एक स्मार्टफोन को मेट्रो गेट पर टैप करते हुए व्यक्ति, डिजिटल टिकटिंग को दर्शाता हुआ।

मोबाइल फोन बनेगा आपका मेट्रो कार्ड! न टिकट की लाइन, सेटअप करना भी आसान

“दिल्ली मेट्रो ने NFC-enabled मोबाइल फोन को स्मार्ट कार्ड के रूप में इस्तेमाल करने की सुविधा शुरू की है, जहां यूजर्स DMRC ऐप के जरिए बैलेंस रिचार्ज कर सकते हैं। यह फीचर Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है, जो QR कोड स्कैनिंग से आगे बढ़कर टैप-एंड-गो अनुभव देता है। मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता मेट्रो भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रही हैं, जिससे दैनिक यात्रियों को समय की बचत और कैशलेस ट्रांजैक्शन का लाभ मिलेगा। सेटअप में सिर्फ ऐप डाउनलोड, KYC वेरिफिकेशन और NFC एक्टिवेशन की जरूरत है, जो 5 मिनट में पूरा होता है।”

मोबाइल फोन से मेट्रो यात्रा कैसे आसान बनेगी?

भारत की प्रमुख मेट्रो सिस्टम्स में मोबाइल फोन को डिजिटल कार्ड के रूप में बदलने की प्रक्रिया तेजी से अपनाई जा रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने हाल ही में घोषणा की कि NFC (Near Field Communication) तकनीक वाले स्मार्टफोन अब फिजिकल स्मार्ट कार्ड की जगह ले सकते हैं। इससे यूजर्स को टिकट काउंटर पर लाइन लगाने या कार्ड रिचार्ज करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। DMRC के आंकड़ों के अनुसार, दैनिक 60 लाख यात्रियों में से 40% पहले से ही डिजिटल टिकटिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं, और NFC इंटीग्रेशन से यह संख्या 2026 के अंत तक 70% तक पहुंच सकती है।

यह सुविधा Android फोन पर Google Pay या DMRC ऐप के माध्यम से काम करती है, जहां यूजर्स अपना फोन गेट पर टैप करके एंट्री कर सकते हैं। iOS यूजर्स के लिए Apple Wallet में इंटीग्रेशन उपलब्ध है, जो Express Mode में बिना ऐप ओपन किए काम करता है। मुंबई मेट्रो (MMRDA) ने भी इसी तरह की सुविधा शुरू की है, जहां M-Indicator ऐप के जरिए NFC टैप से यात्रा संभव है। बेंगलुरु मेट्रो (BMRCL) में WhatsApp-बेस्ड टिकटिंग के साथ NFC को जोड़ा गया है, जो यूजर्स को UPI से इंस्टेंट रिचार्ज करने की सुविधा देता है।

सेटअप प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

मोबाइल को मेट्रो कार्ड बनाने के लिए सेटअप बेहद सरल है। यहां विस्तृत चरण दिए गए हैं:

ऐप डाउनलोड करें : DMRC, MMRDA या BMRCL के ऑफिशियल ऐप को Play Store या App Store से इंस्टॉल करें। उदाहरण के लिए, दिल्ली में DMRC Momentum ऐप इस्तेमाल करें।

KYC वेरिफिकेशन : आधार या PAN से लिंक करें। यह प्रक्रिया 2 मिनट में पूरी होती है और RBI गाइडलाइंस के अनुसार अनिवार्य है।

NFC एक्टिवेशन : फोन सेटिंग्स में NFC ऑन करें। Android में Settings > Connected Devices > NFC, iOS में Control Center से।

बैलेंस रिचार्ज : UPI, Debit Card या Net Banking से न्यूनतम 100 रुपये ऐड करें। DMRC में ऑटो-रिचार्ज ऑप्शन उपलब्ध है, जो बैलेंस 50 रुपये से कम होने पर स्वतः रिचार्ज करता है।

टेस्ट ट्रांजैक्शन : किसी मेट्रो स्टेशन पर टैप करके चेक करें। अगर इश्यू हो, तो ऐप के सपोर्ट सेक्शन से संपर्क करें।

यह सेटअप एक बार का है, और उसके बाद हर यात्रा में सिर्फ फोन टैप करना पड़ता है। DMRC के सर्वे के मुताबिक, 85% यूजर्स ने इसे पारंपरिक कार्ड से तेज बताया है।

प्रमुख शहरों में उपलब्धता और फीचर्स की तुलना

नीचे दी गई टेबल में भारत की प्रमुख मेट्रो सिस्टम्स में मोबाइल-बेस्ड टिकटिंग की तुलना की गई है:

शहरऐप/प्लेटफॉर्मNFC सपोर्टरिचार्ज ऑप्शनदैनिक यूजर्स (लाख में)विशेष फीचर
दिल्लीDMRC MomentumहांUPI, Card, Wallet60ऑटो-रिचार्ज, QR बैकअप
मुंबईM-Indicator, Mumbai MetroहांUPI, Paytm15इंटीग्रेटेड ट्रेन ट्रैकिंग
बेंगलुरुNamma Metro, WhatsAppहांUPI, Google Pay10वॉइस कमांड टिकटिंग
कोलकाताKolkata Metro Appजल्दUPI8मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन
चेन्नईChennai Metro RailहांCard, UPI5सस्टेनेबल ट्रैवल रिवॉर्ड्स

