलकर 25,600 पर सपोर्ट पाया; बाजार में गिरावट जारी, लेकिन घरेलू मजबूती से रिकवरी संभव।”
निफ्टी 50 ने जनवरी में 26,340 पॉइंट्स की रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की, लेकिन उसके बाद लगातार गिरावट आई। इंडेक्स 25,940 से नीचे उतरकर 25,623 के लो तक पहुंचा, जहां से सपोर्ट मिला और क्लोजिंग 25,683 पर हुई। यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा समर्थित उस बिल से जुड़ी है, जो रूस से तेल व्यापार करने वाले देशों जैसे भारत, चीन और ब्राजील पर 500% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव करता है।
इस टैरिफ से भारतीय निर्यात प्रभावित हो सकता है, खासकर ऑटो, फार्मा और आईटी सेक्टर में, जहां यूएस मार्केट का हिस्सा बड़ा है। बाजार में ऑयल एंड गैस सेक्टर 2.8% गिरा, जबकि कुल इंडेक्स में 0.75% की कमी आई। हालांकि, सपोर्ट लेवल 25,600 पर मजबूत दिख रहा है, जो 50-डे मूविंग एवरेज के करीब है।
हालिया निफ्टी लेवल्स की तालिका
| तारीख | ओपन | हाई | लो | क्लोज | चेंज (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| 9 जनवरी | 25,840 | 25,941 | 25,623 | 25,683 | -0.75 |
| 8 जनवरी | 26,107 | 26,133 | 25,841 | 26,107 | -0.12 |
| 7 जनवरी | 26,143 | 26,187 | 26,000 | 26,143 | -0.18 |
| 2 जनवरी | 26,155 | 26,334 | 26,129 | 26,329 | +0.70 |
| 1 जनवरी | 26,174 | 26,174 | 26,000 | 26,147 | +0.06 |
यह तालिका दिखाती है कि रिकॉर्ड हाई से फिसलन के बाद 25,600-25,700 रेंज में स्थिरता आई।
टैरिफ का असर और बाजार की ताकत
निर्यात पर दबाव : 500% टैरिफ से भारत के यूएस एक्सपोर्ट में 120 बिलियन डॉलर तक का नुकसान हो सकता है, जिससे कंपनियां जैसे Tata Motors और Infosys प्रभावित होंगी।
सेक्टर-वाइज प्रभाव : ऑयल सेक्टर में गिरावट तेज, लेकिन बैंकिंग और FMCG सेक्टर जैसे HDFC Bank और HUL में रेजिलिएंस दिखा, जहां 1-2% की रिकवरी हुई।
रिकवरी की संभावना : घरेलू इकोनॉमी मजबूत है, GDP ग्रोथ 7% के करीब अनुमानित। अगर टैरिफ बिल पास नहीं होता, तो बाजार 26,000 पार कर सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि FII आउटफ्लो कम होने पर बुल रन लौटेगा।
ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी : शॉर्ट टर्म में 25,600 को सपोर्ट मानकर बाय ऑन डिप अपनाएं, लेकिन टैरिफ न्यूज पर नजर रखें। लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए EV और रिन्यूएबल एनर्जी स्टॉक्स में अवसर।
बाजार की दम दिखाने की क्षमता घरेलू पॉलिसी पर निर्भर करेगी, जैसे RBI की रेट कट्स या बजट अनाउंसमेंट्स। अगर टैरिफ सिर्फ धमकी साबित होता है, तो निफ्टी 27,000 तक जा सकता है।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट स्रोतों से प्राप्त जानकारी और टिप्स पर आधारित है।


