“हाल की भारी बर्फबारी ने हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में पर्यटकों को फंसा दिया, जहां मनाली के पास 15 किमी जाम और शिमला में सड़कें बंद होने से वाहन छोड़ने पड़े; इस लेख में वाहन तैयारी, जरूरी सामान की सूची और फंसने पर बचाव के तरीके बताए गए हैं, जो जान बचा सकते हैं।”
जनवरी 2026 में हिमालय क्षेत्र में दो पश्चिमी विक्षोभों के कारण भारी बर्फबारी हुई, जिसने गुलमर्ग, मनाली, शिमला, मसूरी और धनौल्टी जैसे इलाकों को सफेद चादर से ढक दिया। मनाली में मौसम की पहली भारी बर्फबारी के बाद 8 किमी लंबा जाम लगा, जहां पर्यटक घंटों फंसे रहे। उत्तराखंड के न्यू टिहरी और उत्तरकाशी में बर्फ से जुड़ी घटनाओं में 32 लोग घायल हुए, जबकि हिमाचल में सूखे मौसम का अंत होने पर सड़कें बंद हो गईं और बिजली कट गई। ऐसे में पहाड़ी सफर के लिए कार से जाना जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन सही तैयारी से इसे सुरक्षित बनाया जा सकता है।
वाहन की तैयारी: बर्फीले रास्तों के लिए जरूरी चेकलिस्ट
पहाड़ी यात्रा शुरू करने से पहले वाहन को बर्फ-सहने लायक बनाना जरूरी है। हाल की घटनाओं में कई कारें स्लिप होकर फिसलीं, क्योंकि टायरों में ग्रिप नहीं थी। यहां एक चेकलिस्ट है:
टायर चेन : बर्फ पर ग्रिप के लिए स्नो चेन लगाएं। ये चेन कार के टायरों पर फिट होती हैं और फिसलन रोकती हैं। बाजार में Bridgestone या Michelin जैसे ब्रांड उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 2,000 से 5,000 रुपये तक है।
एंटी-फ्रीज कूलेंट : इंजन को जमने से बचाने के लिए कूलेंट में एंटी-फ्रीज मिलाएं। ठंड में पानी जम सकता है, जो इंजन फेल कर देता है।
बैटरी चेक : ठंड में बैटरी कमजोर हो जाती है। पूरी तरह चार्ज बैटरी रखें और jumper cables साथ लें।
वाइपर और लाइट्स : बर्फीले मौसम में विजिबिलिटी कम होती है, इसलिए वाइपर ब्लेड नए रखें और हेडलाइट्स, फॉग लाइट्स काम कर रही हों।
फ्यूल टैंक : हमेशा फुल टैंक रखें, क्योंकि जाम में घंटों इंजन चलाना पड़ सकता है।
यात्रा के दौरान रखें ये जरूरी सामान: बर्फ में फंसने से बचाव
| सामान | उपयोग | क्यों जरूरी |
|---|---|---|
| टायर चेन | बर्फ पर ग्रिप | मनाली जाम में कई कारें फिसलीं, चेन से रोका जा सकता था |
| jumper cables | बैटरी स्टार्ट | ठंड में बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है |
| एंटी-फ्रीज | इंजन सुरक्षा | तापमान -10 डिग्री तक गिरने पर पानी जमता है |
| फॉग लाइट्स | विजिबिलिटी | शिमला में कम दृश्यता से एक्सीडेंट बढ़े |
बर्फबारी में फंसने की स्थिति में सामान जीवनरक्षक साबित होता है। कश्मीर घाटी में हाल की बारिश और बर्फ के बाद तापमान गिरा, जहां पर्यटक बिना तैयारी के फंस गए। यहां जरूरी सामान की विस्तृत सूची है, जो फंसने पर काम आएंगे:
वार्म क्लोथिंग और ब्लैंकेट्स : थर्मल इनर्स, वूलन जैकेट, ग्लव्स, कैप और वाटरप्रूफ बूट्स रखें। इमरजेंसी के लिए थर्मल ब्लैंकेट्स, जो स्पेस कम लेते हैं लेकिन गर्मी देते हैं। उत्तरकाशी में घायलों को ठंड से ज्यादा नुकसान हुआ।