इस तुलना से साफ है कि दिल्ली और मुंबई सबसे आगे हैं, जबकि कोलकाता मेट्रो 2026 के मध्य तक NFC रोलआउट की योजना बना रही है। BMRCL के फीचर्स में वॉइस असिस्टेंट शामिल है, जो हिंदी और कन्नड़ में काम करता है।

सुरक्षा और प्राइवेसी फीचर्स

मोबाइल मेट्रो कार्ड में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। DMRC ऐप में एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन इस्तेमाल होता है, जो PCI DSS स्टैंडर्ड्स का पालन करता है। अगर फोन खो जाए, तो ऐप से रिमोट लॉक ऑप्शन उपलब्ध है, जिससे बैलेंस ट्रांसफर किया जा सकता है। RBI के नियमों के तहत, हर ट्रांजैक्शन पर OTP या Biometric वेरिफिकेशन जरूरी है। मुंबई मेट्रो में AI-बेस्ड फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम है, जो असामान्य पैटर्न पर अलर्ट भेजता है।

यूजर्स की प्राइवेसी के लिए, डेटा सिर्फ ट्रांजैक्शन के लिए स्टोर होता है और GDPR-लाइक गाइडलाइंस फॉलो की जाती हैं। DMRC ने 2025 में एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें बताया गया कि डिजिटल टिकटिंग से फ्रॉड केस 30% कम हुए हैं।

यात्रियों के लिए लाभ और चुनौतियां

समय बचत : पारंपरिक टिकटिंग में औसत 5 मिनट लगते हैं, जबकि मोबाइल टैप में सिर्फ 2 सेकंड।

कॉस्ट इफेक्टिव : कोई कार्ड इश्यू फीस नहीं, और UPI से कैशबैक ऑफर्स (जैसे PhonePe पर 10% तक)।

एक्सेसिबिलिटी : विकलांग यूजर्स के लिए वॉइस-ओवर सपोर्ट, जो स्क्रीन रीडर के साथ काम करता है।

चुनौतियां : पुराने फोन में NFC न होना (केवल 2018 के बाद के मॉडल में उपलब्ध), और नेटवर्क इश्यूज। DMRC ने सुझाव दिया है कि ऑफलाइन मोड में QR बैकअप इस्तेमाल करें।

ट्रेंड्स : 2026 में 5G इंटीग्रेशन से रीयल-टाइम क्राउड मॉनिटरिंग ऐड होगी, जो व्यस्त समय में अलर्ट देगी।

एडवांस्ड यूज केस और फ्यूचर प्लान्स

मोबाइल मेट्रो कार्ड को बस और लोकल ट्रेन के साथ इंटीग्रेट करने की योजनाएं हैं। दिल्ली में ONDC (Open Network for Digital Commerce) के तहत, एक ही ऐप से मल्टी-मोडल टिकटिंग संभव होगी। मुंबई में MMRDA ने पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया, जहां Uber या Ola से कनेक्टेड मेट्रो टिकट ऑटो-बुक होता है। बेंगलुरु में EV चार्जिंग स्टेशंस के साथ इंटीग्रेशन प्लान है, जो सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देगा।

NPCI के सहयोग से, UPI AutoPay फीचर ऐड किया गया है, जो मंथली पास को ऑटोमेटिक रिन्यू करता है। 2026 के बजट में, सरकार ने डिजिटल ट्रांसपोर्ट पर 500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिससे मेट्रो नेटवर्क में NFC गेट्स को 100% कवर किया जाएगा।

टिप्स: मैक्सिमम लाभ कैसे उठाएं

हमेशा फोन की बैटरी 20% से ऊपर रखें, क्योंकि NFC बैटरी-डिपेंडेंट है।

ऐप अपडेट्स चेक करें, क्योंकि नए फीचर्स जैसे रिवॉर्ड पॉइंट्स ऐड होते रहते हैं।

अगर NFC काम न करे, तो ऐप में QR जनरेट करें।

प्राइवेसी सेटिंग्स में डेटा शेयरिंग को लिमिट करें।

फैमिली प्लान में एक अकाउंट से मल्टीपल फोन लिंक करें।

यह तकनीक न केवल सुविधाजनक है, बल्कि पर्यावरण-अनुकूल भी, क्योंकि प्लास्टिक कार्ड्स की जरूरत कम हो जाती है। DMRC का अनुमान है कि इससे सालाना 1 लाख कार्ड्स की बचत होगी।

Disclaimer: यह लेख सूचना उद्देश्यों के लिए है और पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक स्रोतों से नवीनतम अपडेट्स की जांच करें। प्रदान की गई जानकारी सामान्य है और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर लागू नहीं हो सकती।

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