“भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात ने 2025 में 4 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड पार किया, जो मोबाइल फोन और आईफोन शिपमेंट से प्रेरित है, रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रहा है और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की स्थिति मजबूत कर रहा है।”
भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है, जहां 2025 में कुल निर्यात 4 लाख करोड़ रुपये (करीब 48.2 बिलियन डॉलर) को पार कर गया। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के 3.3 लाख करोड़ रुपये से काफी ऊपर है, जो 23.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मोबाइल फोन निर्यात इस उछाल का मुख्य ड्राइवर रहा, जिसमें आईफोन जैसे प्रीमियम डिवाइस की शिपमेंट में तेजी आई।
इस सफलता से भारत की वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में हिस्सेदारी बढ़ी है, जो चीन की प्रमुखता को चुनौती दे रही है। जहां चीन अभी भी इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में अग्रणी है, वहीं भारत की तेज विकास दर उसे वैकल्पिक हब के रूप में स्थापित कर रही है। सरकारी योजनाओं जैसे PLI स्कीम ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया, जिससे निर्यात में मूल्य वृद्धि हुई।
प्रमुख निर्यात आइटम और उनका योगदान
निर्यात की संरचना में बदलाव आया है, जहां मोबाइल फोन ने कुल निर्यात का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा लिया। अन्य क्षेत्रों में कंपोनेंट्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की भूमिका बढ़ी। यहां एक तालिका है जो प्रमुख श्रेणियों को दर्शाती है:
| श्रेणी | 2025 निर्यात (लाख करोड़ रुपये में) | वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि (%) |
|---|---|---|
| मोबाइल फोन | 1.6 | 35 |
| आईटी हार्डवेयर | 0.8 | 28 |
| कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स | 0.9 | 22 |
| कंपोनेंट्स | 0.7 | 30 |
यह डेटा दर्शाता है कि मोबाइल सेक्टर ने सबसे अधिक योगदान दिया, जिसमें Apple और Samsung जैसे ब्रांड्स की फैक्टरियां भारत में विस्तार कर रही हैं।
रोजगार और आर्थिक प्रभाव
इस निर्यात बूम से 25 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए, मुख्य रूप से तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में। विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि से रुपये की स्थिरता मजबूत हुई, जो आयात बिल को संतुलित करने में मददगार साबित हो रही है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में चार नए प्लांट्स 2026 में चालू होने वाले हैं, जो निर्यात को और बढ़ाएंगे।
चीन पर प्रभाव
भारत की यह सफलता चीन के लिए चिंता का विषय बनी है, क्योंकि वैश्विक कंपनियां ‘चाइना प्लस वन’ स्ट्रैटजी अपनाकर भारत की ओर रुख कर रही हैं। जहां चीन का निर्यात अभी भी भारत से कई गुना अधिक है, वहीं भारत की विकास दर (38 प्रतिशत FY26 के पहले आठ महीनों में) उसे तेजी से पकड़ने की स्थिति में ला रही है। यह ट्रेंड भारत को 120 बिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य की ओर ले जा रहा है।
Disclaimer: यह खबर रिपोर्ट्स और स्रोतों पर आधारित है।