फर्स्ट एड किट : बैंडेज, एंटीसेप्टिक, पेनकिलर, थर्मामीटर और altitude sickness की दवाएं जैसे Diamox। पहाड़ों में चोट लगने पर तुरंत इलाज जरूरी।
फूड और वाटर : एनर्जी बार, ड्राई फ्रूट्स, चॉकलेट और कम से कम 5 लीटर पानी। डिहाइड्रेटेड फूड पैकेट्स रखें, जो बर्फ में गर्म पानी से बन जाते हैं। मनाली में फंसे पर्यटकों को भूख से परेशानी हुई।
टूल्स और इक्विपमेंट : शॉवेल (बर्फ खोदने के लिए), टॉर्च, extra batteries, पोर्टेबल चार्जर और rope। बर्फ में कार फंसने पर शॉवेल से रास्ता साफ करें।
कम्युनिकेशन डिवाइस : सैटेलाइट फोन या extra power bank वाला मोबाइल। GPS ऐप्स जैसे Google Maps ऑफलाइन डाउनलोड करें, क्योंकि नेटवर्क कमजोर होता है।
इमरजेंसी लाइट्स और सिग्नल : रिफ्लेक्टिव ट्रायंगल, फ्लेयर गन या LED flares। रात में फंसने पर अन्य वाहनों को सिग्नल दें।
कार एक्सेसरीज : विंडशील्ड डी-आइसर स्प्रे, टायर इन्फ्लेटर और spare tire। ठंड में टायर प्रेशर गिरता है, जिससे फिसलन बढ़ती है।
इन सामानों से सुसज्जित होकर यात्रा करें, क्योंकि गुलमर्ग में हाल की बर्फबारी ने कई सड़कें ब्लॉक कर दीं, और पर्यटक घंटों इंतजार करते रहे।
फंसने की स्थिति में क्या करें: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
अगर बर्फ में फंस जाएं, तो पैनिक न करें। शिमला में हाल की बर्फबारी में कई पर्यटकों ने वाहन छोड़ दिए, लेकिन सही कदम से बचा जा सकता था। यहां गाइड:
कार में रहें : बाहर निकलने से ठंडक बढ़ती है। इंजन चालू रखें, लेकिन कार्बन मोनोऑक्साइड से बचने के लिए एग्जॉस्ट पाइप साफ रखें।
हेल्प कॉल करें : 100 या 112 पर कॉल करें। हिमाचल और उत्तराखंड में NDRF टीमें सक्रिय हैं, जो हाल की घटनाओं में रेस्क्यू कर रही हैं।
बर्फ साफ करें : शॉवेल से टायरों के आसपास बर्फ हटाएं और चेन लगाएं। रॉक सॉल्ट या कैट लिटर बर्फ पिघलाने के लिए इस्तेमाल करें।
एनर्जी बचाएं : लाइट्स और हीटर कम इस्तेमाल करें। ग्रुप में रहें और बॉडी हीट शेयर करें।
सिग्नल दें : हॉर्न बजाएं या flares जलाएं। मसूरी में ट्रैफिक जाम में यह तरीका काम आया।
हाइड्रेशन और फूड : छोटे-छोटे हिस्सों में खाएं, ताकि एनर्जी बनी रहे।
अतिरिक्त टिप्स: मौसम और रूट प्लानिंग
| स्थिति | कदम | संभावित जोखिम |
|---|---|---|
| कार फंसना | शॉवेल से बर्फ हटाएं | हाइपोथर्मिया |
| बैटरी डेड | jumper cables यूज करें | इंजन फेल |
| कम विजिबिलिटी | फॉग लाइट्स ऑन | एक्सीडेंट |
| ठंड बढ़ना | ब्लैंकेट्स यूज | फ्रॉस्टबाइट |
IMD के अनुसार, जनवरी 2026 में पश्चिमी विक्षोभ 19 जनवरी से सक्रिय हुए, जिससे मनाली और शिमला में पीक बर्फबारी हुई। यात्रा से पहले मौसम ऐप्स जैसे AccuWeather चेक करें। अल्टरनेटिव रूट चुनें, जैसे चंडीगढ़ से मनाली जाते समय अतिरिक्त फ्यूल स्टेशन नोट करें। ग्रुप में यात्रा करें और लोकल अथॉरिटी से परमिशन लें। उत्तराखंड में कई सड़कें बंद हैं, इसलिए RTO अपडेट फॉलो करें।
ये तैयारी हाल की घटनाओं से सीख लेकर की गई हैं, जहां बिना सामान के फंसने से नुकसान बढ़ा। सही सामान से सफर सुरक्षित और यादगार बनेगा।
Disclaimer: This news report provides tips based on expert advice and recent events from various sources.


