“2026 में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है, जहां सोना 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,75,000 से 3,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। प्रमुख फैक्टर्स में भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंक खरीदारी, औद्योगिक मांग और मुद्रास्फीति शामिल हैं, जो निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह देते हैं।”
जनवरी 2026 में सोने की कीमतें 1,38,000 से 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही हैं, जबकि चांदी 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी 2026 के अंत तक जारी रह सकती है, जहां HSBC और JP Morgan जैसे बैंक सोने को 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगा रहे हैं। भारतीय बाजार में यह 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है। चांदी के लिए UBS ने 85 से 100 डॉलर प्रति औंस का लक्ष्य रखा है, जो भारतीय रुपए में 2,75,000 से 3,00,000 प्रति किलोग्राम तक ले जा सकता है।
वर्तमान कीमतें और हालिया बदलाव
| धातु | वर्तमान कीमत (INR) | मासिक बदलाव (%) | वार्षिक अनुमान (2026 अंत) |
|---|---|---|---|
| सोना (24K, प्रति 10 ग्राम) | 1,39,000 | +2.5 | 1,50,000 |
| चांदी (प्रति किलोग्राम) | 2,60,000 | +3.9 | 2,75,000-3,00,000 |
ये आंकड़े केंद्रीय बैंक रिजर्व बढ़ाने और टैरिफ अनिश्चितताओं से प्रभावित हैं, जो कीमतों को ऊपर धकेल रहे हैं।
प्रमुख फैक्टर्स पर नजर
भू-राजनीतिक जोखिम : अमेरिका-चीन व्यापार विवाद और मध्य पूर्व तनाव सोने को सुरक्षित निवेश बनाते हैं, जिससे कीमतें 15% तक बढ़ सकती हैं।
केंद्रीय बैंक खरीदारी : RBI और अन्य बैंक 2026 में सोने के रिजर्व बढ़ा सकते हैं, जो मांग को 5-10% बढ़ाएगा।

